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सदर बीआरसी पर शिक्षामित्रों ने दिया धरना
Updated Mon, 31 Jul 2017 10:36 PM IST
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देवरिया। सुप्रीम कोर्ट के समायोजन रद करने के फैसले नाराज शिक्षामित्रों ने सोमवार को विद्यालयों में पठन-पाठन बंद कराया। सदर बीआरसी परिसर में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया। सरकार से समायोजन बहाल करने की मांग की गई।
सदर बीआरसी परिसर में पहुंचे शिक्षामित्रों ने कहा कि उनलोगों के साथ अन्याय हुआ है। उनका कहना था कि सरकार विधेयक लाकर उनको बहाल करे। सहायक अध्यापक पद से कम पर उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। योगी सरकार शिक्षामित्रों के मामले में पहल करे। समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण हो सके। कौशल किशोर यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार आपस में वार्ता कर सहायक अध्यापक के बराबर वेतन और सुविधा देकर पुन: वापस करे। प्रभाकर द्विवेदी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से सभी समायोजित शिक्षकों की वापसी हो। विशुनदेव प्रसाद ने कहा कि सरकार हमारी मांग को जल्द मान ले, अन्यथा गंभीर परिणाम होंगे। सरकार जल्द हस्तक्षेप नहीं करती है तो तमाम शिक्षामित्र काल के शिकार हो जाएंगे। धरना में मुख्य रूप से मनीषा सिंह, कुसुम देवी, विनय यादव, अरूण उपाध्याय, संतोष यादव, ज्योति सिंह, मीना निगम समेत सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे। जिला प्रशासन की ओर से यहां सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था।
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सदर बीआरसी परिसर में पहुंचे शिक्षामित्रों ने कहा कि उनलोगों के साथ अन्याय हुआ है। उनका कहना था कि सरकार विधेयक लाकर उनको बहाल करे। सहायक अध्यापक पद से कम पर उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। योगी सरकार शिक्षामित्रों के मामले में पहल करे। समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण हो सके। कौशल किशोर यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार आपस में वार्ता कर सहायक अध्यापक के बराबर वेतन और सुविधा देकर पुन: वापस करे। प्रभाकर द्विवेदी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से सभी समायोजित शिक्षकों की वापसी हो। विशुनदेव प्रसाद ने कहा कि सरकार हमारी मांग को जल्द मान ले, अन्यथा गंभीर परिणाम होंगे। सरकार जल्द हस्तक्षेप नहीं करती है तो तमाम शिक्षामित्र काल के शिकार हो जाएंगे। धरना में मुख्य रूप से मनीषा सिंह, कुसुम देवी, विनय यादव, अरूण उपाध्याय, संतोष यादव, ज्योति सिंह, मीना निगम समेत सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे। जिला प्रशासन की ओर से यहां सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था।
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