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रामजानकी मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियां चोरी
Deoria
Updated Sun, 15 Dec 2013 05:42 AM IST
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गौरीबाजार। क्षेत्र के अर्जुनडीहा गांव के प्राथमिक विद्यालय के समीप स्थित प्राचीन रामजानकी मंदिर के पिछले हिस्से में सेंध लगाकर चोरों ने बुधवार की रात में अष्टधातु की राम और जानकी की मूर्तिंयां चुरा ली। इसकी कीमत लाखाें रुपये बताई जा रही है। मंदिर के महंथ लक्ष्मणदास ने पुलिस को तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गौरीबाजार के इंसपेक्टर ने इस तरह की किसी भी घटना से इनकार किया है।
अर्जुनडीहा गांव में डेढ़ सौ वर्ष पुराना रामजानकी मंदिर स्थित है। इसका पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण नए सिरे से खपरैल का बना दिया गया है। बुधवार की शाम को मंदिर के पुजारी रामनयन गिरी और उनके बेटे बालेश्वर गिरी पूजापाठ के बाद सोने के लिए घर चले गए। सुबह जब वे पूजापाठ करने आए तो देखा कि मुख्य दरवाजा पर ताला लटका हुआ है और भीतर राम और जानकी की अष्टधातु निर्मित लगभग डेढ़ फीट ऊंची मूर्तियां गायब हो गई हैं। मंदिर में स्थापित केवल लक्ष्मण और पत्थर के हनुमान जी की मूर्ति बची हुई है। उन्होंने मामले की जानकारी मंदिर के महंथ लक्ष्मणदास को दी। जब सभी अंदर गए तो देखा कि चोर मंदिर के पिछले हिस्से में सेंध लगाकर अंदर आए हैं। महंथ लक्ष्मणदास ने मामले की जानकारी गौरीबाजार पुलिस को दी। घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इंसपेक्टर राजेंद्र वर्मा का कहना है कि इस तरह की कोई घटना की जानकारी उन्हें नहीं है।
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अर्जुनडीहा गांव में डेढ़ सौ वर्ष पुराना रामजानकी मंदिर स्थित है। इसका पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण नए सिरे से खपरैल का बना दिया गया है। बुधवार की शाम को मंदिर के पुजारी रामनयन गिरी और उनके बेटे बालेश्वर गिरी पूजापाठ के बाद सोने के लिए घर चले गए। सुबह जब वे पूजापाठ करने आए तो देखा कि मुख्य दरवाजा पर ताला लटका हुआ है और भीतर राम और जानकी की अष्टधातु निर्मित लगभग डेढ़ फीट ऊंची मूर्तियां गायब हो गई हैं। मंदिर में स्थापित केवल लक्ष्मण और पत्थर के हनुमान जी की मूर्ति बची हुई है। उन्होंने मामले की जानकारी मंदिर के महंथ लक्ष्मणदास को दी। जब सभी अंदर गए तो देखा कि चोर मंदिर के पिछले हिस्से में सेंध लगाकर अंदर आए हैं। महंथ लक्ष्मणदास ने मामले की जानकारी गौरीबाजार पुलिस को दी। घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इंसपेक्टर राजेंद्र वर्मा का कहना है कि इस तरह की कोई घटना की जानकारी उन्हें नहीं है।
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