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संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों को सिर्फ आश्वासन की घुट्टी

Tue, 19 Dec 2017 11:00 PM IST
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:00 PM IST
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संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों को सिर्फ आश्वासन की घुट्टी
सदर तहसील में डीएम और एसपी ने लोगो का फरियाद सुनी। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। संपूर्ण समाधान दिवस अब औपचारिकता तक सीमित रह गया है। मकसद था कि इस दिन सभी के समस्याओं का समाधान हो जाए, मगर कागजी कोरम की जटिलता से फरियादियों को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सदर तहसील में डीएम, एसपी से लगायत जिले के बड़े अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन फरियादियों की भीड़ कम रही। जो लोग आए उन्हें आश्वासन ही मिला।
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संपूर्ण समाधान दिवस की कार्रवाई मंगलवार को सदर तहसील में 10 बजे से शुरू हुई। डीएम सुजीत कुमार और एसपी राकेश शंकर करीब एक घंटे बाद आए। तब तक फरियादी ठंड में बैठे रहे। तहसील सभागार में एक-एक फरियादी को जाने की अनुमति थी। बाकी तब तक इंतजार करते थे, जब अंदर गया फरियादी बाहर न आ जाए। 12 बजे तक सिर्फ चार फरियादी आए थे। सदर कोतवाली के इजरही गांव के परमहंस का कहना है उनके सहन की जमीन पर एक व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है। वह मई माह से थाने से लेकर तहसील का चक्कर लगा रहे हैं। पुलिस भी मौके पर गई थी। शनिवार को पूरे दिन दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। जबकि उनके पास सभी कागजात मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान और लेखपाल दूसरे पक्ष से मिले हुए हैं। रतनपुरा के प्रभाकर ने बताया कि उनके पिता रामनगीना का 2014 में निधन हो गया है। वह दो भाई हैं। खतौनी में आज तक दोनों भाइयों का नाम दर्ज नहीं हो पाया है। कई बार संपूर्ण समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। आज भी दिया है, अधिकारियों का कहना है कि नाम चढ़ गया है। खतौनी का नकल निकलवाने पर नाम उसमें अंकित नहीं है। मदिरापाली बुलाकी के अवधेश का कहना है कि यदुपति पुत्र बंधन की मृत्यु सात जनवारी-2016 को हो गया है। उनके संपूर्ण चल और अचल संपत्ति पर पत्नी निकिता, पुत्री आंचल और अन्नू काबिज हैं। अन्य कोई वारिस नहीं है। लेखपाल की वजह से दोनों बेटियों का नाम वारिस के रूप में चढ़ पाया है। सदर तहसीलदार भी इस बाबत लिख चुके हैं। फिर भी सुनवाई नहीं हो रही है। चकियवा के रहने वाले जगदीश प्रसाद ने कहा कि उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। कई माह से संपूर्ण समाधान दिवस का दौड़ लगा रहे हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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हर समस्या की होता है समाधान
एसडीएम राकेश सिंह ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस पर आने वाले हर समस्या का समाधान किया जाता है। जमीन से जुड़े मामले में तमाम चीजों पर गौर करना पड़ता है, इसलिए इस मामले में थोड़ा वक्त लगता है। अन्य मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया जाता है।
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