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शिक्षक के व्यवहार के कायल थे लोग
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:07 PM IST
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रामपुरकारखाना के रामपुर हिरामन में सेवा निवृत शिक्षक की पीट कर हत्या के बाद गांव पहुंची पुलिस ने लोगो से पूछताछ की।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। रामपुर कारखाना के रामपुर हीरामन गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक मोहम्मद अब्दुल मजिद की हत्या से गांव और इलाके के लोग दुखी हैं। इलाके के लोग उनकी इज्जत करते थे। वह भी सभी को प्रेरणा देने का कार्य करते रहते थे। बच्चों की शिक्षा और अनुशासन को लेकर वह काफी सक्रिय रहते थे।
रामपुर हीरामन गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक मोहम्मद अब्दुल मजीद की जमीन के विवाद में बुधवार की सुबह पीटकर हत्या कर दी गई। मोहम्मद अब्दुल मजिद कृषक इंटर कॉलेज बलटिकरा में शिक्षक थे। सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह शिक्षा को लेकर काफी संजीदा रहते थे। गांव के साथ ही आसपास के बच्चों को शिक्षा के प्रेरित करते रहते थे। कहते थे कि शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है। पढ़ाई करने वाला ही ऊंचाई को प्राप्त करता था। बताया जाता है कि शाम के समय वह गांव में घूमकर देखते थे कि बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं। यदि कोई घूमता हुआ मिलता था तो उसे समझाते थे। वे कहते थे कि केवल मजहबी शिक्षा से सर्वांगीण विकास और समाज का उत्थान नहीं हो सकता। बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता है। चौराहों पर लोगों के बीच बैठकर समाज और परिस्थिति के बारे में बातें करते थे। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक चंडी सिंह कहते हैं कि मोहम्मद अब्दुल मजिद जैसे लोग विरले ही होते हैं। उनकी इस तरह से हत्या कर दी जाएगी, विश्वास करना कठिन हो रहा है।
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रामपुर हीरामन गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक मोहम्मद अब्दुल मजीद की जमीन के विवाद में बुधवार की सुबह पीटकर हत्या कर दी गई। मोहम्मद अब्दुल मजिद कृषक इंटर कॉलेज बलटिकरा में शिक्षक थे। सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह शिक्षा को लेकर काफी संजीदा रहते थे। गांव के साथ ही आसपास के बच्चों को शिक्षा के प्रेरित करते रहते थे। कहते थे कि शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है। पढ़ाई करने वाला ही ऊंचाई को प्राप्त करता था। बताया जाता है कि शाम के समय वह गांव में घूमकर देखते थे कि बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं। यदि कोई घूमता हुआ मिलता था तो उसे समझाते थे। वे कहते थे कि केवल मजहबी शिक्षा से सर्वांगीण विकास और समाज का उत्थान नहीं हो सकता। बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता है। चौराहों पर लोगों के बीच बैठकर समाज और परिस्थिति के बारे में बातें करते थे। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक चंडी सिंह कहते हैं कि मोहम्मद अब्दुल मजिद जैसे लोग विरले ही होते हैं। उनकी इस तरह से हत्या कर दी जाएगी, विश्वास करना कठिन हो रहा है।
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