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प्रोत्साहन राशि बढ़ा पर नहीं हुआ पुरूषों की नसबंदी में इजाफा 16-45-51
Updated Sat, 23 Sep 2017 11:08 PM IST
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नीलांबुज मिश्र
देवरिया। नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए शासन ने प्रोत्साहन राशि जरूर बढ़ा दिया है। बावजूद पुरुष नसबंदी में इजाफा नहीं हो रहा है। विभागीय आंकड़ों को देखा जाए तो नसबंदी के मामले में महिलाओं की अपेक्षा पुरुष कई गुना पीछे हैं। स्वास्थ्य विभाग का अपनाया गया नया फंडा भी फेल होता नजर आ रहा है।
तेजी से बढ़ रही जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए शासन की ओर से पुरुष नसबंदी पर जोर दिया जा रहा है। पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए एक अप्रैल 2017 से पुरुषों को 3000, महिलाओं को गर्भपात के उपरांत 2000 और प्रसव के पश्चात नसबंदी कराने पर 3000 प्रोत्साहन राशि मिलेगा। इसके पहले पुरुषों को 2000 और गर्भपात के बाद नसबंदी पर 1400 और प्रसव के दौरान नसबंदी कराने वाली महिलाओं को 2200 मिलता था। इसके अलावा प्रेरक, आशा, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी बढ़ा दी है। नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए सरकार भले लोक लुभावनी योजनाएं भी लागू कर रही है। लेकिन इसका असर पुरुषों पर देखने को नहीं मिल रहा है। एक अप्रैल वर्ष 2017 से अब तक जिले में सिर्फ 291 महिलाओं और छह पुरुषों ने नसबंदी कराई है। वर्ष 2016-17 में पुरुषों ने दहाई का आंकड़ा पार किया है। पिछले कई सालों का आंकड़ा भी कुछ ऐसा ही है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसर चिंतित है। सीएमओ डॉ. रामनिवास ने बताया कि पुरुषों को नसबंदी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रचार प्रसार भी हो रहा है। लेकिन पुरुषों की नसबंदी संख्या उम्मीद के अनुसार नहीं बढ़ रहा है। यह चिंता का विषय है।
वर्ष पुरुष महिला
2014-15 09 4122
2015-16 07 3624
2016-17 17 4014
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देवरिया। नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए शासन ने प्रोत्साहन राशि जरूर बढ़ा दिया है। बावजूद पुरुष नसबंदी में इजाफा नहीं हो रहा है। विभागीय आंकड़ों को देखा जाए तो नसबंदी के मामले में महिलाओं की अपेक्षा पुरुष कई गुना पीछे हैं। स्वास्थ्य विभाग का अपनाया गया नया फंडा भी फेल होता नजर आ रहा है।
तेजी से बढ़ रही जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए शासन की ओर से पुरुष नसबंदी पर जोर दिया जा रहा है। पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए एक अप्रैल 2017 से पुरुषों को 3000, महिलाओं को गर्भपात के उपरांत 2000 और प्रसव के पश्चात नसबंदी कराने पर 3000 प्रोत्साहन राशि मिलेगा। इसके पहले पुरुषों को 2000 और गर्भपात के बाद नसबंदी पर 1400 और प्रसव के दौरान नसबंदी कराने वाली महिलाओं को 2200 मिलता था। इसके अलावा प्रेरक, आशा, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी बढ़ा दी है। नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए सरकार भले लोक लुभावनी योजनाएं भी लागू कर रही है। लेकिन इसका असर पुरुषों पर देखने को नहीं मिल रहा है। एक अप्रैल वर्ष 2017 से अब तक जिले में सिर्फ 291 महिलाओं और छह पुरुषों ने नसबंदी कराई है। वर्ष 2016-17 में पुरुषों ने दहाई का आंकड़ा पार किया है। पिछले कई सालों का आंकड़ा भी कुछ ऐसा ही है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसर चिंतित है। सीएमओ डॉ. रामनिवास ने बताया कि पुरुषों को नसबंदी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रचार प्रसार भी हो रहा है। लेकिन पुरुषों की नसबंदी संख्या उम्मीद के अनुसार नहीं बढ़ रहा है। यह चिंता का विषय है।
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वर्ष पुरुष महिला
2014-15 09 4122
2015-16 07 3624
2016-17 17 4014