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पुष्पदंत नाथ की पालकी निकालकर किया गया जलाभिषेक
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पुष्पदंत नाथ की पालकी निकालकर किया गया जलाभिषेक
फोटो समाचार
अष्टानिका महापर्व पर चल रहे सिद्घचक्र महामंडल विधान पूजा का समापन
होली पर जैन अनुयायियों ने एक-दूसरे को लगाया अबीर-गुलाल
अमर उजाला ब्यूरो
खुखुंदू। जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ की जन्मस्थली खुखुंदू में चल रहे अष्टानिका महापर्व पर सिद्घचक्र महामंडल विधान पूजा के समापन अवसर पर पालकी यात्रा निकाली गई। इसे नगर भ्रमण कराते हुए एवं जलाभिषेक के बाद भगवान को पुन: उनके स्थान पर विराजमान किया गया। होली के अवसर पर जैन अनुयायियों ने एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाया। गुरुवार को रोजाना की तरह भगवान की पूजा-अर्चना हुई। विधि विधान से जलाभिषेक कर बनाए गए तीर्थंकर कुंड, सौधर्म कुंड, महामंडलेश्वर कुंड में हवन हुआ। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ पालकी यात्रा निकाली गई। भगवान को पांडुकशिला पर सौधर्म इंद्रो की ओर से अभिषेक कर उन्हें पुन: यथास्थान पर विराजमान किया गया। संयोजक विमल जैन ने बताया कि विधान की संपूर्णता के बाद विश्व शांति महायज्ञ पूर्ण किया गया। पूजा का समापन होली पर्व पर पड़ने से सभी अनुयायियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल भी लगाया। मौके पर भिंड, मुरैना, दिल्ली, मुंबई, ग्वालियर, गोवा, देहरादून, कानपुर सहित अन्य स्थानों से जैन अनुयायी पूजा में पहुंचे थे। दस दिनों तक जैनमंदिर परिसर में इस दौरान मेले जैसा माहौल रहा।
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अष्टानिका महापर्व पर चल रहे सिद्घचक्र महामंडल विधान पूजा का समापन
होली पर जैन अनुयायियों ने एक-दूसरे को लगाया अबीर-गुलाल
अमर उजाला ब्यूरो
खुखुंदू। जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ की जन्मस्थली खुखुंदू में चल रहे अष्टानिका महापर्व पर सिद्घचक्र महामंडल विधान पूजा के समापन अवसर पर पालकी यात्रा निकाली गई। इसे नगर भ्रमण कराते हुए एवं जलाभिषेक के बाद भगवान को पुन: उनके स्थान पर विराजमान किया गया। होली के अवसर पर जैन अनुयायियों ने एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाया। गुरुवार को रोजाना की तरह भगवान की पूजा-अर्चना हुई। विधि विधान से जलाभिषेक कर बनाए गए तीर्थंकर कुंड, सौधर्म कुंड, महामंडलेश्वर कुंड में हवन हुआ। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ पालकी यात्रा निकाली गई। भगवान को पांडुकशिला पर सौधर्म इंद्रो की ओर से अभिषेक कर उन्हें पुन: यथास्थान पर विराजमान किया गया। संयोजक विमल जैन ने बताया कि विधान की संपूर्णता के बाद विश्व शांति महायज्ञ पूर्ण किया गया। पूजा का समापन होली पर्व पर पड़ने से सभी अनुयायियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल भी लगाया। मौके पर भिंड, मुरैना, दिल्ली, मुंबई, ग्वालियर, गोवा, देहरादून, कानपुर सहित अन्य स्थानों से जैन अनुयायी पूजा में पहुंचे थे। दस दिनों तक जैनमंदिर परिसर में इस दौरान मेले जैसा माहौल रहा।