{"_id":"671aad3f1812d9caed0483d5","slug":"additional-district-judge-inspected-the-prison-deoria-news-c-208-1-sgkp1009-138392-2024-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: अपर जिला जज ने कारागार का किया निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: अपर जिला जज ने कारागार का किया निरीक्षण
Fri, 25 Oct 2024 01:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 25 Oct 2024 01:55 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जनपद न्यायाधीश देवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में बृहस्पतिवार को प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। जेल में यूटीआरसी कैंपेन तृतीय फेज के लिए प्राधिकरण की ओर से बंदियों के संबंध में की गई कार्रवाई से उनसे मिलकर अवगत कराया। उन्होंने कारागार में स्थापित लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण दिल्ली (नालसा) की ओर से जारी एसओपी के अनुसार कार्य करने के लिए संबंधित को निर्देश दिए।
प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज ने कारागार में स्थापित लीगल एंड क्लीनिक में शिकायत पेटिका लगाने का जेल अधीक्षक को निर्देश दिया। उन्होंने ऐसे विचाराधीन बंदियों जिनके खिलाफ अधिकतम सात वर्ष के दंडादेश संबंधित आपराधिक विचारण लंबित हैं और वे कारागार में निरुद्ध हैं, से संबंधित मामलों पर भी विचार-विमर्श किया। साथ ही जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की समस्याओं को सुना। उन्होंने निशुल्क अधिवक्ता, जमानतदार उपलब्ध कराने, बंदियों के लिए नियमित रूप से दवा उपलब्ध कराने, महिला कैदियों के साथ रह रहे बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जनपद न्यायाधीश देवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में बृहस्पतिवार को प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। जेल में यूटीआरसी कैंपेन तृतीय फेज के लिए प्राधिकरण की ओर से बंदियों के संबंध में की गई कार्रवाई से उनसे मिलकर अवगत कराया। उन्होंने कारागार में स्थापित लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण दिल्ली (नालसा) की ओर से जारी एसओपी के अनुसार कार्य करने के लिए संबंधित को निर्देश दिए।
प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज ने कारागार में स्थापित लीगल एंड क्लीनिक में शिकायत पेटिका लगाने का जेल अधीक्षक को निर्देश दिया। उन्होंने ऐसे विचाराधीन बंदियों जिनके खिलाफ अधिकतम सात वर्ष के दंडादेश संबंधित आपराधिक विचारण लंबित हैं और वे कारागार में निरुद्ध हैं, से संबंधित मामलों पर भी विचार-विमर्श किया। साथ ही जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की समस्याओं को सुना। उन्होंने निशुल्क अधिवक्ता, जमानतदार उपलब्ध कराने, बंदियों के लिए नियमित रूप से दवा उपलब्ध कराने, महिला कैदियों के साथ रह रहे बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन