{"_id":"6845d3780814e09464012ce0","slug":"anil-will-return-home-from-saudi-before-20-june-deoria-news-c-208-1-sgkp1008-155581-2025-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: 20 जून के पहले हो जाएगी सऊदी से अनिल की वतन वापसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: 20 जून के पहले हो जाएगी सऊदी से अनिल की वतन वापसी
Sun, 08 Jun 2025 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 08 Jun 2025 11:46 PM IST
विज्ञापन
सऊदी अरब में फंसा अनिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रुद्रपुर। सऊदी अरब स्थित एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सात माह से फंसे छितही बाजार निवासी युवक की 20 जून से पहले वतन वापसी हो जाएगी।
युवक के परिवार वालों का कहना है कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी उससे दो बार संपर्क साध चुके हैं। बकरीद की छुट्टी खत्म होते ही वहां फंसे 180 मजदूरों की निकासी शुरू हो जाएगी। सऊदी अरब में 15 जून तक बकरीद की छुट्टी रहेगी। सेंडन कंपनी में फंसे 38 वर्षीय अनिल निषाद के घर वापसी का रास्ता खुलने के बाद उसके परिवार के लोग सुकून महसूस कर रहे हैं।
वह मार्च 23 में सऊदी अरब स्थित अंतरराष्ट्रीय कंस्ट्रक्शन कंपनी सेडन इंटरनेशनल में श्रमिक के तौर पर कमाने गया था। सात माह पहले कंपनी बंद हो गई। कंपनी में करीब चार सौ श्रमिकों का वीजा-पासपोर्ट जब्त कर लिया गया।
कंपनी बंद हो जाने के बाद सभी मजदूर कंपनी के अंदर फंस गए हैं। परदेश में भारत और नेपाल के चार सौ श्रमिकों को दाने-दाने को मोहताज होना पड़ा। अनिल का हाल जान उसके घर वाले परेशान हो गए। घर वालों ने सात माह तक बेटे को भारत से रुपये भेजकर खाने-पीने का इंतजाम किया।
विज्ञापन
यह सात महीना परिवार के लिए सबसे कठिन दौर रहा। परिवार का एक मात्र कमाऊ पुत्र की जिंदगी अंधकार में होने से घर पर बुजुर्ग मां-पिता, अनिल के दो बच्चों और पत्नी संगीता बेहाल हो गई।
परिवार वालों ने सांसद और केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान से गुहार लगाई। केंद्रीय मंत्री ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर अनिल की वतन वापसी कराने का अनुरोध किया।
जिला पंचायत सदस्य सुनील निषाद भी युवक के वापसी के लिए लगातार दूतावास में ट्वीट करते रहे। अमर उजाला में देश के करीब दो सौ श्रमिकों की हालात की सिलसिलेवार खबर प्रकाशित होने पर दूतावास को सक्रिय होना पड़ा। वतन वापसी का रास्ता बनने के बाद मां रामवती देवी और अनिल की पत्नी संगीता के चेहरे पर सुकून झलक रहा है। उन लोगों ने कहा कि अनिल को बचाने में जिन लोगों ने सहयोग दिया है, उनका एहसान आजीवन भूलने वाला नहीं है। पिता चांदबली ने रविवार को बताया कि बेटे से रोज बात हो रही है। उसके वापसी का हम लोग एक-एक दिन गिन रहे हैं। उसने कहा है कि 20 जून के पहले ही वह घर वापस आ जाएगा। दूतावास के अधिकारियों ने अंतिम निकासी का सूची बनाकर तैयार कर ली है। दूतावास बकरीद की छुट्टी के कारण 15 जून तक बंद रहेगा।
विज्ञापन
रुद्रपुर। सऊदी अरब स्थित एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सात माह से फंसे छितही बाजार निवासी युवक की 20 जून से पहले वतन वापसी हो जाएगी।
युवक के परिवार वालों का कहना है कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी उससे दो बार संपर्क साध चुके हैं। बकरीद की छुट्टी खत्म होते ही वहां फंसे 180 मजदूरों की निकासी शुरू हो जाएगी। सऊदी अरब में 15 जून तक बकरीद की छुट्टी रहेगी। सेंडन कंपनी में फंसे 38 वर्षीय अनिल निषाद के घर वापसी का रास्ता खुलने के बाद उसके परिवार के लोग सुकून महसूस कर रहे हैं।
वह मार्च 23 में सऊदी अरब स्थित अंतरराष्ट्रीय कंस्ट्रक्शन कंपनी सेडन इंटरनेशनल में श्रमिक के तौर पर कमाने गया था। सात माह पहले कंपनी बंद हो गई। कंपनी में करीब चार सौ श्रमिकों का वीजा-पासपोर्ट जब्त कर लिया गया।
विज्ञापन
कंपनी बंद हो जाने के बाद सभी मजदूर कंपनी के अंदर फंस गए हैं। परदेश में भारत और नेपाल के चार सौ श्रमिकों को दाने-दाने को मोहताज होना पड़ा। अनिल का हाल जान उसके घर वाले परेशान हो गए। घर वालों ने सात माह तक बेटे को भारत से रुपये भेजकर खाने-पीने का इंतजाम किया।
विज्ञापन
यह सात महीना परिवार के लिए सबसे कठिन दौर रहा। परिवार का एक मात्र कमाऊ पुत्र की जिंदगी अंधकार में होने से घर पर बुजुर्ग मां-पिता, अनिल के दो बच्चों और पत्नी संगीता बेहाल हो गई।
परिवार वालों ने सांसद और केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान से गुहार लगाई। केंद्रीय मंत्री ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर अनिल की वतन वापसी कराने का अनुरोध किया।
जिला पंचायत सदस्य सुनील निषाद भी युवक के वापसी के लिए लगातार दूतावास में ट्वीट करते रहे। अमर उजाला में देश के करीब दो सौ श्रमिकों की हालात की सिलसिलेवार खबर प्रकाशित होने पर दूतावास को सक्रिय होना पड़ा। वतन वापसी का रास्ता बनने के बाद मां रामवती देवी और अनिल की पत्नी संगीता के चेहरे पर सुकून झलक रहा है। उन लोगों ने कहा कि अनिल को बचाने में जिन लोगों ने सहयोग दिया है, उनका एहसान आजीवन भूलने वाला नहीं है। पिता चांदबली ने रविवार को बताया कि बेटे से रोज बात हो रही है। उसके वापसी का हम लोग एक-एक दिन गिन रहे हैं। उसने कहा है कि 20 जून के पहले ही वह घर वापस आ जाएगा। दूतावास के अधिकारियों ने अंतिम निकासी का सूची बनाकर तैयार कर ली है। दूतावास बकरीद की छुट्टी के कारण 15 जून तक बंद रहेगा।