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एक्सईएन को पता नहीं सलेमपुर में है मोबाइल ट्रांसफार्मर
Updated Wed, 28 Jun 2017 10:27 PM IST
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सलेमपुर। नगर प्रशासन और बिजली विभाग के अफसरों की खींचतान में जला हुआ मोबाइल ट्रांसफॉर्मर डेढ़ साल बाद भी नहीं बदला जा सका। इस वजह से नगर में ट्रांसफॉर्मर जलने के बाद बिजली के लिए हायतौबा मची है। दिलचस्प बात यह है कि नगर में मोबाइल ट्रांसफॉर्मर होने की जानकारी एक्सईएन को नहीं है।
ट्रांसफॉर्मर जलने के बाद नगरवासियों को बिजली के लिए कई दिन इंतजार करना पड़ता है। इससे निजात दिलाने के लिए नगर प्रशासन ने लाखों रुपये खर्च कर दो मोबाइल ट्रांसफॉर्मर खरीदा। करीब छह माह तक दोनों ट्रांसफॉर्मरों का उपयोग हुआ। इसके बाद जल गए। डेढ़ साल पहले लोगों ने मोबाइल ट्रांसफॉर्मर के लिए दबाव बनाया तो नगर प्रशासन ने बिजली विभाग पर ट्रांसफॉर्मर जलाने का आरोप लगाते हुए विद्युत उपकेंद्र पर जला हुआ ट्रांसफॉर्मर भेज दिया। तभी से उसी तरह वहां ट्रांसफॉर्मर पड़ा हुआ है। बिजली विभाग के अफसरों का कहना है कि नगर प्रशासन मोबाइल ट्रांसफॉर्मर को हैंडओवर करे या सुपरविजन चार्ज दे, तभी ट्रांसफॉर्मर बदला जाएगा। दोनों विभाग के खींचतान में मोबाइल ट्रांसफॉर्मर का लाभ नगरवासियों को नहीं मिल पा रहा है। वहीं एक्सईएन को मोबाइल ट्रांसफॉर्मर होने की जानकारी तक नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अफसर बिजली व्यवस्था को लेकर कितना सक्रिय हैं। ईओ अवधेश सिंह ने बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारी मोबाइल ट्रांसफॉर्मर मांग कर ले गए थे, जलाए वही लोग हैं। उसे ठीक कराना उनकी जिम्मेदारी है। विद्युत विभाग के एक्सईएन राममूरत प्रसाद ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि सलेमपुर में मोबाइल ट्रांसफॉर्मर है। एसडीओ और जेई से पूछताछ करूंगा।
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ट्रांसफॉर्मर जलने के बाद नगरवासियों को बिजली के लिए कई दिन इंतजार करना पड़ता है। इससे निजात दिलाने के लिए नगर प्रशासन ने लाखों रुपये खर्च कर दो मोबाइल ट्रांसफॉर्मर खरीदा। करीब छह माह तक दोनों ट्रांसफॉर्मरों का उपयोग हुआ। इसके बाद जल गए। डेढ़ साल पहले लोगों ने मोबाइल ट्रांसफॉर्मर के लिए दबाव बनाया तो नगर प्रशासन ने बिजली विभाग पर ट्रांसफॉर्मर जलाने का आरोप लगाते हुए विद्युत उपकेंद्र पर जला हुआ ट्रांसफॉर्मर भेज दिया। तभी से उसी तरह वहां ट्रांसफॉर्मर पड़ा हुआ है। बिजली विभाग के अफसरों का कहना है कि नगर प्रशासन मोबाइल ट्रांसफॉर्मर को हैंडओवर करे या सुपरविजन चार्ज दे, तभी ट्रांसफॉर्मर बदला जाएगा। दोनों विभाग के खींचतान में मोबाइल ट्रांसफॉर्मर का लाभ नगरवासियों को नहीं मिल पा रहा है। वहीं एक्सईएन को मोबाइल ट्रांसफॉर्मर होने की जानकारी तक नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अफसर बिजली व्यवस्था को लेकर कितना सक्रिय हैं। ईओ अवधेश सिंह ने बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारी मोबाइल ट्रांसफॉर्मर मांग कर ले गए थे, जलाए वही लोग हैं। उसे ठीक कराना उनकी जिम्मेदारी है। विद्युत विभाग के एक्सईएन राममूरत प्रसाद ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि सलेमपुर में मोबाइल ट्रांसफॉर्मर है। एसडीओ और जेई से पूछताछ करूंगा।
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