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बेकाबू कार की चपेट में आने से युवक की मौत
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प्रदीप की मौत के बाद बच्चों के साथ रोती बिलखती पत्नी शशिप्रभा।
- फोटो : DEORIA
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बेकाबू कार की चपेट में आने से युवक की मौत
हेलमेट का लॉक न फंसाने से सिर में लगी चोट बनी मौत की वजह
अमर उजाला ब्यूरो
खुखुंदू। मुसैला चौराहे पर मंगलवार को कार की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार की टक्कर के बाद बाइक सवार हवा में उछल गया। पुलिस चालक को हिरासत में ले लिया है।
मईल थाना क्षेत्र के दिघड़ा सोमारी (पिपरहियां) निवासी प्रदीप कुमार भारती (30) अपने छोटे भाई अमित कुमार का एक स्कूल में दाखिला कराने के बाद उसे देवरिया में ही परिवार के पास छोड़कर गांव लौट रहा था। इसी दौरान मुसैला चौराहे पर पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार की टक्कर के बाद प्रदीप हवा में उछल पड़ा, जबकि उसकी बाइक भी कुछ दूर पर जाकर गिर गई। प्रदीप ने हेलमेट पहना था, मगर लॉक न फंसाने से हेलमेट गिर गया। सिर में चोट लगने से ही मौके पर उसकी मौत हो गई। एक माह पहले बच्चों की पढ़ाई के लिए पत्नी शशिप्रभा और भाई अमित को किराए का कमरा लेकर देवरिया में रखा था। प्रदीप के पिता रामअशीष विदेश में रहते हैं। इंस्पेक्टर श्यामलाल यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। चाचा सुरेश भारती की तहरीर पर कार चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
फोटो समाचार....
हमके पापा के लगे जाए द...
सात साल के बेटे अंजिके के मुंह से यह शब्द निकलते ही हर कोई बरबस रो पड़ा
विनय कुमार राय
खुखुंदू। कुछ देर पहले पत्नी से एक-दो दिन में मिलने का वादा कर बेटा-बेटी और भाई से मिलकर घर के लिए चले प्रदीप को क्या पता था कि परिवार से यह उसका आखिर मिलन है। सड़क हादसे में मौत की खबर सुन पत्नी शशिप्रभा के मानों पैरों तले जमीन खिसक गई। पलभर में ही हंसते खेलते परिवार की खुशियां गम में बदल गईं। घटना के बाद बच्चों और देवर के साथ थाने पहुंची पत्नी शशिप्रभा पति की एक झलक पाने के लिए बेचैन थी। शव देखते ही दहाड़े मारकर कहने लगी अब बाबू लोग के बेटा कहे वाला दुनिया छोड़ गइलन... तो सात साल का बेटा अंजिके रोते हुए हमके पापा लगे जाए द... कहकर जमीन पर गिर जा रहा था। पत्नी, बेटे के करुण क्रंदन से हर कोई गमगीन दिखा।
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मईल थाना क्षेत्र के दिघड़ा सोमारी निवासी प्रदीप गांव पर मुर्गी पालन कर परिवार की जीविका चलाता था। बेटे अंजिके (7), बेटी श्रेया (5) को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए एक माह पहले देवरिया ले जाकर रखा। परिवार की देखरेख के लिए उसने छोटे भाई अमित का भी 11वीं में मंगलवार को एडमिशन करा दिया। मुर्गी पालन का कारोबार होने से देखरेख के लिए उसे घर पर रहना जरूरी था। प्रदीप ने एक साल पहले कारोबार शुरू किया था। कारोबार के लिए उसने दो बैंकों से तकरीबन 15 लाख रुपये कर्ज भी लिया है। इसके अलावा पिता रामअशीष ने भी कुछ सहयोग किया था। घटना के बाद पत्नी बच्चे बदहवास हैं। पत्नी शशिप्रभा रोते हुए कह रही थीं कि कुछ देर पहिले ही बबुनिया के डॉक्टर से देखा के गइले ह.. .हमके का पता रहल ह कि हमनी के हमेशा हमेशा के लिए छोड़के चल जइहें। उधर, बीमार मां शुभावती देवी देर शाम तक घटना से अंजान रहीं। बड़ी बहन माधुरी ससुराल से तो छोटी बहन पूनम, अल्का घर से सीधे थाने पहुंच भाई के अंतिम दर्शन के लिए बेताब दिखी।
इनसेट
हेलमेट पहनने में भी सावधानी जरूरी
खुखुंदू। भाई अमित कुमार और पत्नी शशिप्रभा का कहना था कि जब उन्हें कहीं निकलना होता था तो हेलमेट लेकर ही निकलते थे। कभी-कभार हेलमेट छूट जाता था तो रास्ते से लौट आते थे। घटना के समय भी प्रदीप हेलमेट पहने थे, मगर वह बेल्ट लगाना भूल गए थे, जो जानलेवा साबित हुआ।
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हेलमेट का लॉक न फंसाने से सिर में लगी चोट बनी मौत की वजह
अमर उजाला ब्यूरो
खुखुंदू। मुसैला चौराहे पर मंगलवार को कार की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार की टक्कर के बाद बाइक सवार हवा में उछल गया। पुलिस चालक को हिरासत में ले लिया है।
मईल थाना क्षेत्र के दिघड़ा सोमारी (पिपरहियां) निवासी प्रदीप कुमार भारती (30) अपने छोटे भाई अमित कुमार का एक स्कूल में दाखिला कराने के बाद उसे देवरिया में ही परिवार के पास छोड़कर गांव लौट रहा था। इसी दौरान मुसैला चौराहे पर पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार की टक्कर के बाद प्रदीप हवा में उछल पड़ा, जबकि उसकी बाइक भी कुछ दूर पर जाकर गिर गई। प्रदीप ने हेलमेट पहना था, मगर लॉक न फंसाने से हेलमेट गिर गया। सिर में चोट लगने से ही मौके पर उसकी मौत हो गई। एक माह पहले बच्चों की पढ़ाई के लिए पत्नी शशिप्रभा और भाई अमित को किराए का कमरा लेकर देवरिया में रखा था। प्रदीप के पिता रामअशीष विदेश में रहते हैं। इंस्पेक्टर श्यामलाल यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। चाचा सुरेश भारती की तहरीर पर कार चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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हमके पापा के लगे जाए द...
सात साल के बेटे अंजिके के मुंह से यह शब्द निकलते ही हर कोई बरबस रो पड़ा
विनय कुमार राय
खुखुंदू। कुछ देर पहले पत्नी से एक-दो दिन में मिलने का वादा कर बेटा-बेटी और भाई से मिलकर घर के लिए चले प्रदीप को क्या पता था कि परिवार से यह उसका आखिर मिलन है। सड़क हादसे में मौत की खबर सुन पत्नी शशिप्रभा के मानों पैरों तले जमीन खिसक गई। पलभर में ही हंसते खेलते परिवार की खुशियां गम में बदल गईं। घटना के बाद बच्चों और देवर के साथ थाने पहुंची पत्नी शशिप्रभा पति की एक झलक पाने के लिए बेचैन थी। शव देखते ही दहाड़े मारकर कहने लगी अब बाबू लोग के बेटा कहे वाला दुनिया छोड़ गइलन... तो सात साल का बेटा अंजिके रोते हुए हमके पापा लगे जाए द... कहकर जमीन पर गिर जा रहा था। पत्नी, बेटे के करुण क्रंदन से हर कोई गमगीन दिखा।
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मईल थाना क्षेत्र के दिघड़ा सोमारी निवासी प्रदीप गांव पर मुर्गी पालन कर परिवार की जीविका चलाता था। बेटे अंजिके (7), बेटी श्रेया (5) को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए एक माह पहले देवरिया ले जाकर रखा। परिवार की देखरेख के लिए उसने छोटे भाई अमित का भी 11वीं में मंगलवार को एडमिशन करा दिया। मुर्गी पालन का कारोबार होने से देखरेख के लिए उसे घर पर रहना जरूरी था। प्रदीप ने एक साल पहले कारोबार शुरू किया था। कारोबार के लिए उसने दो बैंकों से तकरीबन 15 लाख रुपये कर्ज भी लिया है। इसके अलावा पिता रामअशीष ने भी कुछ सहयोग किया था। घटना के बाद पत्नी बच्चे बदहवास हैं। पत्नी शशिप्रभा रोते हुए कह रही थीं कि कुछ देर पहिले ही बबुनिया के डॉक्टर से देखा के गइले ह.. .हमके का पता रहल ह कि हमनी के हमेशा हमेशा के लिए छोड़के चल जइहें। उधर, बीमार मां शुभावती देवी देर शाम तक घटना से अंजान रहीं। बड़ी बहन माधुरी ससुराल से तो छोटी बहन पूनम, अल्का घर से सीधे थाने पहुंच भाई के अंतिम दर्शन के लिए बेताब दिखी।
इनसेट
हेलमेट पहनने में भी सावधानी जरूरी
खुखुंदू। भाई अमित कुमार और पत्नी शशिप्रभा का कहना था कि जब उन्हें कहीं निकलना होता था तो हेलमेट लेकर ही निकलते थे। कभी-कभार हेलमेट छूट जाता था तो रास्ते से लौट आते थे। घटना के समय भी प्रदीप हेलमेट पहने थे, मगर वह बेल्ट लगाना भूल गए थे, जो जानलेवा साबित हुआ।