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कोटे की दुकानें निलंबित
Deoria
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
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रुद्रपुर। एपीएल, बीपीएल और अन्त्योदय कार्डधारकों में राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत पर शनिवार को एसडीएम पीसी श्रीवास्तव ने सरकारी सस्ते गल्ले की तीन दुकानों को सस्पेंड कर दिया। आपूर्ति निरीक्षक मीरा राय की रिपोर्ट पर शुक्रवार को सिलहटा, ईश्वरपुरा और मदनपुर की दुकानों को निलंबित कर दिया गया।
वितरण दिवस पर एसडीएम की जांच की दौरान करहकोल, तिघरा और खोपा की दुकानें बंद पाई गईं। बंद दुकान के वितरकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसडीएम ने बताया कि एपीएल के चावल वितरण में अनियमितता की शिकायत मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी जांच आपूर्ति निरीक्षक से कराई गई। आपूर्ति निरीक्षक मीरा राय की जांच में वितरण में अनियमितता पाई गई। कार्डधारकों के बयान के आधार पर सिलहटा, ईश्वरपुरा और मदनपुर में अनियमितता उजागर होने पर एसडीएम ने तीनों दुकानों को निलंबित कर दिया। उन्होंने तीनों दुकानों को बगल के दुकानदारों से संबद्ध करने का निर्देश दिया है। वितरण में धंाधली को लेकर जांच टीम गठित की गई है। जांच टीम नगर क्षेत्र में भी एपीएल के चावल वितरण की जांच कर रही हैं। उपजिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक वितरण व्यवस्था में अनियमितता पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
कोटेदार पर राशन हड़पने का आरोप
पिड़रा और बाकी सिंगही के कार्डधारकों ने एसडीएम से शिकायत की
उपजिलाधिकारी ने जांच कराने को कहा
रुद्रपुर/एकौना। एपीएल कार्डधारकाें में चावल वितरण में हुई धांधली की शिकायतों का सिलसिला जारी है। शनिवार को पिड़रा और बाकी सिंगही गांव के लोगाें ने एसडीएम को पत्रक सौंप कोटेदार पर राशन हड़पने का आरोप लगाया। मामले में उपजिलाधिकारी ने जांच कर कार्रवाई करने को कहा है। पिड़रा गांव के प्रेम नारायण तिवारी, संगम यादव, अजय सिंह, पूनम देवी, सुरेश, जयप्रकाश, लालबहादुर आदि ने एसडीएम को दिए पत्रक में कहा कि गांव के कोटेदार ने एपीएल कार्डधारकों में पांच से दस किलो ही चावल का वितरण किया। गांव के अधिकांश लोगाें को एपीएल का चावल मिला ही नही। बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारकाें का अनाज भी ठीक ढंग से नहीं बांटा गया। जिसको लेकर कार्डधारकों में नाराजगी बनी है। बाकी सिंगही गांव के अरुण सिंह, रामानंद गुप्ता, राजेंद्र सिंह, चंद्रभूषण सिंह, रामदुलारे सिंह आदि ने कहा इस बार सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानदार ने गांव में करी तीस प्रतिशत लोगों में राशन का वितरण किया। एपीएल के चावल के संबंध में पूछे जाने पर उसने नहीं मिलने की बात बताई। गांव में बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारकाें में कभी कभी चीनी का वितरण होता है। इस बात को विरोध करने पर दुकानदार मारपीट करने पर आमादा हो जाता है। उन्हाेंने कोटेदार पर जांच नहीं होने की दशा में तहसील पर धरना देने को कहा। उपजिलाधिकारी पीसी श्रीवास्तव ने शिकायतकर्ताओं ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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वितरण दिवस पर एसडीएम की जांच की दौरान करहकोल, तिघरा और खोपा की दुकानें बंद पाई गईं। बंद दुकान के वितरकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसडीएम ने बताया कि एपीएल के चावल वितरण में अनियमितता की शिकायत मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी जांच आपूर्ति निरीक्षक से कराई गई। आपूर्ति निरीक्षक मीरा राय की जांच में वितरण में अनियमितता पाई गई। कार्डधारकों के बयान के आधार पर सिलहटा, ईश्वरपुरा और मदनपुर में अनियमितता उजागर होने पर एसडीएम ने तीनों दुकानों को निलंबित कर दिया। उन्होंने तीनों दुकानों को बगल के दुकानदारों से संबद्ध करने का निर्देश दिया है। वितरण में धंाधली को लेकर जांच टीम गठित की गई है। जांच टीम नगर क्षेत्र में भी एपीएल के चावल वितरण की जांच कर रही हैं। उपजिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक वितरण व्यवस्था में अनियमितता पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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कोटेदार पर राशन हड़पने का आरोप
पिड़रा और बाकी सिंगही के कार्डधारकों ने एसडीएम से शिकायत की
उपजिलाधिकारी ने जांच कराने को कहा
रुद्रपुर/एकौना। एपीएल कार्डधारकाें में चावल वितरण में हुई धांधली की शिकायतों का सिलसिला जारी है। शनिवार को पिड़रा और बाकी सिंगही गांव के लोगाें ने एसडीएम को पत्रक सौंप कोटेदार पर राशन हड़पने का आरोप लगाया। मामले में उपजिलाधिकारी ने जांच कर कार्रवाई करने को कहा है। पिड़रा गांव के प्रेम नारायण तिवारी, संगम यादव, अजय सिंह, पूनम देवी, सुरेश, जयप्रकाश, लालबहादुर आदि ने एसडीएम को दिए पत्रक में कहा कि गांव के कोटेदार ने एपीएल कार्डधारकों में पांच से दस किलो ही चावल का वितरण किया। गांव के अधिकांश लोगाें को एपीएल का चावल मिला ही नही। बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारकाें का अनाज भी ठीक ढंग से नहीं बांटा गया। जिसको लेकर कार्डधारकों में नाराजगी बनी है। बाकी सिंगही गांव के अरुण सिंह, रामानंद गुप्ता, राजेंद्र सिंह, चंद्रभूषण सिंह, रामदुलारे सिंह आदि ने कहा इस बार सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानदार ने गांव में करी तीस प्रतिशत लोगों में राशन का वितरण किया। एपीएल के चावल के संबंध में पूछे जाने पर उसने नहीं मिलने की बात बताई। गांव में बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारकाें में कभी कभी चीनी का वितरण होता है। इस बात को विरोध करने पर दुकानदार मारपीट करने पर आमादा हो जाता है। उन्हाेंने कोटेदार पर जांच नहीं होने की दशा में तहसील पर धरना देने को कहा। उपजिलाधिकारी पीसी श्रीवास्तव ने शिकायतकर्ताओं ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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