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Deoria News: 500 मीटर की दूरी तय करने में बीत गए 21 दिन, नहीं पहुंचा स्पीड पोस्ट
Mon, 08 Jun 2026 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 08 Jun 2026 11:43 PM IST
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सलेमपुर। डाक विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सलेमपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या-7 सुगही निवासी विजय भूषण तिवारी तथा तहसील क्षेत्र के डुमवलिया गांव निवासी रुद्र नारायण तिवारी द्वारा बैंक संबंधी महत्वपूर्ण दस्तावेज 18 मई को सलेमपुर डाकघर से स्पीड पोस्ट के माध्यम से रजिस्ट्री कार्यालय भेजे गए थे।
हैरानी की बात यह है कि 21 दिन बीत जाने के बाद भी महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय तक पत्र नहीं पहुंच सका।
सोमवार को उपभोक्ता रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे और स्पीड पोस्ट की स्थिति के बारे में जानकारी ली। वहां पता चला कि संबंधित पत्र अब तक कार्यालय में प्राप्त ही नहीं हुआ है।
इसके बाद उन्होंने डाक विभाग से संपर्क किया, मगर पत्र कहां है और किस स्थिति में है, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उपभोक्ताओं का कहना है कि बैंक संबंधी महत्वपूर्ण कागजात समय पर न पहुंचने से उनका कार्य प्रभावित हो रहा है।
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स्पीड पोस्ट जैसी सेवा, जिसे त्वरित और सुरक्षित डिलीवरी के लिए जाना जाता है, उसकी इस तरह की लापरवाही से लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है।
विजय भूषण तिवारी और रुद्र नारायण तिवारी ने बताया कि स्पीड पोस्ट से भेजे गए दस्तावेज बैंकिंग कार्यों से जुड़े हुए हैं।
समय पर पत्र न पहुंचने से उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। डाक विभाग से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई है।
उनका कहना है कि यदि जल्द ही पत्र का पता नहीं लगाया गया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी से शिकायत कर मामले की जांच कराने की मांग करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक स्पीड पोस्ट 500 मीटर की दूरी तय करने में तीन सप्ताह से अधिक समय लगा रहा है तो दूरदराज क्षेत्रों में भेजे जाने वाले पत्रों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
लोगों ने डाक विभाग से व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
स्पीड पोस्ट जैसी महत्वपूर्ण सेवा में हुई इस लापरवाही ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें विभागीय कार्रवाई और पत्र की वास्तविक स्थिति पर टिकी हुई हैं।
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हैरानी की बात यह है कि 21 दिन बीत जाने के बाद भी महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय तक पत्र नहीं पहुंच सका।
सोमवार को उपभोक्ता रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे और स्पीड पोस्ट की स्थिति के बारे में जानकारी ली। वहां पता चला कि संबंधित पत्र अब तक कार्यालय में प्राप्त ही नहीं हुआ है।
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इसके बाद उन्होंने डाक विभाग से संपर्क किया, मगर पत्र कहां है और किस स्थिति में है, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उपभोक्ताओं का कहना है कि बैंक संबंधी महत्वपूर्ण कागजात समय पर न पहुंचने से उनका कार्य प्रभावित हो रहा है।
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स्पीड पोस्ट जैसी सेवा, जिसे त्वरित और सुरक्षित डिलीवरी के लिए जाना जाता है, उसकी इस तरह की लापरवाही से लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है।
विजय भूषण तिवारी और रुद्र नारायण तिवारी ने बताया कि स्पीड पोस्ट से भेजे गए दस्तावेज बैंकिंग कार्यों से जुड़े हुए हैं।
समय पर पत्र न पहुंचने से उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। डाक विभाग से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई है।
उनका कहना है कि यदि जल्द ही पत्र का पता नहीं लगाया गया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी से शिकायत कर मामले की जांच कराने की मांग करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक स्पीड पोस्ट 500 मीटर की दूरी तय करने में तीन सप्ताह से अधिक समय लगा रहा है तो दूरदराज क्षेत्रों में भेजे जाने वाले पत्रों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
लोगों ने डाक विभाग से व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
स्पीड पोस्ट जैसी महत्वपूर्ण सेवा में हुई इस लापरवाही ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें विभागीय कार्रवाई और पत्र की वास्तविक स्थिति पर टिकी हुई हैं।