{"_id":"5985fa324f1c1b5f418b4611","slug":"171501952562-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे के निशान से ऊपर घाघरा, गांव वालों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे के निशान से ऊपर घाघरा, गांव वालों में दहशत
Updated Sat, 05 Aug 2017 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरहज। घाघरा नदी के खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इससे तटवर्ती क्षेत्र के गांववालों में दहशत है। जलस्तर में हुए इजाफे से परसिया देवार के करीब 22 टोले पानी से घिर गए हैं। लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
करीब 20 दिन पहले हुए लगातार बारिश और नेेपाल के पानी छोड़ने से जलस्तर में तेजी आई थी। जो 64.00 से शुरू होकर खतरे के निशान से 66.70 सेंटीमीटर पर पहुंच गया था। कपरवार संगम तट और कटइलवा गांव के समीप मुखलाल के घर के पास करीब दस मीटर इंटरलॉकिंग सड़क बह गई थी। विभाग की ओर से गांव को कटान से बचाने के लिए कटान स्थल पर बैम्बो क्रेट आदि की व्यवस्था की गई, लेकिन नदी के तेज बहाव में कुछ अवरोधक बह गए थे। इधर चार दिनों से घाघरा के जलस्तर में आए उफान से जलस्तर पूर्ववत पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
करीब 20 दिन पहले हुए लगातार बारिश और नेेपाल के पानी छोड़ने से जलस्तर में तेजी आई थी। जो 64.00 से शुरू होकर खतरे के निशान से 66.70 सेंटीमीटर पर पहुंच गया था। कपरवार संगम तट और कटइलवा गांव के समीप मुखलाल के घर के पास करीब दस मीटर इंटरलॉकिंग सड़क बह गई थी। विभाग की ओर से गांव को कटान से बचाने के लिए कटान स्थल पर बैम्बो क्रेट आदि की व्यवस्था की गई, लेकिन नदी के तेज बहाव में कुछ अवरोधक बह गए थे। इधर चार दिनों से घाघरा के जलस्तर में आए उफान से जलस्तर पूर्ववत पर पहुंच गया है।
विज्ञापन