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गए थे मैकेनिक बनने, ढो रहे बोरा
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:51 PM IST
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देवरिया। जिले के छह युवक दुुबई में फंस गए हैं। वतन वापसी के लिए विदेश मंत्रालय से संपर्क किए, लेकिन कोई मदद नहीं मिल पा रही है। युवकों ने देवरिया एसपी को सूचना भेजकर मदद मांगी है। उन्होंने अपना फोटो भी भेजा है। एसपी ने आवश्यक कार्रवाई की बात कही है। गौरीबाजार के पथरहट गांव के अनिल भारती, रामपुर कारखाना के सिधुआ गांव के राहुल प्रताप सिंह, रुद्रपुर के रनिहवां के बसंत निषाद, सदर कोतवाली के बढ़ाया बुजुर्ग के शत्रुघ्न वर्मा, कतरारी के मुकेश यादव और पैकौली के जयप्रकाश निषाद को हनुमान मंदिर के पीछे स्थित शुभम ट्रेनिंग एंड टेस्ट सेंटर ने वेल्डर, फीटर और इलेक्ट्रिक कार्य का बीजा देकर दुबई भेजा। वहां लीमा मैनेजमेंट कंस्टलटेंसी कंपनी में काम करना था। युवकों का कहना है कि वहां उनसे 50-60 किलोग्राम का लोटा, पत्थर और बोरा की ढुलाई कराया जा रहा है। खाने के लिए उनके पास कुछ नहीं बचा है। कई दिन तक भूखे ही रहना पड़ता है। रुपये मांगने और कार्य न करने की बात कहने पर कंपनी के लोग मारने-पीटने की धमकी देते हैं। युवकों का कहना है कि विदेश मंत्रालय से संपर्क कर वतन वापसी की बात कहा गया, लेकिन वहां से कोई मदद नहीं मिल रही है। युवकों ने एसपी देवरिया राजीव मल्होत्रा से संपर्क साधा है। एसपी राजीव मल्होत्रा का कहना है कि छह युवक दुबई में फंसे हुए हैं। उनके वतन वापसी के लिए आवश्यक कार्रवाई कराई जा रही है।
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