फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   आग लगे तो चालक ढूंढने में ही बीत जाएंगे घंटों

आग लगे तो चालक ढूंढने में ही बीत जाएंगे घंटों

Mon, 03 Jun 2019 12:12 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jun 2019 12:12 AM IST
विज्ञापन
आग लगे तो चालक ढूंढने में ही बीत जाएंगे घंटों
फोटो-
विज्ञापन

आग लगे तो चालक ढूंढने में ही बीत जाएंगे घंटों
जिले की व्यवस्था के भरोसे आग पर काबू पाना मुश्किल
तहसीलों पर नहीं कोई इंतजाम, मुख्यालय से भेजी जाती है गाड़ी
औद्योगिक क्षेत्र में लगी आग तो कुशीनगर, गोरखपुर से बुलानी पड़ी थीं गाडिय़ां
सुनील कुमार सिंह
देवरिया। जिले में कहीं आग लग जाए तो यहां के अग्निशमन विभाग को चालक ढूंढने में ही घंटों लग जाएंगे। दरअसल, छह वाहनों को चलाने के लिए विभाग के पास मात्र तीन चालक है। इन्हीं के भरोसे जिले की पांच तहसीलों में 32 लाख आबादी को आग से बचाव का जिम्मा है। यही कारण है कि जिले में जब भी आग लगने की बड़ी घटनाएं हुईं, पड़ोसी जिलों से मदद लेनी पड़ी है।
जिले में छोटी-बड़ी तमाम फैक्ट्रियां, विद्युत निगम के दर्जनों उपकेंद्र, चीनी मिल और बैतालपुुर में ऑयल डिपो है। अब तो शहर में तमाम मॉल, कोचिंग सेंटर और निजी स्कूल भी खुल गए हैं। जिले की आबादी भी लगभग 32 लाख है। इन सबके सुरक्षा की जिम्मेदारी अग्निशमन विभाग के पास है, लेकिन विभाग ही संसाधन और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। हालत यह है कि आग लगने की बड़ी घटना को काबू करने में हर बार विभाग नाकाम रहता है। विभाग को गोरखपुर और कुशीनगर जिले से मदद मांगनी पड़ती है। पिछले दिनों इंडस्ट्रियल एरिया में अटैची फैक्ट्री में आग लगी तो गोरखपुर और कुशीनगर से पहुंची अग्निशमन की गाड़ियों ने आग बुझाने में मदद की थी। आठ घंटे की मशक्कत के बाद आग को काबू किया गया था। इस घटना के बाद जिले के आलाधिकारियों ने शासन को पत्र लिखकर यहां वाहनों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की, लेकिन इस दिशा में शासन की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक काम नहीं हो पाया है। इसके चलते विभाग अपने पास मौजूद संसाधनों से ही आग बुझाने के लिए मशक्कत करता है।
विज्ञापन


इनसेट में-
विभाग के पास मौजूद है यह संसाधन
अग्निशमन विभाग के पास ढाई हजार लीटर क्षमता की तीन दमकल गाड़ी है। इतनी ही पंप वाली छोटी गाड़ियां भी हैं। 400 लीटर टैंक वाली एक छोटी गाड़ी विभाग के पास है। इसी के भरोसे विभाग जिले में आग की घटनाओं पर काबू पाने का प्रयास करता है। गर्मी के मौसम में एक साथ कई क्षेत्रों में आग लगने की घटना से विभाग को काफी दिक्कत होती है। कई बार नाराज लोग कर्मचारियों पर हमला भी कर देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनसेट में-
लंबे समय से खाली है एफएसओ का पद
अग्निशमन विभाग में एफएसओ और चालक के पद काफी समय से खाली चल रहे हैं। वर्तमान में विभाग के पास 18 फायरमैन, 6 हवलदार, 3 चालक, 5 एफएसएसओ, एक सीएफओ हैं। इसके साथ आधा दर्जन वाहनों को चलाने के लिए मात्र तीन चालक ही हैं। जरूरत पड़ने पर मात्र तीन ही गाड़ियों का उपयोग हो पाता है। शेष के लिए चालक ढूढ़ना पड़ता है।

वर्जन
सभी सर्किल में एक बड़ी और एक छोटी गाड़ी की व्यवस्था कराने के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। इसके लिए अग्निशमन विभाग के डीजी से वार्ता की गई है। विभाग में संसाधनों की कमी को दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है।

-शिष्यपाल, एएसपी।

आग से चार झोपड़ियां जलीं
भाटपाररानी। बनकटा थाना क्षेत्र के एकडांगा मिश्र में रविवार की दोपहर अज्ञात कारणों से लगी आग में चार झोपड़ियां जल गई। उनमें रखा घर-गृहस्थी का सामान भी नष्ट हो गया। आग बुझाने की कोशिश में महिला भी झुलस गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों के अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। एकडांगा मिश्र गांव निवासी चंद्रदेव प्रसाद की झोपड़ी में दोपहर करीब एक बजे अचानक आग लग गई। थोड़ी ही देर में आसपास की चार झोपड़ियां भी चपेट में आ गई। आग बुझाते समय चंद्रदेव की पत्नी प्रेमशीला का हाथ जल गया। आग से चंद्रदेव का गेहूं, कपड़ा बिस्तर समेत सभी सामान जल कर नष्ट हो गया। दो गाय, एक बछिया भी झुलस गए। जवाहर प्रसाद की एक झोपड़ी, एक भैंस झुलस गई। कोमल प्रसाद और शिवशंकर की झोपड़ी भी आग की चपेट में आ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed