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आम कश्मीरी को सिर्फ अमन की चाहत

Wed, 20 Feb 2019 10:26 PM IST
Harishankar Tiwari हरिशंकर तिवारी
Updated Wed, 20 Feb 2019 10:26 PM IST
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आम कश्मीरी को सिर्फ अमन की चाहत
देवरिया। पुलवामा में हुए आतंकी हमले में जवानों की शहादत से लोग नाराज हैं तो घाटी में सुरक्षाबलों पर लगातार पत्थरबाजी की घटनाओं से भी गुस्सा बढ़ रहा है। गम और गुस्से से भरे देश में हर कोई कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। आतंकी घटनाओं से कश्मीर की बिगड़ती छवि को लेकर आम कश्मीरी चिंतित हैं। देवरिया महोत्सव में आयोजित खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में आए कश्मीरी दुकानदारों का कहना है कि घाटी में अमन हर आम कश्मीरी की चाहत है। कुछ अलगाववादी ताकतें माहौल बिगाड़ कर सबकी छवि खराब कर रहे हैं। दहशतगर्दों के साथ किसी की भी कोई सहानुभूति नहीं है। लोग चाहते हैं कि भारत सरकार इसका कड़ाई से जवाब दे। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल के कारण ही उन्हें अपना घर छोड़कर अलग-अलग प्रांतों में रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता है। ऐसी घटनाओं से उन्हें जलालत झेलनी पड़ती है। इस मसले पर व्यापारी मोहम्मद यासीन ने कहा एक आम कश्मीरी नागरिक अमन और शांति चाहता है। व्यापार के सिलसिले में सात माह से कश्मीर में नहीं गए। व्यापार के सिलसिले में देश के विभिन्न हिस्सों में जाना होता है। ऐसी घटनाओं से हम लोगों को लोगों के सामने शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। व्यापारी बिलाल अहमद ने अपना विचार साझा करते हुए कहा दंगा-फसाद कोई नहीं चाहता। सभी अपने देश व यहां के नागरिकों को खुश देखना चाहते हैं। पुलवामा की घटना निंदनीय है। इससे कश्मीर का माहौल और खराब होगा। वहां के हालात बेहतर होते तो हमें रोजगार के लिए अन्य जगहों पर नहीं जाना होता। दुकानदार सलमान खान ने बताया इस घटना ने हम सबको भी दर्द दे दिया है। 12 साल की उम्र से ही इस व्यापार से जुड़कर देश के कई हिस्सों में जा चुका हूं। जून से अगस्त तक ही घर रहना होता है क्योंकि इस दौरान यहां गर्मी ज्यादा होती है। जवानों के साथ हुई ऐसी हिंसा को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। व्यापारी खुर्शीद बट ने कहा सेना वहां हमारी रक्षा के लिए है। कश्मीर के कुछ भटके लोगों की वजह से यह दर्दनाक घटना घटी। वह यह नहीं समझना चाहते कि सारे लोग हिंदुस्तान के है और सभी को भाईचारे के साथ रहना चाहिए। जिस देश में रहते हैं, उसके साथ गद्दारी की सजा तो आरोपियों को मिलना ही चाहिए। मुश्ताक अहमद बेग ने कहा हम पहले इंसान हैं और दुनिया में सबसे बड़ा मजहब इंसानियत है। कुरान और गीता का निचोड़ निकलेगा तो यही सच्चाई सामने आती है। किरदारों से इंसान की इंसानियत पहचानी जाती है। इस घटना का जो भी जिम्मेदार हो, उसे इसका सही जवाब दिया जाना चाहिए। दुकानदार सुहेल अहमद ने कहा हर कश्मीरी नागरिक चाहता है कि पूरे देश में अमन शांति कायम रहे। कश्मीरी होने के नाते ऐसी घटनाओं से हमें दिक्कत होती हैं। सैनिकों पर हमले का हम सभी विरोध करते हैं। ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के दुरुस्त इंतजाम किए जाने चाहिए और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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