{"_id":"68-52698","slug":"Deoria-52698-68","type":"story","status":"publish","title_hn":"चोरी की कार के साथ दो गिरफ्तार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चोरी की कार के साथ दो गिरफ्तार
Deoria
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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देवरिया। सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के जिला अस्पताल रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान टीएसआई ने चोरी की कार के साथ दो वाहन चोरों को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने चोरी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर अन्य आरोपियों की खोजबीन शुरू कर दी।
शुक्रवार की शाम टीएसआई जिला अस्पताल रोड पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि यूपी 52 टी 8576 नंबर की कार संदिग्ध है। कार में सवार वाहन स्वामी, साकेत नगर निवासी राधे कुमार तिवारी और महाराणा प्रताप कालोनी, भुजौली निवासी बलवंत बैठे हैं। टीएसआई ने गाड़ी को रोक कर पूछताछ शुरू की तो मामला सही मिला। राधे तिवारी ने वाहन चोरी होने की बात को स्वीकार कर ली और बताया कि चोरी की कार उसे गिरजेश शाही से खरीदी है। जबकि आईटीआई निवासी शब्बीर उसका साथी है। पुलिस पूछताछ में बताया कि कार की कीमत 12 हजार रुपये अदा की थी। कागज तैयार करने में लगभग ढाई हजार रुपये खर्च हुआ था। कागज एक कबाड़ी ने तैयार कराया था। पुलिस गिरजेश और कबाड़ी वाले की खोजबीन शुरू कर दी।
जीप की कागज पर चलती थी कार
सूत्रों ने बताया कि चोरी की कार का जो कागज तैयार किया था वह किसी जीप का था। उसका चेंचिस नंबर भी अलग था। जब गिरजेश ने कार बेची तो वह लाल रंग की थी। बाद में बलवंत की मदद से कार का रंग सफेद करा दिया गया था। शहर के गैरेज में कार का रंग बदला गया था।
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शुक्रवार की शाम टीएसआई जिला अस्पताल रोड पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि यूपी 52 टी 8576 नंबर की कार संदिग्ध है। कार में सवार वाहन स्वामी, साकेत नगर निवासी राधे कुमार तिवारी और महाराणा प्रताप कालोनी, भुजौली निवासी बलवंत बैठे हैं। टीएसआई ने गाड़ी को रोक कर पूछताछ शुरू की तो मामला सही मिला। राधे तिवारी ने वाहन चोरी होने की बात को स्वीकार कर ली और बताया कि चोरी की कार उसे गिरजेश शाही से खरीदी है। जबकि आईटीआई निवासी शब्बीर उसका साथी है। पुलिस पूछताछ में बताया कि कार की कीमत 12 हजार रुपये अदा की थी। कागज तैयार करने में लगभग ढाई हजार रुपये खर्च हुआ था। कागज एक कबाड़ी ने तैयार कराया था। पुलिस गिरजेश और कबाड़ी वाले की खोजबीन शुरू कर दी।
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जीप की कागज पर चलती थी कार
सूत्रों ने बताया कि चोरी की कार का जो कागज तैयार किया था वह किसी जीप का था। उसका चेंचिस नंबर भी अलग था। जब गिरजेश ने कार बेची तो वह लाल रंग की थी। बाद में बलवंत की मदद से कार का रंग सफेद करा दिया गया था। शहर के गैरेज में कार का रंग बदला गया था।
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