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बयान से पलटी लड़की की मां, प्रधान को क्लीन चिट
Deoria
Updated Mon, 15 Jul 2013 05:30 AM IST
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रुद्रपुर। 13 जून को करहकोल गांव में भरी पंचायत में पंचों के फरमान पर महिला को पीटने और उसकी बेटी को जलाने के मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया है। घटना के एक माह बाद लड़की की मां अपने बयान से पलट गई है। उसने आरोपी ग्राम प्रधान को क्लीन चिट दे दी है। लड़की की मां ज्ञानमती और घटना के दो चश्मदीदों ने शपथ पत्र के साथ प्रधान के पक्ष में एसपी को लिखित बयान प्रेषित किया है।
करहकोल गांव में प्रेम संबंधों को लेकर बुलाई गई पंचायत में ज्ञानमती को पंचों ने अपनी लड़की की शादी का प्रस्ताव रखने पर बेरहमी से पीटा था। इसी दौरान उसकी बेटी आरोपियों ने जला दिया। पीड़ित महिला और उसकी बेटी अंजू ने जिला अस्पताल में मजिस्ट्रेट को दिए बयान में ग्राम प्रधान अखंड प्रताप सिंह सहित छह लोगों को पंचायत में पीटने और जलाने का आरोप लगाया था। महिला और बेटी के बयान के आधार पर ग्राम प्रधान और गांव के पांच अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का अभियोग पंजीकृत कर पुलिस विवेचना कर रही है। इस मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं पांचवें आरोपी जयहिंद ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी ग्राम प्रधान अभी फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी नहीं होने की दशा में न्यायालय ने 15 जुलाई को कुर्की का आदेश जारी किया है। रविवार को पीड़ित महिला के अपने बयान से पलटने के बाद इस मामले में नया मोड़ आ गया है। महिला और दो चश्मदीदों ने शपथ के साथ एसपी को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम प्रधान को निर्दोष बताया है।
आज होगी ग्राम प्रधान के घर कुर्की की कार्रवाई
रुद्रपुर। करहकोल कांड में लड़की की मां के बयान से पलटने के बाद भी पुलिस की विवेचना को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पुलिसिया कार्रवाई यथावत जारी रहने से फिलहाल ग्राम प्रधान को राहत मिलता नहीं दिख रहा है। एकौना थानाध्यक्ष और विवेचक ब्रजेश कुमार यादव ने कहा कि विवेचना के दौरान लड़की की मां और चश्मदीदों का बयान दर्ज कर लिया गया है। शपथ पत्र और नोटरी की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। मामले की विवेचना सबूत और मृतका और उसकी मां के बयान के आधार पर आगे बढ़ रही है। शपथ पत्र झूठा हो सकता है। वह दबाव में भी बनवाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगा। सोमवार को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ग्राम प्रधान के घर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। मामला न्यायालय में गुणदोष के आधार पर निस्तारित होगा।
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करहकोल गांव में प्रेम संबंधों को लेकर बुलाई गई पंचायत में ज्ञानमती को पंचों ने अपनी लड़की की शादी का प्रस्ताव रखने पर बेरहमी से पीटा था। इसी दौरान उसकी बेटी आरोपियों ने जला दिया। पीड़ित महिला और उसकी बेटी अंजू ने जिला अस्पताल में मजिस्ट्रेट को दिए बयान में ग्राम प्रधान अखंड प्रताप सिंह सहित छह लोगों को पंचायत में पीटने और जलाने का आरोप लगाया था। महिला और बेटी के बयान के आधार पर ग्राम प्रधान और गांव के पांच अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का अभियोग पंजीकृत कर पुलिस विवेचना कर रही है। इस मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं पांचवें आरोपी जयहिंद ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी ग्राम प्रधान अभी फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी नहीं होने की दशा में न्यायालय ने 15 जुलाई को कुर्की का आदेश जारी किया है। रविवार को पीड़ित महिला के अपने बयान से पलटने के बाद इस मामले में नया मोड़ आ गया है। महिला और दो चश्मदीदों ने शपथ के साथ एसपी को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम प्रधान को निर्दोष बताया है।
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आज होगी ग्राम प्रधान के घर कुर्की की कार्रवाई
रुद्रपुर। करहकोल कांड में लड़की की मां के बयान से पलटने के बाद भी पुलिस की विवेचना को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पुलिसिया कार्रवाई यथावत जारी रहने से फिलहाल ग्राम प्रधान को राहत मिलता नहीं दिख रहा है। एकौना थानाध्यक्ष और विवेचक ब्रजेश कुमार यादव ने कहा कि विवेचना के दौरान लड़की की मां और चश्मदीदों का बयान दर्ज कर लिया गया है। शपथ पत्र और नोटरी की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। मामले की विवेचना सबूत और मृतका और उसकी मां के बयान के आधार पर आगे बढ़ रही है। शपथ पत्र झूठा हो सकता है। वह दबाव में भी बनवाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगा। सोमवार को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ग्राम प्रधान के घर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। मामला न्यायालय में गुणदोष के आधार पर निस्तारित होगा।
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