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सज गए दरबार, गूंजने लगे जयकारे
Updated Wed, 27 Sep 2017 10:33 PM IST
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देवरिया। नवरात्रि की सप्तमी पर शहर से लेकर देहात इलाकों में दुर्गा पंडाल सज गए। हर तरफ जयकारे गूंज रहे हैं। देवी मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। बुधवार की देर शाम को विधि-विधान से कई स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाओं के पट खोले गए। इसी के साथ ही पंडाल श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार हो गए हैं। लोग भक्ति में तो रमे ही हैं, साथ में दुर्गा पंडालों में देवी का दर्शन करने के लिए भीड़ भी उमड़ने लगी है।
शहर हो या देहात, हर जगह दुर्गा प्रतिमाएं रखी गई हैं। हालांकि प्रशासन ने डीजे पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसकी काट करते हुए दुर्गा पूजा आयोजकों ने पंडालों में बड़े-बड़े लाउडस्पीकर लगा रखे हैं। इसके जरिए देर रात तक भक्तिगीत बताए जा रहे हैं। शहर के हनुमान मंदिर, राघवनगर, मालवीय रोड, नगर पालिका, रेलवे स्टेशन रोड, नई बाजार, न्यू कॉलोनी, रोडवेज, भीखमपुर रोड आदि स्थानों पर भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। देहात के इलाकों में भी सैकड़ों जगह मूर्तियां स्थापित की गई हैं। पंडालों को झालरों से सजाया गया है। रात के समय झालर की रोशनी पंडालों में चार चांद लगाने का काम कर रही हैं। स ुरक्षा के लिहाज ससे पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है। बांस देवरिया में दुर्गा प्रतिमा रखने को लेकर मंगलवार की रात को तनातनी की स्थिति उत्पन्न हो गई। रात दो बजे तक मामला गर्म रहा। शहर कोतवाल को हस्तक्षेप करना पड़ा। एक पक्ष दुर्गा प्रतिमा रखने का विरोध कर रहा था तो दूसरा पक्ष प्रतिमा रखने पर अड़ा था। दोनों पक्षों की बुधवार को कोतवाली में पंचायत भी हुई। मां हबहबी देवी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट की ओर से हबहबी देवी के मंदिर बौलीपार में पूरी तैयारी की गई है। पहली बार यहां 1962 में जगदीश पांडेय ने दुर्गा पूजन की शुरुआत की थी। 55 वर्ष पूरा होने पर पुजारी राजन उपाध्याय विधि-विधान से पूजन करा रहे हैं।
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शहर हो या देहात, हर जगह दुर्गा प्रतिमाएं रखी गई हैं। हालांकि प्रशासन ने डीजे पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसकी काट करते हुए दुर्गा पूजा आयोजकों ने पंडालों में बड़े-बड़े लाउडस्पीकर लगा रखे हैं। इसके जरिए देर रात तक भक्तिगीत बताए जा रहे हैं। शहर के हनुमान मंदिर, राघवनगर, मालवीय रोड, नगर पालिका, रेलवे स्टेशन रोड, नई बाजार, न्यू कॉलोनी, रोडवेज, भीखमपुर रोड आदि स्थानों पर भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। देहात के इलाकों में भी सैकड़ों जगह मूर्तियां स्थापित की गई हैं। पंडालों को झालरों से सजाया गया है। रात के समय झालर की रोशनी पंडालों में चार चांद लगाने का काम कर रही हैं। स ुरक्षा के लिहाज ससे पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है। बांस देवरिया में दुर्गा प्रतिमा रखने को लेकर मंगलवार की रात को तनातनी की स्थिति उत्पन्न हो गई। रात दो बजे तक मामला गर्म रहा। शहर कोतवाल को हस्तक्षेप करना पड़ा। एक पक्ष दुर्गा प्रतिमा रखने का विरोध कर रहा था तो दूसरा पक्ष प्रतिमा रखने पर अड़ा था। दोनों पक्षों की बुधवार को कोतवाली में पंचायत भी हुई। मां हबहबी देवी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट की ओर से हबहबी देवी के मंदिर बौलीपार में पूरी तैयारी की गई है। पहली बार यहां 1962 में जगदीश पांडेय ने दुर्गा पूजन की शुरुआत की थी। 55 वर्ष पूरा होने पर पुजारी राजन उपाध्याय विधि-विधान से पूजन करा रहे हैं।
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