{"_id":"5cd45a0cbdec220742620be2","slug":"181557420556-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोजपुरी में संवाद कर सबको साध गए राजनाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोजपुरी में संवाद कर सबको साध गए राजनाथ
विज्ञापन
हियुवा के जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह ने तलवार देकर गृहमंत्री का स्वागत किया।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। लार के रमावती धर्मनाथ सिंह लारी इंटर कॉलेज में चुनावी जनसभा में पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने काफी सहज अंदाज में भोजपुरी में लोगों से संवाद किया। खुद को किसान का बेटा बताकर किसानों का दिल जीतने की कोशिश की तो पूर्वांचल की माटी से जोड़कर लोगों को रिझाया। लोगों से किए सवालों का समर्थन तालियों से मांगा तो जय श्रीराम और मोदी-योगी जिंदाबाद के नारा से पंडाल गूंज उठा। लोगों का उत्साह देख गृहमंत्री गदगद दिखे। करीब आठ मिनट तक भोजपुरी में लोगों से खेती-किसानी की बातें पूछी।
भाषण की शुरुआत उन्होंने कहा कि लंबे अर्से बाद यहां पर आने का मौका मिला है। इसके पहले शायद मठ कॉलेज के प्रांगण में आया था। आप लोगों के बीच आकर काफी अच्छा लगता है, मैं भी विदेश का रहने वाला नहीं हूं, आपके बगल चंदौली जिले से हूं। बताव लोग खेती-बारी क का हाल बा, कवनों दिक्कत परेशानी त नइखे, लोगों ने एक स्वर में ना कहा, तो बोले के सबके चेहरा पर मुस्कान दिखत हव ऐसे मालूम होता सब लोग ठीक-ठाक बा...। उन्होंने कहा कि पांच एकड़ से कम खेती करने वाले किसानों किसान सम्मान निधि देने का प्रविधान बना था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद खेती करने वाले छोटे-बड़े सभी किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। किसानों का हमदर्द बताते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड सभी लोग बनवाएं। चुनावी घोषणा पत्र में निर्णय लिया गया है कि एक लाख तक ऋण लेने वाला किसान प्रत्येक वर्ष जमा-निकासी करता हैं तो पांच वर्ष तक ब्याज नहीं लगेगा। हम भी किसान के बेटे हैं, ब्याज देने में कितना दर्द होता है, इसे बखूबी जानते हैं। बुजुर्गों और छोटे दुकानदारों को इंगित करते हुए कहा कि उम्र ढलने के बाद इन्हें पूछने वाला कोई नहीं रहता। अब इनका भी ख्याल रखा जा रहा है। भाजपा ऐसी नीति बनाएगी कि 2031 तक देश का कोई व्यक्ति गरीब नहीं रह जाएगा।
गृहमंत्री को भेंट की तलवार
तेज धूप के बावजूद पूरा पंडाल भर गया था। सिर पर केसरिया टोपी और गले में गमछा लगाए उत्साहित लोग राजनाथ सिंह का हेलीकाप्टर देख मोदी-योगी जिंदाबाद का नारा लगाने लगे। हियुवा के जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह ने तलवार देकर गृहमंत्री का स्वागत किया। मंच से गृहमंत्री के एक-एक सवालों का जवाब लोगों ने दिया।
विज्ञापन
सुरक्षा का रहा पुख्ता इंतजाम, लोगों ने किया स्वागत
गृहमंत्री की सुरक्षा में मंच से लेकर हेलीपैड तक पुलिस वाले मुस्तैद रहे। अधिकांश पुलिस वाले सादे लिबास में मंच के इर्द गिर्द जमे रहे। सुनील स्नेही ने देशभक्ति गीतों और मोदी सरकार के कार्यों का बखान करते हुए लोगों को लुभाया। मंच पर लोकसभा क्षेत्र प्रभारी हौसला उपाध्याय, जिलाध्यक्ष डॉ. अंतर्यामी सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध मिश्र, महेंद्र यादव, विधायक काली प्रसाद, संजय यादव, धनंजय कन्नौजिया, पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर, दीपक मिश्र, जयनाथ कुशवाहा, सांसद रविंद्र कुशवाहा, बलबीर सिंह दादा, चेयरमैन सरोज देवी, विंदा कुशवाहा, अमरेश सिंह, सभाकुंवर, कुंजबिहारी सिंह, जितेंद्र सिंह, धीरज सिंह, अशोक पांडेय, विष्णुकांत तिवारी, पुनीत शाही, अमित सिंह, राघवेंद्र बीर विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
सफेद झंडा नहीं, दागी जाती हैं गोलियां
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार में सेना का हाथ बांध दिया गया था। इसलिए चाह कर भी सैनिक आतंकवादियों का जवाब नहीं दे पाते थे। भाजपा की सरकार बनने के कुछ दिनों बाद आतंकी हमले में भारत के पांच जवान शहीद होने की खबर मिली। सेना के प्रमुख को फोन किया तो उन्होंने बताया कि गोली चलाने का निर्देश नहीं है, वार्ता के लिए सफेद झंडा 17वीं बार दिखाया गया, लेकिन जवाब कोई नहीं आया है। इस पर मैने निर्देश दिया कि सफेद झंडा कहानी अब खत्म करो, भारत की तरफ से पहले गोली नहीं चलेगी, लेकिन एक भी गोली पाकिस्तान की तरफ से चलती है तो जवाब में भारत की ओर से चलने वाली गोलियों को गिना नहीं जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुशर्रफ को झुकना पड़ा, लेकिन कांग्रेस की जब सरकार आई तो आतंकवादियों को शह मिल गया।
विज्ञापन
भाषण की शुरुआत उन्होंने कहा कि लंबे अर्से बाद यहां पर आने का मौका मिला है। इसके पहले शायद मठ कॉलेज के प्रांगण में आया था। आप लोगों के बीच आकर काफी अच्छा लगता है, मैं भी विदेश का रहने वाला नहीं हूं, आपके बगल चंदौली जिले से हूं। बताव लोग खेती-बारी क का हाल बा, कवनों दिक्कत परेशानी त नइखे, लोगों ने एक स्वर में ना कहा, तो बोले के सबके चेहरा पर मुस्कान दिखत हव ऐसे मालूम होता सब लोग ठीक-ठाक बा...। उन्होंने कहा कि पांच एकड़ से कम खेती करने वाले किसानों किसान सम्मान निधि देने का प्रविधान बना था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद खेती करने वाले छोटे-बड़े सभी किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। किसानों का हमदर्द बताते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड सभी लोग बनवाएं। चुनावी घोषणा पत्र में निर्णय लिया गया है कि एक लाख तक ऋण लेने वाला किसान प्रत्येक वर्ष जमा-निकासी करता हैं तो पांच वर्ष तक ब्याज नहीं लगेगा। हम भी किसान के बेटे हैं, ब्याज देने में कितना दर्द होता है, इसे बखूबी जानते हैं। बुजुर्गों और छोटे दुकानदारों को इंगित करते हुए कहा कि उम्र ढलने के बाद इन्हें पूछने वाला कोई नहीं रहता। अब इनका भी ख्याल रखा जा रहा है। भाजपा ऐसी नीति बनाएगी कि 2031 तक देश का कोई व्यक्ति गरीब नहीं रह जाएगा।
विज्ञापन
गृहमंत्री को भेंट की तलवार
तेज धूप के बावजूद पूरा पंडाल भर गया था। सिर पर केसरिया टोपी और गले में गमछा लगाए उत्साहित लोग राजनाथ सिंह का हेलीकाप्टर देख मोदी-योगी जिंदाबाद का नारा लगाने लगे। हियुवा के जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह ने तलवार देकर गृहमंत्री का स्वागत किया। मंच से गृहमंत्री के एक-एक सवालों का जवाब लोगों ने दिया।
विज्ञापन
सुरक्षा का रहा पुख्ता इंतजाम, लोगों ने किया स्वागत
गृहमंत्री की सुरक्षा में मंच से लेकर हेलीपैड तक पुलिस वाले मुस्तैद रहे। अधिकांश पुलिस वाले सादे लिबास में मंच के इर्द गिर्द जमे रहे। सुनील स्नेही ने देशभक्ति गीतों और मोदी सरकार के कार्यों का बखान करते हुए लोगों को लुभाया। मंच पर लोकसभा क्षेत्र प्रभारी हौसला उपाध्याय, जिलाध्यक्ष डॉ. अंतर्यामी सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध मिश्र, महेंद्र यादव, विधायक काली प्रसाद, संजय यादव, धनंजय कन्नौजिया, पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर, दीपक मिश्र, जयनाथ कुशवाहा, सांसद रविंद्र कुशवाहा, बलबीर सिंह दादा, चेयरमैन सरोज देवी, विंदा कुशवाहा, अमरेश सिंह, सभाकुंवर, कुंजबिहारी सिंह, जितेंद्र सिंह, धीरज सिंह, अशोक पांडेय, विष्णुकांत तिवारी, पुनीत शाही, अमित सिंह, राघवेंद्र बीर विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
सफेद झंडा नहीं, दागी जाती हैं गोलियां
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार में सेना का हाथ बांध दिया गया था। इसलिए चाह कर भी सैनिक आतंकवादियों का जवाब नहीं दे पाते थे। भाजपा की सरकार बनने के कुछ दिनों बाद आतंकी हमले में भारत के पांच जवान शहीद होने की खबर मिली। सेना के प्रमुख को फोन किया तो उन्होंने बताया कि गोली चलाने का निर्देश नहीं है, वार्ता के लिए सफेद झंडा 17वीं बार दिखाया गया, लेकिन जवाब कोई नहीं आया है। इस पर मैने निर्देश दिया कि सफेद झंडा कहानी अब खत्म करो, भारत की तरफ से पहले गोली नहीं चलेगी, लेकिन एक भी गोली पाकिस्तान की तरफ से चलती है तो जवाब में भारत की ओर से चलने वाली गोलियों को गिना नहीं जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुशर्रफ को झुकना पड़ा, लेकिन कांग्रेस की जब सरकार आई तो आतंकवादियों को शह मिल गया।