{"_id":"5b5c9fd94f1c1bc57a8b6ff6","slug":"201532796889-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हक के लिए अंतिम वक्त तक संघर्ष करेंगे शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हक के लिए अंतिम वक्त तक संघर्ष करेंगे शिक्षक
Updated Sat, 28 Jul 2018 11:11 PM IST
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के धरने को जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने संबोधित किया।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने डीआईओएस कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। संघर्षों के दम पर मांगों को मनवाने का ऐलान किया। 20 अगस्त को लखनऊ में होने वाले विशाल प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई। सीएम को संबोधित 11 सूत्री मांगपत्र डीआईओएस को सौंपा।
संगठन के पूर्व मंडलीय मंत्री उमाशंकर लाल श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षक संघ अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। शिक्षकों की अधिकांश मांगे संघर्षों के दम पर पूरा हुआ। वर्ष 2005 में नौकरी पाने वाले शिक्षकों को पुरानी पेंशन दिया जाए। वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य समान सेवा शर्तें और अंतरिम रूप से न्यूनतम 25000 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाए। शिक्षकों को निशुल्क सुविधा दी जाए। वर्ष 2016 के पूर्व सेवानिवृत्त शिक्षकों को केंद्र सरकार के निर्णयानुसार मूल वेतन पर सेवानिवृत्त हुए हैं। उस धनराशि को पांचवें और छठवें वेतन आयोग की ओर से घोषित और प्रभावी वेतनमान में निर्धारित कर पेंशन का पुन: निर्धारण किया जाए। जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि शिक्षक अपने वाजिब हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो अंतिम दौर तक जारी रहेगा। इस दौरान दिनेश तिवारी, रामनिवास पांडेय, उमाशंकर पाठक, ब्रह्मा सिंह, धर्मेंद्र मौर्य, नरेंद्र सिंह, रमेश कुमार सिंह, ब्रजेश, शिवकुमार, अरविंद सिंह, डॉ. राजेश मिश्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
संगठन के पूर्व मंडलीय मंत्री उमाशंकर लाल श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षक संघ अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। शिक्षकों की अधिकांश मांगे संघर्षों के दम पर पूरा हुआ। वर्ष 2005 में नौकरी पाने वाले शिक्षकों को पुरानी पेंशन दिया जाए। वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य समान सेवा शर्तें और अंतरिम रूप से न्यूनतम 25000 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाए। शिक्षकों को निशुल्क सुविधा दी जाए। वर्ष 2016 के पूर्व सेवानिवृत्त शिक्षकों को केंद्र सरकार के निर्णयानुसार मूल वेतन पर सेवानिवृत्त हुए हैं। उस धनराशि को पांचवें और छठवें वेतन आयोग की ओर से घोषित और प्रभावी वेतनमान में निर्धारित कर पेंशन का पुन: निर्धारण किया जाए। जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि शिक्षक अपने वाजिब हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो अंतिम दौर तक जारी रहेगा। इस दौरान दिनेश तिवारी, रामनिवास पांडेय, उमाशंकर पाठक, ब्रह्मा सिंह, धर्मेंद्र मौर्य, नरेंद्र सिंह, रमेश कुमार सिंह, ब्रजेश, शिवकुमार, अरविंद सिंह, डॉ. राजेश मिश्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन