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बीएसए कार्यालय में शिक्षामित्रों ने दिया धरना
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:12 PM IST
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देवरिया। संयुक्त समायोजित शिक्षक, शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा ने बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। प्रदेश सरकार पर शिक्षामित्रों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। शुक्रवार को शिक्षामित्रों ने जेल भरने का एलान किया।
धरने को संबोधित करते हुए मनोज सिंह चंदेल ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। शिक्षामित्र इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। शुक्रवार को सभी शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट में पहुंचेंगे और जेल भरने का कार्य करेंगे। शशांक शेखर सिंह ने कहा कि अब शिक्षामित्रों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। हम ईंट का जवाब पत्थर से देने को तैयार हैं। संजय पांडेय और रामयोगेंद्र भारती ने कहा कि असमायोजित, समायोजित और टेट पास शिक्षामित्र एक ही हैं। 1.72 लाख शिक्षामित्र जब तक शिक्षक नहीं बन जाएंगे तब तक संगठन चुप नहीं बैठेगा। विद्यानिवास यादव और अरूण सिंह ने कहा कि सरकार ने विश्वासघात किया है। इसका जवाब 2019 में दिया जाएगा। रामेश यादव और अंकेश्वर सिंह ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई होगी। रविप्रकाश यादव ने कहा कि हमें 10 नहीं 40 हजार रुपये चाहिए। ऐसा नहीं होता है तो देवरिया से दिल्ली तक आंदोलन करेंगे। संतोष ओझा और संतोष विक्रम सिंह ने कहा कि कहा कि अब संघर्ष होगा। विनय सिंह ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। इस अवसर पर प्रदीप प्रजापति, सुजीत सिंह, मनोज गुप्ता, मुन्नी देवी, सुनील राव, देवेश तिवारी, संजय मिश्र, हंसनाथ राजभर मुकेश सिंह समेत हजारों की संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे। वहीं शिक्षामित्रों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस सतर्क रही। सीओ सिटी संदीप सिंह, सदर कोतवाल नीतीश श्रीवास्तव, खुखुंदू एसओ मृत्युंजय पाठक, रामपुर कारखाना के इंस्पेक्टर प्रभातेष मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे।
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धरने को संबोधित करते हुए मनोज सिंह चंदेल ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। शिक्षामित्र इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। शुक्रवार को सभी शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट में पहुंचेंगे और जेल भरने का कार्य करेंगे। शशांक शेखर सिंह ने कहा कि अब शिक्षामित्रों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। हम ईंट का जवाब पत्थर से देने को तैयार हैं। संजय पांडेय और रामयोगेंद्र भारती ने कहा कि असमायोजित, समायोजित और टेट पास शिक्षामित्र एक ही हैं। 1.72 लाख शिक्षामित्र जब तक शिक्षक नहीं बन जाएंगे तब तक संगठन चुप नहीं बैठेगा। विद्यानिवास यादव और अरूण सिंह ने कहा कि सरकार ने विश्वासघात किया है। इसका जवाब 2019 में दिया जाएगा। रामेश यादव और अंकेश्वर सिंह ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई होगी। रविप्रकाश यादव ने कहा कि हमें 10 नहीं 40 हजार रुपये चाहिए। ऐसा नहीं होता है तो देवरिया से दिल्ली तक आंदोलन करेंगे। संतोष ओझा और संतोष विक्रम सिंह ने कहा कि कहा कि अब संघर्ष होगा। विनय सिंह ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। इस अवसर पर प्रदीप प्रजापति, सुजीत सिंह, मनोज गुप्ता, मुन्नी देवी, सुनील राव, देवेश तिवारी, संजय मिश्र, हंसनाथ राजभर मुकेश सिंह समेत हजारों की संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे। वहीं शिक्षामित्रों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस सतर्क रही। सीओ सिटी संदीप सिंह, सदर कोतवाल नीतीश श्रीवास्तव, खुखुंदू एसओ मृत्युंजय पाठक, रामपुर कारखाना के इंस्पेक्टर प्रभातेष मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे।
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