{"_id":"59ad943a4f1c1b1a278b522a","slug":"141504547898-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस की पहरेदारी में हुई एमएसी की काउंसलिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस की पहरेदारी में हुई एमएसी की काउंसलिंग
Updated Mon, 04 Sep 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेहरौनाघाट। एसडीपीजी कॉलेज मठ लार में एमएसी की काउंसलिंग पुलिस की मौजूदगी में हुई। इसकी वजह से नामांकन के नाम पर छात्र-छात्राओं से रकम वसूलने वाले छात्र नेता और कर्मचारियों की एक नहीं चली। बहुत दिन बाद कॉलेज में ऐसा हुआ है।
एसडीपीजी कॉलेज मठ लार में एमएसी में 60 सीट है। इसके लिए करीब 400 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। नामांकन कराने के लिए कई छात्र नेता और कॉलेज के कर्मचारियों ने दस से 15 हजार रुपये वसूल रखे थे। मेरिट लिस्ट प्रकाशित होने के बाद रकम वसूलने वालों की बेचैनी बढ़ गई। रकम वसूलने वाले कॉलेज प्रशासन पर मेरिट लिस्ट में फेरबदल करने के लिए दबाव बनाया। लेकिन किसी की एक नहीं चली। सोमवार को कॉलेज खुला तो काउंसलिंग के लिए छात्र-छात्राओं की जमघट लग गई। कुछ लोग प्राचार्य जीवन दर्शन दीक्षित पर काउंसलिंग में धांधली के लिए दबाव बनाया। मामला बिगड़ता देख कॉलेज प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दे दिया। इंस्पेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस भेजा। पुलिस की मौजूदगी में कॉलेज पर काउंसलिंग हुआ। इस बाबत इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह ने बताया कि काउंसलिंग की निष्पक्षता में कुछ लोग अड़ंगा डाल रहे थे। प्राचार्य की सूचना पर पुलिस भेजी गई थी।
दाखिला के लिए जोर आजमाइश
स्वामी देवानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक काउंसलिंग हुई। कुछ छात्रनेता अपने चहेतों को भी दाखिला दिलाने के लिए जोर आजमाइश करते नजर आए। पूर्व में छात्रों ने मेरिट सूची पर सवाल खड़ा किया था। इससे कालेज का माहौल गरमा गया था। अब स्वच्छ तरीके से काउंसलिंग करा कर दाखिला दिलाने का कार्य शुरू हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीपीजी कॉलेज मठ लार में एमएसी में 60 सीट है। इसके लिए करीब 400 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। नामांकन कराने के लिए कई छात्र नेता और कॉलेज के कर्मचारियों ने दस से 15 हजार रुपये वसूल रखे थे। मेरिट लिस्ट प्रकाशित होने के बाद रकम वसूलने वालों की बेचैनी बढ़ गई। रकम वसूलने वाले कॉलेज प्रशासन पर मेरिट लिस्ट में फेरबदल करने के लिए दबाव बनाया। लेकिन किसी की एक नहीं चली। सोमवार को कॉलेज खुला तो काउंसलिंग के लिए छात्र-छात्राओं की जमघट लग गई। कुछ लोग प्राचार्य जीवन दर्शन दीक्षित पर काउंसलिंग में धांधली के लिए दबाव बनाया। मामला बिगड़ता देख कॉलेज प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दे दिया। इंस्पेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस भेजा। पुलिस की मौजूदगी में कॉलेज पर काउंसलिंग हुआ। इस बाबत इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह ने बताया कि काउंसलिंग की निष्पक्षता में कुछ लोग अड़ंगा डाल रहे थे। प्राचार्य की सूचना पर पुलिस भेजी गई थी।
विज्ञापन
दाखिला के लिए जोर आजमाइश
स्वामी देवानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक काउंसलिंग हुई। कुछ छात्रनेता अपने चहेतों को भी दाखिला दिलाने के लिए जोर आजमाइश करते नजर आए। पूर्व में छात्रों ने मेरिट सूची पर सवाल खड़ा किया था। इससे कालेज का माहौल गरमा गया था। अब स्वच्छ तरीके से काउंसलिंग करा कर दाखिला दिलाने का कार्य शुरू हुआ।
विज्ञापन