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जिला अस्पताल में दो मरीजों की मौत, हंगामा

Fri, 31 Aug 2018 10:57 PM IST
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:57 PM IST
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जिला अस्पताल में दो मरीजों की मौत, हंगामा
जिला अस्पताल में महिलाओ के मौत के बाद प्रभारी कोतवाल से नोंकझोंक करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। इमरजेंसी और महिला वार्ड में भर्ती दो महिलाओं की शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। ऑक्सीजन की कमी और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का गुस्सा देख डॉक्टर-कर्मचारियों ने खुद को कमरे में बंद कर दिया। सीएमओ के फोन रिसीव नहीं करने से लोगों की नाराजगी बढ़ गई। बाद में डीएम के निर्देश पर पुलिस मौके पर पहुंची। गुस्साए लोगों को किसी तरह समझा कर शांत कराते हुए शव को घर भेजवाया। हंगामे के कारण करीब डेढ़ घंटे तक इमरजेंसी सेवा प्रभावित रही।
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बैकुंठपुर के माधोपुर गांव के चौकीदार रामानंद यादव की भाभी रमावती देवी (60) की शुक्रवार की भोर में अचानक तबीयत खराब हो गई। घरवाले उसे सुबह सात बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर लाए। आरोप है कि डॉक्टर मरीज को देखने के बाद ऑक्सीजन लगाने की बात कहे और करीब 800 की दवा बाहर से खरीदकर मंगाए। लापरवाह कर्मचारियों ने ऑक्सीजन नहीं लगाया। आधे घंटे बाद पहुंचे एक कर्मचारी ने ऑक्सीजन लगाया, लेकिन सिलेंडर खाली होने के कारण मरीज को राहत नहीं मिली। सुबह 8.30 बजे महिला ने दम तोड़ दिया। मामला बिगड़ता देख डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन घरवाले एंबुलेंस में शव को रखकर हंगामा करने लगे। लोगों को उग्र तेवर देख डॉक्टर और कर्मचारी एक कमरे में दुबक गए। रामानंद ने सीएमओ को फोन किया। उनका फोन रिसीव नहीं हुआ तो डीएम अमित किशोर को सूचना दी। इसी दौरान चार दिनों से महिला वार्ड में भर्ती नारायणपुर गांव निवासी 75 वर्षीय मैना की भी मौत हो गई। बेटे भृगुनाथ यादव का आरोप है कि भोर में चार बजे तबीयत बिगड़ने पर नर्स को बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आई। सुबह 6.30 बजे ऑक्सीजन की जरूरत बताते हुए सिलेंडर लगाया, लेकिन वह खाली था। ऑक्सीजन के अभाव में मैना ने दम तोड़ दिया। नाराज घरवालों ने भी इमरजेंसी के सामने शव रखकर हंगामा किया। करीब डेढ़ घंटे तक इमरजेंसी में मरीजों का उपचार प्रभावित रहा। प्रभारी कोतवाल राजबीर सिंह यादव ने हंगामा करने वालों को समझाकर शांत कराया और पोस्टमार्टम कराने की बजाए एंबुलेंस से शव को भिजवा दिया। इमरजेंसी में तैनात डॉ. एचएन सिंह का दावा है कि ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। दोनों मरीजों की स्थिति गंभीर थी। बीमारी के कारण ही उन्होंने दम तोड़ा। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है, गलत अफवाह फैलाई गई।
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