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पचास गांव वालों के लिए नाव सिर्फ एक
Updated Sun, 18 Jun 2017 10:32 PM IST
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बरहज (देवरिया)। जनपद और गैर जनपद के पचासों गांवों के ग्रामीण अपनी जान को जोखिम में डालकर सरयू तट से नदी पार कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से आवागमन के लिए एक नौका मुहैया कराई गई है। जबकि प्रत्येक वर्ष चार से पांच नौका का संचलन किया जाता था।
सरयू नदी से परसियां, विशुनपुर देवार सहित मऊ और बलिया जनपद के करीब पचास गांवों के लोगों का रोजाना नदी के रास्ते बरहज आना-जाना होता है। नदी के दो पाट में बहने के कारण पीडब्ल्यूडी ने नदी के दोनों हिस्सों पर पीपा पुल बनवाया था। जलस्तर बढ़ने और पानी के वेग के कारण प्रशासन एक पीपा पुल हटवाकर नाव से आवागमन करा रहा है। धर्मपुर देवार के राजेंद्र यादव, सीताराम, नकियहवां केजगई यादव, बिन टोला के जगदम्बा, खैरा के जगदीश, मऊ जनपद के जरलहवा के मुसाफिर, शिवनारायन आदि का कहना है कि एक नाव होने के कारण 30-35 की जगह 60-65 यात्री और उनके वाहन नदी पार कर रहे हैं। जो कभी एक बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकता है।
लोगों का कहना है कि नाव छूटने की स्थिति और अधिक भीड़ के चलते दूध व सब्जी बेचने वाले व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से लगाए गए नाव से यात्रा करने पर नदी उतरवाई लिए जाने की बात भी सामने आ रही है। उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि यह नाव पीडब्ल्यूडी ने लगाया हो तो नहीं बता सकता। रही बात ओवरलोड की तो पता कराता हूं। उसकी व्यवस्था कराई जाएगी।
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सरयू नदी से परसियां, विशुनपुर देवार सहित मऊ और बलिया जनपद के करीब पचास गांवों के लोगों का रोजाना नदी के रास्ते बरहज आना-जाना होता है। नदी के दो पाट में बहने के कारण पीडब्ल्यूडी ने नदी के दोनों हिस्सों पर पीपा पुल बनवाया था। जलस्तर बढ़ने और पानी के वेग के कारण प्रशासन एक पीपा पुल हटवाकर नाव से आवागमन करा रहा है। धर्मपुर देवार के राजेंद्र यादव, सीताराम, नकियहवां केजगई यादव, बिन टोला के जगदम्बा, खैरा के जगदीश, मऊ जनपद के जरलहवा के मुसाफिर, शिवनारायन आदि का कहना है कि एक नाव होने के कारण 30-35 की जगह 60-65 यात्री और उनके वाहन नदी पार कर रहे हैं। जो कभी एक बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकता है।
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लोगों का कहना है कि नाव छूटने की स्थिति और अधिक भीड़ के चलते दूध व सब्जी बेचने वाले व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से लगाए गए नाव से यात्रा करने पर नदी उतरवाई लिए जाने की बात भी सामने आ रही है। उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि यह नाव पीडब्ल्यूडी ने लगाया हो तो नहीं बता सकता। रही बात ओवरलोड की तो पता कराता हूं। उसकी व्यवस्था कराई जाएगी।
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