Deoria News: समय रहते चेती होती पुलिस तो बच गई होती अनिल की जान, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह से जब बात हुई तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि घटना के दिन शाम चार बजे से नौ बजे रात तक मुख्यालय पर मीटिंग में थे। जब यहां आए तो घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि अगर अनिल ने तहरीर दी थी तो किसे और कहां। इसकी जांच की जा रही है। जरूरत पड़ी तो सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर निकलवाएंगे।
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पिपरा मिश्र अनिल चतुर्वेदी हत्याकांड में यहां की पुलिस की चूक और लापरवाही नजर आ रही है। घटना से पहले अनिल ने स्वयं थाने पर पहुंचकर मारपीट, परिवार की सुरक्षा और जानमाल के भय का जिक्र करते हुए तहरीर दी थी। तहरीर देने के बाद गांव पर पुलिस के जाने के इंतजार में वह घंटों थाना गेट के बाहर ही बैठे रहे। जब पुलिस नहीं गई तो अंत में थक-हारकर देर शाम को मायूस होकर वह घर निकल गए। परिजनों और गांव वालों का कहना है कि समय रहते पुलिस चेती होती तो शायद अनिल की जान बच गई होती। अनिल ने पुलिस को तहरीर के साथ आरोपी के हाथ में कुल्हाड़ी लिए फोटो भी संलग्न की थी।
पिपरा मिश्र के रहने वाले अनिल चतुर्वेदी दिल्ली में परिवार सहित रहते थे। होली पर्व के दौरान गांव आए थे। सहन की जमीन के लिए हुए विवाद में शनिवार की रात पट्टीदारों ने उनकी हत्या कर दी। हत्यारोपियों ने घटना से पहले अनिल की मां और बहन को भी मारा-पीटा था। गांव आने के बाद अनिल चतुर्वेदी ने थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की तहरीर देते हुए, उसमें सुरक्षा की मांग का जिक्र किया था।
तहरीर में आशंका जताई थी कि तत्काल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे परिवार की जानमाल का खतरा है। बावजूद इसके पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उधर, हमलावरों ने अनिल की जान ले ली। गांववालों का कहना है कि समय रहते पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया होता तो यह घटना नहीं होती।
इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि अनिल ने तहरीर दी तो किसको दी। जांच करा रहा हूं। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
तहरीर पड़ी तो आसमान खा गया या जमीन निगल गई
इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह से जब बात हुई तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि घटना के दिन शाम चार बजे से नौ बजे रात तक मुख्यालय पर मीटिंग में थे। जब यहां आए तो घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि अगर अनिल ने तहरीर दी थी तो किसे और कहां। इसकी जांच की जा रही है। जरूरत पड़ी तो सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर निकलवाएंगे।
पांचों हत्यारोपियों को भेजा गया जेल
अनिल चतुर्वेदी हत्याकांड के पांचों हत्यारोपियों को सोमवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सभी हत्यारोपियों को पिपरा मिश्र गांव से पहले स्थित काली मंदिर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने रविवार को ही पांचों हत्यारोपियों के खिलाफ हत्या और बलवा सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर मयफोर्स पिपरा मिश्र गांव से पहले काली मंदिर पर पहुंचा। वहां पुलिस की गाड़ी देखकर सभी हत्यारोपी भागने लगे। दौड़ाकर सभी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में अपना नाम प्रद्युम्न उर्फ प्रदीप चतुर्वेदी, रमेश चंद चतुर्वेदी, सूरज कुमार, शिल्पी देवी और आशीष उपाध्याय बताया। इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई। सभी को दर्ज मुकदमे के तहत जेल भेज दिया गया। सुरक्षा के दृष्टिगत गांव में पुलिस फोर्स तैनात है।