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Deoria News: 250 कैमरे, 160 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी हर वक्त, फिर भी सुरक्षा में सुराख
Tue, 06 Oct 2026 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 06 Oct 2026 12:08 AM IST
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में करीब 250 सीसीटीवी कैमरे, 120 सुरक्षा गार्ड और 40 से 42 होमगार्ड तैनात होने के बावजूद मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले एक साल में तीन घटनाओं ने निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
अक्तूबर 2025 में भर्ती मरीज अशोक गावंडे का शव पांचवीं मंजिल की पानी की टंकी में मिला था। जनवरी 2026 में चार साल का बच्चा सुरक्षाकर्मियों की नजर से बचकर पांचवीं मंजिल तक पहुंच गया। अब रविवार की रात मेडिकल वार्ड की दूसरी मंजिल से गिरकर बिहार निवासी रामानुज चौहान की मौत हो गई।
61 वर्षीय अशोक गावंडे को 27 सितंबर को पैर में चोट लगने के बाद भर्ती कराया गया था। वार्ड से गायब होने के करीब 10 दिन बाद उनका शव पानी की टंकी में मिला। तत्कालीन डीएम के निरीक्षण में पांचवीं मंजिल का दरवाजा खुला, कुंडी क्षतिग्रस्त और सीढ़ी-रैंप पर कैमरे नहीं मिले थे।
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प्रशासनिक जांच के बाद तत्कालीन प्राचार्य को पद से हटाया गया था। वार्ड के भीतर कैमरा न होने से पुलिस को भी पूरी जानकारी नहीं मिल सकी।
चार जनवरी को हाथ के इलाज के लिए आई महिला का चार वर्षीय बच्चा मां को तलाशते हुए पांचवीं मंजिल तक पहुंच गया था। करीब दो घंटे बाद वह वहां रोता मिला। जून में छह वर्षीय बच्ची के दाहिने हाथ की जगह बाएं हाथ में प्लास्टर चढ़ाने का मामला भी सामने आया।
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अक्तूबर 2025 में भर्ती मरीज अशोक गावंडे का शव पांचवीं मंजिल की पानी की टंकी में मिला था। जनवरी 2026 में चार साल का बच्चा सुरक्षाकर्मियों की नजर से बचकर पांचवीं मंजिल तक पहुंच गया। अब रविवार की रात मेडिकल वार्ड की दूसरी मंजिल से गिरकर बिहार निवासी रामानुज चौहान की मौत हो गई।
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61 वर्षीय अशोक गावंडे को 27 सितंबर को पैर में चोट लगने के बाद भर्ती कराया गया था। वार्ड से गायब होने के करीब 10 दिन बाद उनका शव पानी की टंकी में मिला। तत्कालीन डीएम के निरीक्षण में पांचवीं मंजिल का दरवाजा खुला, कुंडी क्षतिग्रस्त और सीढ़ी-रैंप पर कैमरे नहीं मिले थे।
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प्रशासनिक जांच के बाद तत्कालीन प्राचार्य को पद से हटाया गया था। वार्ड के भीतर कैमरा न होने से पुलिस को भी पूरी जानकारी नहीं मिल सकी।
चार जनवरी को हाथ के इलाज के लिए आई महिला का चार वर्षीय बच्चा मां को तलाशते हुए पांचवीं मंजिल तक पहुंच गया था। करीब दो घंटे बाद वह वहां रोता मिला। जून में छह वर्षीय बच्ची के दाहिने हाथ की जगह बाएं हाथ में प्लास्टर चढ़ाने का मामला भी सामने आया।