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दस दिन में भी नहीं खरीद सके एक छटांक धान
Updated Sat, 10 Nov 2018 10:29 PM IST
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देवरिया। जिले में धान की खरीद अब तक शुरू नहीं हो पाई है। सरकार के तमाम दावों के बावजूद अधिकांश क्रय केंद्र भी क्रियाशील नहीं हुए हैं। इसमें 34 केंद्र पीसीएफ के शामिल हैं। विभागीय कर्मचारियों के आंदोलित होने से यह केंद्र बंद हैं। अन्य 33 केंद्र कागजों पर तो एक नवंबर से ही चालू हो चुके हैं, लेकिन कहीं भी एक छटांक भर धान अब तक नहीं खरीदा गया है। विभाग इसके लिए बहानेबाजी में मशगूल है।
किसानों की आय दोगुनी करने को संकल्पित प्रदेश सरकार उन्हें उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। खरीद प्रक्रिया से बिचौलियों को दूर रखने के लिए ऑनलाइन पंजीयन, न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, पर्याप्त क्रय केंद्रों की स्थापना जैसी पहल इसी का हिस्सा है। बावजूद जिम्मेदारों की उदासीनता से कोशिशें परवान नहीं चढ़ पा रही। ताजा उदाहरण धान खरीद की मौजूदा व्यवस्था है। सरकारी निर्देश के तहत जिले में विभिन्न संस्थाओं के 67 क्रयकेंद्र स्थापित किए गए हैं। इन पर एक नवंबर से ही खरीद आरंभ हो चुकी है, लेकिन धरातल पर ज्यादातर केंद्र क्रियाशील ही नहीं हुए हैं। इसमें 34 क्रय केंद्र पीसीएफ के ही है। पीसीएफ कर्मचारी मांगों को लेकर पहले दिन से ही आंदोलन कर रहे हैं। विभाग उनकी हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। अन्य संस्थाओं के क्रय केंद्र खुले भी हैं तो वहां बिक्री शून्य है। अफसरों की दलील है कि किसान नहीं आ रहे, जबकि खुले बाजारों में औने-पौने दामों पर धान की बिक्री लगातार हो रही है।
15 के बाद आएंगे किसान : डीएफएमओ
किसान भले ही अपनी उपज बेचने के लिए यहां-वहां भटक रहे हों, मगर महकमे को इसकी चिंता नहीं है। अफसरों का मानना है कि यहां 15 नवंबर के बाद ही खरीद शुरू होगी। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव का कहना है कि सिर्फ देवरिया ही नहीं, पूरे मंडल में खरीद शून्य है। आमतौर पर यहां 15 नवंबर के बाद ही खरीद शुरू होती है। हालांकि कुछ किसानों ने उनसे संपर्क किया है, मगर उनके धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक है। उसे सूखाकर, साफ कर सोमवार तक आने को कहा गया है। पीसीएफ कर्मचारियों से वार्ता की जा रही है, वह जल्द ही खरीद में शामिल हो जाएंगे। अन्य सभी क्रयकेंद्र क्रियाशील हैं। सोमवार से इसकी मॉनीटरिंग भी तेज की जाएगी।
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नौ नए क्रय केंद्र खुलेंगे
किसानों की सहूलियत के लिए जिले में नौ नए क्रय केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। डीएफएमओ ने बताया कि इसके लिए मंजूरी मिल गई है। एक केंद्र देसही देवरिया और एक सोनूघाट के पास स्थापित होगा। यहां किसान समितियों के माध्यम से खरीदारी होगी। सात अन्य केंद्र पीसीएफ के हैं।
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किसानों की आय दोगुनी करने को संकल्पित प्रदेश सरकार उन्हें उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। खरीद प्रक्रिया से बिचौलियों को दूर रखने के लिए ऑनलाइन पंजीयन, न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, पर्याप्त क्रय केंद्रों की स्थापना जैसी पहल इसी का हिस्सा है। बावजूद जिम्मेदारों की उदासीनता से कोशिशें परवान नहीं चढ़ पा रही। ताजा उदाहरण धान खरीद की मौजूदा व्यवस्था है। सरकारी निर्देश के तहत जिले में विभिन्न संस्थाओं के 67 क्रयकेंद्र स्थापित किए गए हैं। इन पर एक नवंबर से ही खरीद आरंभ हो चुकी है, लेकिन धरातल पर ज्यादातर केंद्र क्रियाशील ही नहीं हुए हैं। इसमें 34 क्रय केंद्र पीसीएफ के ही है। पीसीएफ कर्मचारी मांगों को लेकर पहले दिन से ही आंदोलन कर रहे हैं। विभाग उनकी हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। अन्य संस्थाओं के क्रय केंद्र खुले भी हैं तो वहां बिक्री शून्य है। अफसरों की दलील है कि किसान नहीं आ रहे, जबकि खुले बाजारों में औने-पौने दामों पर धान की बिक्री लगातार हो रही है।
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15 के बाद आएंगे किसान : डीएफएमओ
किसान भले ही अपनी उपज बेचने के लिए यहां-वहां भटक रहे हों, मगर महकमे को इसकी चिंता नहीं है। अफसरों का मानना है कि यहां 15 नवंबर के बाद ही खरीद शुरू होगी। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव का कहना है कि सिर्फ देवरिया ही नहीं, पूरे मंडल में खरीद शून्य है। आमतौर पर यहां 15 नवंबर के बाद ही खरीद शुरू होती है। हालांकि कुछ किसानों ने उनसे संपर्क किया है, मगर उनके धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक है। उसे सूखाकर, साफ कर सोमवार तक आने को कहा गया है। पीसीएफ कर्मचारियों से वार्ता की जा रही है, वह जल्द ही खरीद में शामिल हो जाएंगे। अन्य सभी क्रयकेंद्र क्रियाशील हैं। सोमवार से इसकी मॉनीटरिंग भी तेज की जाएगी।
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नौ नए क्रय केंद्र खुलेंगे
किसानों की सहूलियत के लिए जिले में नौ नए क्रय केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। डीएफएमओ ने बताया कि इसके लिए मंजूरी मिल गई है। एक केंद्र देसही देवरिया और एक सोनूघाट के पास स्थापित होगा। यहां किसान समितियों के माध्यम से खरीदारी होगी। सात अन्य केंद्र पीसीएफ के हैं।