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मामले को उकसाने वाले जनप्रतिनिधि गायब, मोहरा बने गांव वाले
Updated Sat, 14 Oct 2017 10:27 PM IST
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देवरिया। पेट्रोल पंप निर्माण को लेकर सरौरा गांव में विवाद तो डेढ़ माह से चल रहा था। बीच में कई बार सड़क जाम और प्रदर्शन कई चर्चित जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में गांव वालों ने किया। शुरू से इस प्रकरण में मोहरा बन रहे गांववालों को अंदेशा नहीं था कि नेतृत्व करने वाले पीठ में खंजर घोंपने का काम करेंगे। इस घटना से जहां गांववालों में अफसोस है, वहीं मामले को तूल देने वालों पर नाराजगी।
सरौरा चौराहा पर हनुमान मंदिर के पास छह लोगों ने एक-एक कट्ठा जमीन बैनामा पेट्रोल पंप मालिक को किया था। जमीन के सटे कुछ बंजर जमीन है। शुरुआती दौर में जब पेट्रोल पंप का निर्माण शुरू हुुआ तो क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि गांववालों की मदद से निर्माण कार्य रोकवा दिया। बीच में अन्य कई जनप्रतिनिधि गांववालों को हनुमान मंदिर का हवाला देते हुए कीमती बंजर जमीन पर कब्जा करने की बात कह धरना-प्रदर्शन भी किया। मामला बढ़ता देख एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार के नेतृत्व में जमीन की पैमाइश हुई। बावजूद इसके लोग पैमाइश पर सवाल उठाते हुए निर्माण रोक दिए और सीमांकन की मांग कर रहे थे। शनिवार को सुबह 10.30 बजे गांव वाले पुन: निर्माण रोकने का प्रयास किया। इसको लेकर फायरिंग हो गई और तीन युवकों की जान चली गई। इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद मामले को तूल देने वाला कोई भी जनप्रतिनिधि गांववालों का कुशलक्षेम पूछने आना तो दूर मौके पर नजर नहीं आए।
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सरौरा चौराहा पर हनुमान मंदिर के पास छह लोगों ने एक-एक कट्ठा जमीन बैनामा पेट्रोल पंप मालिक को किया था। जमीन के सटे कुछ बंजर जमीन है। शुरुआती दौर में जब पेट्रोल पंप का निर्माण शुरू हुुआ तो क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि गांववालों की मदद से निर्माण कार्य रोकवा दिया। बीच में अन्य कई जनप्रतिनिधि गांववालों को हनुमान मंदिर का हवाला देते हुए कीमती बंजर जमीन पर कब्जा करने की बात कह धरना-प्रदर्शन भी किया। मामला बढ़ता देख एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार के नेतृत्व में जमीन की पैमाइश हुई। बावजूद इसके लोग पैमाइश पर सवाल उठाते हुए निर्माण रोक दिए और सीमांकन की मांग कर रहे थे। शनिवार को सुबह 10.30 बजे गांव वाले पुन: निर्माण रोकने का प्रयास किया। इसको लेकर फायरिंग हो गई और तीन युवकों की जान चली गई। इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद मामले को तूल देने वाला कोई भी जनप्रतिनिधि गांववालों का कुशलक्षेम पूछने आना तो दूर मौके पर नजर नहीं आए।
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