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सीएचसी में गंदगी पर बिफरे सीएमओ
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:45 PM IST
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सीएचसी में गंदगी पर बिफरे सीएमओ
बघौचघाट। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने गुरुवार को पथरदेवा पीएचसी और सीएचसी का निरीक्षण किया। विभागीय अभिलेखों की जांच की। अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही और प्रसव रूम में गंदगी पर नाराजगी जताई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी जेनरेटर चलाने का निर्देश दिया। सीएमओ पहले पथरदेवा सीएचसी पहुंचे। सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। अस्पताल में चारों तरफ गंदगी थी। किसी भी वार्ड में मरीजों के लिए कोई व्यवस्था नहीं देख काफी नाराजगी जताई। मरीजों से डॉक्टरों के बारे में जानकारी ली। दवाओं का स्टॉक चेक किया। मरीजों से दवा मिलने, प्रसव के बाद टीकाकरण होने के बारे में पूछताछ की। कुछ डॉक्टरों ने जेनरेटर नहीं चलने की शिकायत की। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके सिंह को कड़ी हिदायत दी। उसके बाद सीएमओ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। भुगतान संबधित सभी अभिलेखों की जांच की। करीब 70 प्रसूताओं का भुगतान नहीं किया गया था। कर्मचारियों ने बताया कि कुछ मरीज लेना नहीं चाहते, उन्होंने लिख कर दिया है। उन्होंने प्रभारी से ऐसे सभी मरीजों का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा। प्रसव कक्ष और भर्ती वार्ड में जाकर मरीजों से भोजन-नाश्ता व अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।
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बघौचघाट। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने गुरुवार को पथरदेवा पीएचसी और सीएचसी का निरीक्षण किया। विभागीय अभिलेखों की जांच की। अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही और प्रसव रूम में गंदगी पर नाराजगी जताई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी जेनरेटर चलाने का निर्देश दिया। सीएमओ पहले पथरदेवा सीएचसी पहुंचे। सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। अस्पताल में चारों तरफ गंदगी थी। किसी भी वार्ड में मरीजों के लिए कोई व्यवस्था नहीं देख काफी नाराजगी जताई। मरीजों से डॉक्टरों के बारे में जानकारी ली। दवाओं का स्टॉक चेक किया। मरीजों से दवा मिलने, प्रसव के बाद टीकाकरण होने के बारे में पूछताछ की। कुछ डॉक्टरों ने जेनरेटर नहीं चलने की शिकायत की। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके सिंह को कड़ी हिदायत दी। उसके बाद सीएमओ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। भुगतान संबधित सभी अभिलेखों की जांच की। करीब 70 प्रसूताओं का भुगतान नहीं किया गया था। कर्मचारियों ने बताया कि कुछ मरीज लेना नहीं चाहते, उन्होंने लिख कर दिया है। उन्होंने प्रभारी से ऐसे सभी मरीजों का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा। प्रसव कक्ष और भर्ती वार्ड में जाकर मरीजों से भोजन-नाश्ता व अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।