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Deoria News: आधार बन रहा नामांकन में रोड़ा, एक माह में हुए 23,700
Sat, 03 May 2025 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 03 May 2025 11:46 PM IST
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देवरिया। जिले के परिषदीय स्कूलों में नामांकन को लेकर विभागीय अधिकारी और शिक्षक लगातार प्रयास कर रहे हैं। बीते अप्रैल माह में 23,700 नए नामांकन हुए हैं।
शिक्षकों का कहना है कि नामांकन कराने आए छात्रों के पास आधार कार्ड न होना और सरकारी स्कूलों के अगल-बगल ही निजी विद्यालयों का चलना भी नामांकन में रोड़ा बन रहा है।
परिषदीय स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत के बाद से ही नामांकन को लेकर सर्वाधिक जोर दिया जा रहा है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर कई बार स्कूल चलो अभियान चलाया जा चुका है। नामांकन बढ़ाने के लिए विभागीय अधिकारी भी शिक्षकों पर लगातार दबाव दे रहे हैं। इधर, भले ही बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों के खिलाफ जांच कार्रवाई कुछ विकास खंडों में हुई हो, अभी भी जिले के सभी विकास खंडों में यह स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं।
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समुचित कार्रवाई न होने से भी इसे लेकर बेसिक के शिक्षकों में नाराजगी है। उधर, शिक्षक संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि बिना मान्यता के तो निजी स्कूल चल ही रहे हैं। अन्य निजी स्कूलों को भी प्राथमिक स्कूलों के आसपास व नजदीक ही चलाने की मान्यता दे दी गई है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या जिले में काफी है। ऐसे में नामांकन प्रभावित हो रहा है। उधर देवरिया सदर के प्राथमिक विद्यालय सरौरा नंबर एक के प्रधानाध्यापक नरेंद्र मोहन सिंह ने बताया कि आधार रहेगा तभी डीबीटी सत्यापन के दौरान शासन की योजनाओं का लाभ संबंधित छात्र को मिलेगा।
हालांकि, आधार के अभाव में भी नामांकन हो रहा है। बच्चे की जन्मतिथि प्रमाण पत्र बना है तो नामांकन किया जा रहा है। आधार डीबीटी व अपार आईडी के लिए अनिवार्य है, लेकिन डीबीटी प्रक्रिया के सत्यापन के दौरान आधार का रहना अनिवार्य है। नई शिक्षा नीति के अनुसार 31 जुलाई 2025 तक छह साल की आयु पूरी करने पर ही कक्षा एक में बच्चे का प्रवेश लिया जा रहा है। इस बार आयु के अनुसार ही कक्षाओं का निर्धारण किया गया है।
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शिक्षकों का कहना है कि नामांकन कराने आए छात्रों के पास आधार कार्ड न होना और सरकारी स्कूलों के अगल-बगल ही निजी विद्यालयों का चलना भी नामांकन में रोड़ा बन रहा है।
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परिषदीय स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत के बाद से ही नामांकन को लेकर सर्वाधिक जोर दिया जा रहा है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर कई बार स्कूल चलो अभियान चलाया जा चुका है। नामांकन बढ़ाने के लिए विभागीय अधिकारी भी शिक्षकों पर लगातार दबाव दे रहे हैं। इधर, भले ही बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों के खिलाफ जांच कार्रवाई कुछ विकास खंडों में हुई हो, अभी भी जिले के सभी विकास खंडों में यह स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं।
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समुचित कार्रवाई न होने से भी इसे लेकर बेसिक के शिक्षकों में नाराजगी है। उधर, शिक्षक संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि बिना मान्यता के तो निजी स्कूल चल ही रहे हैं। अन्य निजी स्कूलों को भी प्राथमिक स्कूलों के आसपास व नजदीक ही चलाने की मान्यता दे दी गई है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या जिले में काफी है। ऐसे में नामांकन प्रभावित हो रहा है। उधर देवरिया सदर के प्राथमिक विद्यालय सरौरा नंबर एक के प्रधानाध्यापक नरेंद्र मोहन सिंह ने बताया कि आधार रहेगा तभी डीबीटी सत्यापन के दौरान शासन की योजनाओं का लाभ संबंधित छात्र को मिलेगा।
हालांकि, आधार के अभाव में भी नामांकन हो रहा है। बच्चे की जन्मतिथि प्रमाण पत्र बना है तो नामांकन किया जा रहा है। आधार डीबीटी व अपार आईडी के लिए अनिवार्य है, लेकिन डीबीटी प्रक्रिया के सत्यापन के दौरान आधार का रहना अनिवार्य है। नई शिक्षा नीति के अनुसार 31 जुलाई 2025 तक छह साल की आयु पूरी करने पर ही कक्षा एक में बच्चे का प्रवेश लिया जा रहा है। इस बार आयु के अनुसार ही कक्षाओं का निर्धारण किया गया है।