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काली पट्टी बांधकर डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन
Updated Mon, 01 Oct 2018 10:32 PM IST
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रुद्रपुर सीएचसी पर काली पट्टी बाध कर प्रदर्शन करते चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। प्रोवेंसियल मेडिकल हेल्थ सर्विसेज के बैनर तले आंदोलित डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर सोमवार को कार्य किया। प्रदेश सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। मांग पूरा नहीं होने पर संगठन के निर्णय पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष डॉ. डीबी शाही ने कहा कि 20 सूत्री मांगों को लेकर संगठन लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। इसको लेकर पदाधिकारियों में नाराजगी है। 60 से बढ़ाकर रिटायरमेंट 62 वर्ष कर दिया गया है, लेकिन इच्छानुसार रिटायरमेंट व्यवस्था को खत्म कर दिया गया। इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। सचिव डॉ. केसी राय ने कहा कि एनपीए 35 प्रतिशत किया जाए। पोस्टमार्टम भत्ता को बढ़ाया जाए। डॉक्टरों पर सरकार का ध्यान नहीं है। इन्हें इतना कानून के दायरे में बांध दिया गया, जिससे कार्य करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार, एसीएमओ डॉ. एसएन सिंह, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. संजय चंद, सीएमएस डॉ. छोटेलाल, डॉ. डीके सिंह, एएम वर्मा, डॉ. शुभलाल शाह, डॉ. पीएन कन्नौजिया, डॉ. आरके श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।
महिला अस्पताल में नहीं हुआ अल्ट्रासाउंड
जिले के इकलौते महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है। गर्भवती महिलाओं को इसके लिए 500 रुपये खर्च कर प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जाना पड़ रहा है। यहां तैनात डॉक्टर की मनमानी के कारण महीने में कई दिन अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद रहता है। इस बाबत सीएमएस डॉ. माला सिन्हा ने बताया कि एक ही रेडियोलाजिस्ट हैं। वह इलाज कराने के लिए कल लखनऊ चले गए, इसलिए अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका।
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जिलाध्यक्ष डॉ. डीबी शाही ने कहा कि 20 सूत्री मांगों को लेकर संगठन लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। इसको लेकर पदाधिकारियों में नाराजगी है। 60 से बढ़ाकर रिटायरमेंट 62 वर्ष कर दिया गया है, लेकिन इच्छानुसार रिटायरमेंट व्यवस्था को खत्म कर दिया गया। इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। सचिव डॉ. केसी राय ने कहा कि एनपीए 35 प्रतिशत किया जाए। पोस्टमार्टम भत्ता को बढ़ाया जाए। डॉक्टरों पर सरकार का ध्यान नहीं है। इन्हें इतना कानून के दायरे में बांध दिया गया, जिससे कार्य करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार, एसीएमओ डॉ. एसएन सिंह, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. संजय चंद, सीएमएस डॉ. छोटेलाल, डॉ. डीके सिंह, एएम वर्मा, डॉ. शुभलाल शाह, डॉ. पीएन कन्नौजिया, डॉ. आरके श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।
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महिला अस्पताल में नहीं हुआ अल्ट्रासाउंड
जिले के इकलौते महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है। गर्भवती महिलाओं को इसके लिए 500 रुपये खर्च कर प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जाना पड़ रहा है। यहां तैनात डॉक्टर की मनमानी के कारण महीने में कई दिन अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद रहता है। इस बाबत सीएमएस डॉ. माला सिन्हा ने बताया कि एक ही रेडियोलाजिस्ट हैं। वह इलाज कराने के लिए कल लखनऊ चले गए, इसलिए अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका।
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