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वकीलों ने एआरटीओ दफ्तर बंद कराया
Deoria
Updated Sat, 04 Jan 2014 05:44 AM IST
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देवरिया। एआरटीओ कार्यालय के बाबुओं पर कार्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जिला ट्रांसपोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कार्यालय बंद करा दिया। सूचना मिलने पर एसडीएम सदर और सीओ सिटी मौके पर पहुंचे। मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बनी। शनिवार को भी अधिवक्ता कार्य बहिष्कार के मूड में हैं।
जिला ट्रांसपोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि कुमार मिश्र का कहना था कि डाक खर्च लेने के बाद भी विभाग के बाबू रजिस्टर्ड डाक से ड्राइविंग लाइसेंस लोगों के घर तक नहीं भेज रहे हैं। वर्ष 2003-04 में बने ड्राइविंग लाइसेंस का रिकॉर्ड गायब हो गया है। जब लोग लाइसेंस का रिनीवल कराने आ रहे हैं तो बाबू रिकॉर्ड गायब होने की बात कह रहे हैं और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूल जा रहे हैं। गाड़ियों के ट्रांसफर में दो महीने का समय लगाया जा रहा है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। अधिवक्ताओं का कहना था कि एआरटीओ और कार्यालय के सभी बाबू भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। कई लिपिक तो ऐसे हैं जो यहां डेढ़ दशक से जमे हुए हैं। अधिवक्ताओं की मांग थी कि उनका यहां से स्थानांतरण किया जाए। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कार्यालय का गेट बंद कर दिया था। सूचना मिलने पर एसडीएम सदर दिनेश गुप्त और सीओ सिटी एनके सिंह मौके पर पहुंचे। एआरटीओ ओपी सिंह और अधिवक्ताओं के बीच सुलह का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बन पाई। अधिवक्ता शनिवार को भी काम नहीं करने के मूड में हैं। कार्यालय बंद कराने वालों में सुग्रीव मिश्र, अरुण श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव, हनीफ अंसारी, प्रवीण गुप्त, यतींद्र मणि, अजय चंद, ललित मिश्र और गोपाल पांडेय आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
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जिला ट्रांसपोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि कुमार मिश्र का कहना था कि डाक खर्च लेने के बाद भी विभाग के बाबू रजिस्टर्ड डाक से ड्राइविंग लाइसेंस लोगों के घर तक नहीं भेज रहे हैं। वर्ष 2003-04 में बने ड्राइविंग लाइसेंस का रिकॉर्ड गायब हो गया है। जब लोग लाइसेंस का रिनीवल कराने आ रहे हैं तो बाबू रिकॉर्ड गायब होने की बात कह रहे हैं और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूल जा रहे हैं। गाड़ियों के ट्रांसफर में दो महीने का समय लगाया जा रहा है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। अधिवक्ताओं का कहना था कि एआरटीओ और कार्यालय के सभी बाबू भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। कई लिपिक तो ऐसे हैं जो यहां डेढ़ दशक से जमे हुए हैं। अधिवक्ताओं की मांग थी कि उनका यहां से स्थानांतरण किया जाए। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कार्यालय का गेट बंद कर दिया था। सूचना मिलने पर एसडीएम सदर दिनेश गुप्त और सीओ सिटी एनके सिंह मौके पर पहुंचे। एआरटीओ ओपी सिंह और अधिवक्ताओं के बीच सुलह का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बन पाई। अधिवक्ता शनिवार को भी काम नहीं करने के मूड में हैं। कार्यालय बंद कराने वालों में सुग्रीव मिश्र, अरुण श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव, हनीफ अंसारी, प्रवीण गुप्त, यतींद्र मणि, अजय चंद, ललित मिश्र और गोपाल पांडेय आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
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