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फर्जी संस्था बनाकर बेरोजगार युवकों से धोखाधड़ी करने वाला आया गिरफ्त में
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:26 PM IST
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बेरोजगारों को ठगने वाला आरोपी पुलिस की गिरफ्त में।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। फर्जी संस्था बनाकर बेरोजगार युवकों से धोखाधड़ी करने वाला युवक पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। पुलिस को उसके दूसरे साथी की तलाश है। युवक की तलाश पिछले साल ही पुलिस कर रही थी।
पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में सीओ सिटी सीताराम ने बताया कि पिछले साल 29 जुलाई को गोरखपुर के बड़हलगंज निवासी नेहा पुत्री विजय समेत तमाम लोगों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि एमआर ग्रुप मैनेजमंट एंड मार्केटिंग संस्था ने भर्ती के नाम पर धोखाधड़ी किया है। उन लोगों के मूल शैक्षिक प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, सिमकार्ड, रुपये और अन्य कागजात ले लिया गया। बिना नाम के एलईडी वल्ब, पालिस स्प्रे बेचने के लिए कहा गया। मना करने पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया। एसपी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी। सीओ सिटी सीताराम के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच के प्रभारी निरीक्षक रफीक अहमद, एसआई अजय कुमार श्रीवास्तव और सिपाही मदन कुमार ने रविवार को भागलपुर पुल से मामले के आरोपी सुनील यादव पुत्र बीरबल यादव निवासी हल्दीरामपुर, थाना उभांव, जिला बलिया को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय के लिए चालान कर दिया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उसके एक अन्य साथी धर्मेंद्र यादव की पुलिस तलाश कर रही है।
बवाल के बाद ऑफिस हो गए बंद
देवरिया। एमआर ग्रुप मैनेजमंट एंड मार्केटिंग संस्था ने यूपी और बिहार में अपना नेटवर्क फैलाया था। बिहार के सिवान और मैरवां, यूपी के देवरिया के साथ ही गोरखपुर, बलिया और आगरा में कार्यालय खोला था। देवरिया में बवाल होने के बाद एक-एक कर कुछ ही दिन में सभी कार्यालयों पर ताला लग गया। इससे पुलिस को पता चल गया कि वास्तव में संस्था ने बेरोजगार युवाओं के साथ धोखाधड़ी की है।
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पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में सीओ सिटी सीताराम ने बताया कि पिछले साल 29 जुलाई को गोरखपुर के बड़हलगंज निवासी नेहा पुत्री विजय समेत तमाम लोगों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि एमआर ग्रुप मैनेजमंट एंड मार्केटिंग संस्था ने भर्ती के नाम पर धोखाधड़ी किया है। उन लोगों के मूल शैक्षिक प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, सिमकार्ड, रुपये और अन्य कागजात ले लिया गया। बिना नाम के एलईडी वल्ब, पालिस स्प्रे बेचने के लिए कहा गया। मना करने पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया। एसपी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी। सीओ सिटी सीताराम के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच के प्रभारी निरीक्षक रफीक अहमद, एसआई अजय कुमार श्रीवास्तव और सिपाही मदन कुमार ने रविवार को भागलपुर पुल से मामले के आरोपी सुनील यादव पुत्र बीरबल यादव निवासी हल्दीरामपुर, थाना उभांव, जिला बलिया को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय के लिए चालान कर दिया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उसके एक अन्य साथी धर्मेंद्र यादव की पुलिस तलाश कर रही है।
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बवाल के बाद ऑफिस हो गए बंद
देवरिया। एमआर ग्रुप मैनेजमंट एंड मार्केटिंग संस्था ने यूपी और बिहार में अपना नेटवर्क फैलाया था। बिहार के सिवान और मैरवां, यूपी के देवरिया के साथ ही गोरखपुर, बलिया और आगरा में कार्यालय खोला था। देवरिया में बवाल होने के बाद एक-एक कर कुछ ही दिन में सभी कार्यालयों पर ताला लग गया। इससे पुलिस को पता चल गया कि वास्तव में संस्था ने बेरोजगार युवाओं के साथ धोखाधड़ी की है।
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