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तीन गैर मान्यता वाले स्कूल बंद कराया
Updated Fri, 04 May 2018 11:40 PM IST
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बरहज में अभियान चलाकर गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बंद कराते उपजिलाधिकारी और एबीएसए
- फोटो : अमर उजाला
बरहज। नगर में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर शुक्रवार को प्रशासन का डंडा चला। एसडीएम अरुण सिंह ने तीन विद्यालयों को बंद करा दिया। अधिकारियों के पहुंचने से पूर्व ही दो विद्यालयों के लोग स्कूल बंद कर खिसक लिए थे। जिलाधिकारी सुजीत कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को एसडीएम, खंड शिक्षाधिकारी प्रभात श्रीवास्तव और थाना प्रभारी रामधारी मिश्र विद्यालयों की जांच पड़ताल करने निकले। करीब साढ़े दस बजे टीम के निरीक्षण की सूचना मिलते ही गैर मान्यता वाले स्कूल संचालकों ने बच्चों को घर भेजकर स्कूल बंद कर दिया। टीम ने लिटिल फ्लावर कान्वेंट, सनबीम पब्लिक एकेडमी और आरबीटी आदि विद्यालयों की जांच की। तीनों विद्यालय बिना मान्यता के संचालित मिले। पुलिस ने आरबीटी विद्यालय कैंपस में खड़े 10 वाहनों का समन शुल्क वसूल किया। पटेल नगर के विश्वकर्मा शिक्षण संस्थान और नंदना वार्ड के गुरुकुल शिक्षण संस्थान बंद मिले। इस संबंध में एसडीएम ने बताया कि गैर मान्यता वाले विद्यालयों के खुला मिलने पर 10 हजार रुपये प्रतिदिन की दर से और अधिकतम एक लाख तक जुर्माना का प्रावधान है।
गैर मान्यता के चल रहे नौ विद्यालय
बरहज। नगर में करीब नौ विद्यालय बिना मान्यता के चलाए जा रहे हैं। अधिकांश विद्यालयों की पकड़ मजबूत होने से उन पर कार्रवाई नहीं हो रही। विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और सुविधा के नाम पर अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। बच्चों की फीस, महंगी किताबें और वाहन खर्च के नाम पर 80 हजार से एक लाख रुपये तक की वसूली की जा रही है। इन विद्यालयों की आड़ में शिक्षा माफिया की चांदी है। जिन पर कोई रोक-टोक नहीं है। लोगों की मानें तो इनकी पहुंच लंबी है, जिससे सभी विद्यालय बेखौफ संचालित हो रहे हैं।
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गैर मान्यता के चल रहे नौ विद्यालय
बरहज। नगर में करीब नौ विद्यालय बिना मान्यता के चलाए जा रहे हैं। अधिकांश विद्यालयों की पकड़ मजबूत होने से उन पर कार्रवाई नहीं हो रही। विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और सुविधा के नाम पर अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। बच्चों की फीस, महंगी किताबें और वाहन खर्च के नाम पर 80 हजार से एक लाख रुपये तक की वसूली की जा रही है। इन विद्यालयों की आड़ में शिक्षा माफिया की चांदी है। जिन पर कोई रोक-टोक नहीं है। लोगों की मानें तो इनकी पहुंच लंबी है, जिससे सभी विद्यालय बेखौफ संचालित हो रहे हैं।
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