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एक ही चिता पर जले दोनों भाइयों के शव
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एक ही चिता पर जले दोनों भाइयों के शव
पुत्रों के शव पर फूट-फूट कर रोया पिता, मां बदहवाश
देवतहा गांव में पसरा मातम, दो पुत्रों की मौत के बाद मां बदहवास
दुबई से आए पिता ने दी मुखाग्नि
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरी बाजार। बृहस्पतिवार को जब दोनों भाइयों का शव पहुंचा तो शव से लिपटकर पिता फूट-फूटकर रोया। बदहवास स्थिति में बेसुध पड़ी मां के करुण क्रंदन से उपस्थित लोगों की आंखें भी नम हो गईं। कड़जहां घाट पर मुखाग्नि देते समय लड़खड़ा कर गिरे पिता के मुंह से एक ही बात निकल रही थी कि ऐसा क्यों हुआ।
गौरी बाजार क्षेत्र के ग्राम देवतहां के टोला छितही में बुधवार को सुबह पांच बजे सौतेले भाई व सौतेली मां द्वारा दो भाइयों की निर्मम हत्या कर दी गई। इसकी सूचना जब दुबई में श्रीनिवास प्रसाद को मिली तो उसे सहसा विश्वास ही नहीं हुआ। जैसे-तैसे दुबई से फ्लाइट से वह बृहस्पतिवार को घर लौटे। इधर, पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों बेटों का शव घर पहुंचा तो श्रीनिवास पुत्रों के शव से लिपटकर कर फूट-फूट कर रोने लगा। अपने भाग्य को कोसते हुए वह बार-बार यही कह रहा था कि यह कैसे हो गया। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि मेरी पहली पत्नी कुसुम व उसका पुत्र राजू और बहू अर्चना ने मिलकर इतना बड़ा निर्णय ले लिया और उसके दो होनहार पुत्रों का कत्ल कर दिया। मृतक अजय व अभिषेक का अंतिम संस्कार कड़जहां घाट पर किया गया, जहां पुत्रों को मुखाग्नि देते समय श्रीनिवास लड़खड़ा कर गिर गया। उपस्थित लोगों ने उसे सहारा दिया। परिवार की खुशहाली के लिए श्रीनिवास विगत दस वर्ष से विदेश में ही रह रहा था। बीच-बीच में वह घर आता था। कुछ दिन रहकर वह पुन: दुबई लौट जाया करता था। दूसरी पत्नी मंशा देवी का बड़ा पुत्र मृतक अजय घर का होनहार लड़का था। इसलिए वह पिता का लाडला भी था। अजय ने कुछ दिन पूर्व गुजरात में अपना स्वयं का मेडिकल स्टोर भी खोल लिया था। एक आदमी रखकर डेढ़ माह से वह घर पर ही था। 22 मई को गुजरात जाने के लिए रिजर्वेशन करा लिया था। उसे क्या पता कि उसकी सौतेली मां व भाई की मंशा इतनी खतरनाक है।
धन के लालच ने ही करा दिया यह बड़ा अपराध
पति द्वारा दूसरी पत्नी को अधिक धन देने व उसके दोनों पुत्रों के न रहने पर पूरी संपत्ति अपना हो जाने के मंसूबे ने एक कुनबे को बर्बाद कर दिया। श्रीनिवास की पहली पत्नी को यह लगता था कि उसका पति अपनी दूसरी पत्नी मंशा व उसके दोनों पुत्रों अजय व अभिषेक को ज्यादा धन एवं मान देता है। ऐसे में यदि दोनों को खत्म कर दिया जाए तो साढ़े तीन बीघा जमीन सहित पूरी संपत्ति उसकी हो जाएगी। इसके कृत्य से ग्रामीण उसे खूब कोस रहे हैं। लोगों का कहना है कि धन के लालच ने ही उससे इतना बड़ा अपराध करा दिया।
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पुत्रों के शव पर फूट-फूट कर रोया पिता, मां बदहवाश
देवतहा गांव में पसरा मातम, दो पुत्रों की मौत के बाद मां बदहवास
दुबई से आए पिता ने दी मुखाग्नि
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरी बाजार। बृहस्पतिवार को जब दोनों भाइयों का शव पहुंचा तो शव से लिपटकर पिता फूट-फूटकर रोया। बदहवास स्थिति में बेसुध पड़ी मां के करुण क्रंदन से उपस्थित लोगों की आंखें भी नम हो गईं। कड़जहां घाट पर मुखाग्नि देते समय लड़खड़ा कर गिरे पिता के मुंह से एक ही बात निकल रही थी कि ऐसा क्यों हुआ।
गौरी बाजार क्षेत्र के ग्राम देवतहां के टोला छितही में बुधवार को सुबह पांच बजे सौतेले भाई व सौतेली मां द्वारा दो भाइयों की निर्मम हत्या कर दी गई। इसकी सूचना जब दुबई में श्रीनिवास प्रसाद को मिली तो उसे सहसा विश्वास ही नहीं हुआ। जैसे-तैसे दुबई से फ्लाइट से वह बृहस्पतिवार को घर लौटे। इधर, पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों बेटों का शव घर पहुंचा तो श्रीनिवास पुत्रों के शव से लिपटकर कर फूट-फूट कर रोने लगा। अपने भाग्य को कोसते हुए वह बार-बार यही कह रहा था कि यह कैसे हो गया। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि मेरी पहली पत्नी कुसुम व उसका पुत्र राजू और बहू अर्चना ने मिलकर इतना बड़ा निर्णय ले लिया और उसके दो होनहार पुत्रों का कत्ल कर दिया। मृतक अजय व अभिषेक का अंतिम संस्कार कड़जहां घाट पर किया गया, जहां पुत्रों को मुखाग्नि देते समय श्रीनिवास लड़खड़ा कर गिर गया। उपस्थित लोगों ने उसे सहारा दिया। परिवार की खुशहाली के लिए श्रीनिवास विगत दस वर्ष से विदेश में ही रह रहा था। बीच-बीच में वह घर आता था। कुछ दिन रहकर वह पुन: दुबई लौट जाया करता था। दूसरी पत्नी मंशा देवी का बड़ा पुत्र मृतक अजय घर का होनहार लड़का था। इसलिए वह पिता का लाडला भी था। अजय ने कुछ दिन पूर्व गुजरात में अपना स्वयं का मेडिकल स्टोर भी खोल लिया था। एक आदमी रखकर डेढ़ माह से वह घर पर ही था। 22 मई को गुजरात जाने के लिए रिजर्वेशन करा लिया था। उसे क्या पता कि उसकी सौतेली मां व भाई की मंशा इतनी खतरनाक है।
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धन के लालच ने ही करा दिया यह बड़ा अपराध
पति द्वारा दूसरी पत्नी को अधिक धन देने व उसके दोनों पुत्रों के न रहने पर पूरी संपत्ति अपना हो जाने के मंसूबे ने एक कुनबे को बर्बाद कर दिया। श्रीनिवास की पहली पत्नी को यह लगता था कि उसका पति अपनी दूसरी पत्नी मंशा व उसके दोनों पुत्रों अजय व अभिषेक को ज्यादा धन एवं मान देता है। ऐसे में यदि दोनों को खत्म कर दिया जाए तो साढ़े तीन बीघा जमीन सहित पूरी संपत्ति उसकी हो जाएगी। इसके कृत्य से ग्रामीण उसे खूब कोस रहे हैं। लोगों का कहना है कि धन के लालच ने ही उससे इतना बड़ा अपराध करा दिया।
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