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जिले में आया 25 हजार कुंटल सड़ा चावल
Deoria
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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देवरिया। भारतीय खाद्य निगम की तरफ से यहां का चावल रिजेक्ट कर शाहजहांपुर के रोजा से 25 हजार कुंटल सड़ा चावल मंगाए जाने पर जिलेे के राइस मिलर गुस्से में हैं।
गुस्साए मिलरों ने रैक प्वाइंट से चावल घंटों तक उतरने नहीं दिया और जमकर हो हल्ला मचाया। निगम के अफसरों पर मिलरों ने गंभीर आरोप भी मढ़े। मौके पर पहुंचे एफसीआई के एरिया मैनेजर और एसडीएम ने चावल रिजेक्ट कर वापस करने का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। चावल भंडारण का काम भारतीय खाद्य निगम के जिम्मे है। मगर निगम के अधिकारी यहां के चावल का भंडारण करने से कन्नी काट रहे हैं। जिससे समस्या बढ़ गई है। न तो धान की खरीदारी जोर पकड़ रही है और न राइस मिलर धान की कुटाई कर रहें हैं। एफसीआई मिलरों का एक भी प्रतिशत चावल डैमेज लेने को तैयार नहीं है। कई मिलरों का चावल निगम के अफसरों ने गुरुवार को गोदाम से वापस कर दिया था। उधर शनिवार को 25 हजार कुंटल चावल का रैक माल गोदाम पर बीपीएल कार्डधारकों में बांटने के एफसीआई के अफसरों ने मंगा दिया। शाहजहांपुर के रोजा से आया चावल 50 प्रतिशत खराब था। चावल 10 प्रतिशत डैमेज और 40 प्रतिशत ब्रोकेन था। इसकी भनक कहीं से जिले के राइस मिलरों को लग गई। सैकड़ों की संख्या में मिलर जयश्री यादव और पन्नालाल की अगुवाई में रैक प्वाइंट पर पहुंच गए और चावल उतरने पर रोक दिया। ट्रकों का आवागमन रोककर नारेबाजी करने लगे। सूचना पाकर एफसीआई के एरिया मैनेजर प्रभात चंद्र सिंह, एसडीएम सदर, एसएमआई अनुराग पांडेय और पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। मिलरों का गुस्सा देख प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। मिलरों की नाराजगी को देखते हुए एरिया मैनेजर ने खराब चावल को रिजेक्ट कर वापस करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद मिलरों ने अपना आंदोलन खत्म किया। इस मौके पर राजकुमार कुशवाहा, अरविंद राय, राजेश यादव, राजेश जायसवाल, रमेश गुप्ता, विश्वजीत मणि, रामकुमार सिंह समेत सैकड़ों मिलर मौजूद रहे।
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गुस्साए मिलरों ने रैक प्वाइंट से चावल घंटों तक उतरने नहीं दिया और जमकर हो हल्ला मचाया। निगम के अफसरों पर मिलरों ने गंभीर आरोप भी मढ़े। मौके पर पहुंचे एफसीआई के एरिया मैनेजर और एसडीएम ने चावल रिजेक्ट कर वापस करने का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। चावल भंडारण का काम भारतीय खाद्य निगम के जिम्मे है। मगर निगम के अधिकारी यहां के चावल का भंडारण करने से कन्नी काट रहे हैं। जिससे समस्या बढ़ गई है। न तो धान की खरीदारी जोर पकड़ रही है और न राइस मिलर धान की कुटाई कर रहें हैं। एफसीआई मिलरों का एक भी प्रतिशत चावल डैमेज लेने को तैयार नहीं है। कई मिलरों का चावल निगम के अफसरों ने गुरुवार को गोदाम से वापस कर दिया था। उधर शनिवार को 25 हजार कुंटल चावल का रैक माल गोदाम पर बीपीएल कार्डधारकों में बांटने के एफसीआई के अफसरों ने मंगा दिया। शाहजहांपुर के रोजा से आया चावल 50 प्रतिशत खराब था। चावल 10 प्रतिशत डैमेज और 40 प्रतिशत ब्रोकेन था। इसकी भनक कहीं से जिले के राइस मिलरों को लग गई। सैकड़ों की संख्या में मिलर जयश्री यादव और पन्नालाल की अगुवाई में रैक प्वाइंट पर पहुंच गए और चावल उतरने पर रोक दिया। ट्रकों का आवागमन रोककर नारेबाजी करने लगे। सूचना पाकर एफसीआई के एरिया मैनेजर प्रभात चंद्र सिंह, एसडीएम सदर, एसएमआई अनुराग पांडेय और पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। मिलरों का गुस्सा देख प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। मिलरों की नाराजगी को देखते हुए एरिया मैनेजर ने खराब चावल को रिजेक्ट कर वापस करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद मिलरों ने अपना आंदोलन खत्म किया। इस मौके पर राजकुमार कुशवाहा, अरविंद राय, राजेश यादव, राजेश जायसवाल, रमेश गुप्ता, विश्वजीत मणि, रामकुमार सिंह समेत सैकड़ों मिलर मौजूद रहे।
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