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बंद कमरों में राशन कार्डों का हो रहा सत्यापन
Updated Thu, 22 Jun 2017 10:43 PM IST
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सलेमपुर। राशन कार्डों के सत्यापन में शासन की मंशा पर सेक्रेट्री और लेखपाल पानी फेर रहे हैं। अफसरों की इस छोटी चूक से इस बार भी पात्र हक से वंचित रह जाएंगे। इसको लेकर जिम्मेदार बेखबर हैं। खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने के बाद बीपीएल और एपीएल राशन कार्डों को निरस्त कर पात्र गृहस्थी राशन योजना के तहत राशन कार्ड बनाया गया। सपा सरकार में इसके लिए लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया। अफसरों के सर्वे कराने के बाद डमी कार्ड जारी किया गया और पात्र गृहस्थी की फाइनल सूची कोटेदारों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके हिसाब से लोगों को राशन मिलने लगा। इसमें पता चला कि कोटेदारों और पूर्ति विभाग की लापरवाही से पात्र वंचित हो गए हैं और अपात्रों को लाभ मिल रहा है। शासन ने इसे गंभीरता से लिया और दुबारा सत्यापन कराने का निर्देश दिया। इसकी जिम्मेदारी सेक्रेट्री और लेखपालों को दी गई है। लेकिन गांव में जाने के बजाए सेक्रेट्री, प्रधान, कोटेदार और अपने मुंशी के माध्यम से सत्यापन करा रहे है। वहीं उकिना, कोहरा, सजांव, पिंडी, कौसड़, चुरिया, मेहरौना, सुतावर आदि गांव के राशन कार्ड से वंचित लोग ब्लॉक पर पहुंच रहे है। गांव में चुनावी खेमेबंदी के चलते प्रधान सिर्फ अपने चहेतों की सुधि ले रहे हैं। इस बाबत एसडीएम जयप्रकाश ने बताया कि गांवों में जाकर सत्यापन करने का निर्देश सेक्रेट्री और लेखपालों को दिया गया है। शिकायत मिलने पर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
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