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बरहज के ब्रश से चमकती हैं दीवारें
Deoria
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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बरहज। बरसात खत्म होते ही दीपावली की तैयारी शुरू हो जाती है। घरों की दीवारों के रंगरोगन में लोग जुट जाते हैं। ब्रशों के बगैर रंगों को दीवारों पर चढ़ाना मुमकिन नहीं है। यह ब्रश बरहज का बना होता है। इसकी पूर्वांचल में बड़ी मांग है। यहां के बने ब्रशों से ही घरों की दीवारें चमकती हैं। बीस से अधिक कारोबारी हैं तो सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिला है। दीपावली आते ही इसकी मांग बढ़ जाती हैं। बरहज के बने ब्रशों से ही घरों की दीवारें रंगों से चमकतीं हैं। यहां के बने ब्रशों की पूर्वांचल में जबर्दस्त मांग है। नगर के तिवारीपुर, आजाद नगर, जयनगर में ब्रश बनाने का काम होता है। सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिला है। ब्रश के कारोबारी विरेंद्र सोनकर बताते हैं कि ब्रश दो प्रकार के बालों से बनता है। एक देशी और दूसरा प्लास्टिक के बाल से। चाइना का बाल यहां ज्यादे प्रयोग होता है। देशी बाल के बने ब्रश महंगे होते हैं। यह कानपुर, दिल्ली और शेरकोट से लाया जाता है। प्लास्टिक के बालों की चालीस क्वालिटी है। चाइना, इंग्लैंड, जापान से भी आता है। बिजनौर का बना बाल भी आता है। प्लास्टिक का बाल 250 से 450 रुपये प्रतिकिलो तक है। यहां बने ब्रश कानपुर, गोरखपुर, दिल्ली, मुंबई तक जाता हैं। यहां के ब्रशों की क्वालिटी के चलते लोगों में ज्यादा मांग है।
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