{"_id":"68-53256","slug":"Deoria-53256-68","type":"story","status":"publish","title_hn":"डूबते सूरज को व्रती महिलाओं ने दिया अर्घ्य ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डूबते सूरज को व्रती महिलाओं ने दिया अर्घ्य
Deoria
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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देवरिया। छठ पर्व पर शाम होते ही नदियाें, पोखरों और तालाबों के छठ घाटों पर महिला श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। व्रती महिलाएं घुटने भर पानी में खड़ा होकर डूबते भगवान भास्कर को प्रथम अर्घ्य दिया। रात भर शहर और देहात में छठ मईया के गीत गूंजते रहे। छठ व्रत रखने वाली महिलाएं सोमवार सुबह से ही तैयारी में लग गईं। विविध प्रकार के पकवान बनाए गए। इसे एक बड़े पात्र में रखा गया। सुबह से ही निर्जल रहकर स्नानादि और श्रृंगार कर महिलाएं परिवार के लोगों के साथ छठ घाटों पर पहुंची। दीप प्रज्वलित कर छठ मईया की पूजा की गई। इसके बाद एक दीप गंगा मईया और एक दीप भगवान भास्कर को अर्पित किया गया। यह सब करने के बाद महिलाएं नदी, तालाब और पोखरों में कमर भर पानी में जाकर खड़ी हो गईं। भगवान भास्कर के डूबने पर उन्हें अर्घ्य दिया गया। इसके बाद व्रती महिलाएं परिवार के सदस्यों के साथ घर लौट आईं। सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही यह व्रत पूरा हो जाएगा। शहर के हनुमान मंदिर पोखरा, लच्छीराम पोखरा, परमार्थी पोखरा, अमेठी माई मंदिर पोखरा, हथियाकुंड, देवरही, कुर्ना नाला आदि छठ घाटाें पर व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। यहां मेले जैसा दृश्य देखने को मिला।
नपा अध्यक्ष भी रहीं व्रत
नगरपालिका अध्यक्ष अलका सिंह भी छठ व्रत रहीं। शाम होते ही परिवार के लोगाें के साथ वह शहर के हनुमान मंदिर स्थित पोखरे पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने पहुंची। विधिवत पूजा के बाद उन्होंने अर्घ्य दिया।
मन्नत पूरी होने पर भरी कोसी
मन्नत पूरा होने पर महिलाएं छठी मईया की कोसी भरतीं हैं। हर साल की तरह इस साल भी तमाम महिलाओं ने कोसी भरा। इसमें उनके परिवार, रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए।
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छठ गीतों से गूंजा शहर और देहात
व्रती महिलाएं छठ मईया के पारंपरिक गीत गाते हुए छठ घाटों तक पहुंची। विधि-विधान से पूजा पाठ करने के बाद व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके बाद फिर छठ मईया के गीत गाते हुए घर आ गईं। रात में छठ मईया के किस्से और कहानियां सुनाई गईं।
परिवार के लोग गए साथ
व्रती महिलाओं के साथ उनके परिवार के लोग भी छठ घाटों पर पहुंचे। इसके चलते हर घाट पर भारी भीड़ हो गई थी। घाटों पर मेले जैसा दृश्य दिख रहा था। कुछ लोगों ने चाय, चाट और गुब्बारा आदि की दुकान रखा था। बच्चे इसकी खूब खरीदारी कर रहे थे।
जगमग रहे घाट, फोड़े गए पटाखे
नगर के छठ घाटों को जगमग करने के लिए नगर पालिका परिषद कई दिनोें से तैयारी कर रहा था। शहर के सभी घाटों पर जेनरेटर की व्यवस्था की गई थी। पोखरे के चारों ओर लाइट जल रही थी। इससे व्रती महिलाओं और अन्य लोगों को कोई दिक्कत नहीं हुई। वहीं भगवान भास्कर के अस्त होते ही बच्चों ने पटाखे फोड़े। राकेट से आसमान सतरंगी हो गया था।
छठ व्रत रह जाहिदा ने दिया अर्घ्य
बैतालपुर। धतुरा खास टोला मंगलपुर की जाहिदा खातून ने सोमवार को छठ व्रत रह कर हिंदू धर्म के रीति-रिवाज से पूजन कर डूबते भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। सूर्य उपासना के इस खास पर्व पर वह पहली बार व्रत रहीं। जाहिदा सोमवार को सुबह से निर्जल व्रत रहीं। पकवान और पूजा सामग्री लेकर शाम को वह छोटी ललिया स्थित छठ घाट पर पहुंचीं। विधि-विधान से छठ मईया का पूजन-अर्चन कर तालाब में खड़ा होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। सुबह उदयागामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद वह व्रत समाप्त करंेगी।
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नपा अध्यक्ष भी रहीं व्रत
नगरपालिका अध्यक्ष अलका सिंह भी छठ व्रत रहीं। शाम होते ही परिवार के लोगाें के साथ वह शहर के हनुमान मंदिर स्थित पोखरे पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने पहुंची। विधिवत पूजा के बाद उन्होंने अर्घ्य दिया।
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मन्नत पूरी होने पर भरी कोसी
मन्नत पूरा होने पर महिलाएं छठी मईया की कोसी भरतीं हैं। हर साल की तरह इस साल भी तमाम महिलाओं ने कोसी भरा। इसमें उनके परिवार, रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए।
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छठ गीतों से गूंजा शहर और देहात
व्रती महिलाएं छठ मईया के पारंपरिक गीत गाते हुए छठ घाटों तक पहुंची। विधि-विधान से पूजा पाठ करने के बाद व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके बाद फिर छठ मईया के गीत गाते हुए घर आ गईं। रात में छठ मईया के किस्से और कहानियां सुनाई गईं।
परिवार के लोग गए साथ
व्रती महिलाओं के साथ उनके परिवार के लोग भी छठ घाटों पर पहुंचे। इसके चलते हर घाट पर भारी भीड़ हो गई थी। घाटों पर मेले जैसा दृश्य दिख रहा था। कुछ लोगों ने चाय, चाट और गुब्बारा आदि की दुकान रखा था। बच्चे इसकी खूब खरीदारी कर रहे थे।
जगमग रहे घाट, फोड़े गए पटाखे
नगर के छठ घाटों को जगमग करने के लिए नगर पालिका परिषद कई दिनोें से तैयारी कर रहा था। शहर के सभी घाटों पर जेनरेटर की व्यवस्था की गई थी। पोखरे के चारों ओर लाइट जल रही थी। इससे व्रती महिलाओं और अन्य लोगों को कोई दिक्कत नहीं हुई। वहीं भगवान भास्कर के अस्त होते ही बच्चों ने पटाखे फोड़े। राकेट से आसमान सतरंगी हो गया था।
छठ व्रत रह जाहिदा ने दिया अर्घ्य
बैतालपुर। धतुरा खास टोला मंगलपुर की जाहिदा खातून ने सोमवार को छठ व्रत रह कर हिंदू धर्म के रीति-रिवाज से पूजन कर डूबते भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। सूर्य उपासना के इस खास पर्व पर वह पहली बार व्रत रहीं। जाहिदा सोमवार को सुबह से निर्जल व्रत रहीं। पकवान और पूजा सामग्री लेकर शाम को वह छोटी ललिया स्थित छठ घाट पर पहुंचीं। विधि-विधान से छठ मईया का पूजन-अर्चन कर तालाब में खड़ा होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। सुबह उदयागामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद वह व्रत समाप्त करंेगी।