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मंत्री का आदेश बेअसर, रोडवेज के सामने से डग्गामारी
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:14 PM IST
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देवरिया। मंगलवार की रात देवरिया डिपो का औचक निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के डग्गामारी रोकने के लिए दिए गए आदेश की अगले दिन ही धज्जियां उड़नी शुरू हो गई। रोडवेज के मुख्य गेट के सामने से डग्गामार वाहनों ने जमकर मनमानी की और बेखौफ होकर सवारियां भरीं। मंत्री के आदेश की इस तरह से हुई अवहेलना की परिसर में खूब चर्चा रही।
एसपी कार्यालय और कलेक्ट्रेट के बीच में स्थित देवरिया डिपो के सामने से बिना अधिकारियों के खौफ से डग्गामार वाहन सवारियां भरते हैं। डिपो के लिए नासूर बन चुके डग्गामार व प्राइवेट वाहन प्रतिदिन रोडवेज का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। दर्जनों अधिकारी इस मुख्य मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं करता। सुबह के वक्त डग्गामार वाहन जाम का प्रमुख कारण भी बनते हैं। रोडवेज के दोनो प्रवेश द्वार पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ये वाहन सवारियां भरते हैं। शाम के वक्त रोडवेज की सेवाएं बंद हो जाने के बाद तो गोरखपुर और सलेमपुर रूट पर इनकी चांदी रहती है। उस वक्त ये मनमाने तरीके से सवारियां भरने के साथ ही किराया भी अधिक वसूलते हैं। अनुबंधित बस मालिका कल्याण एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शक्तिशरण सिंह ने बताया कि डग्गामारी की शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई। परिवहन मंत्री के आदेश के बावजूद बुधवार को डग्गामारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इससे हमारा भी काफी नुकसान हो रहा है। कई बार डग्गामार वाहन मालिकों एवं रोडवेज कर्मचारियों के बीच झड़प भी हो चुकी है। न
रोजाना 3-4 लाख की लगा रहे चपत
डिपो स्तर से विभिन्न रूटों पर चलने वाले 64 डग्गामार वाहनों को चिह्नित किया गया है। सबसे ज्यादा डग्गामार वाहन देवरिया-कसया, गोरखपुर-सलेमपुर, देवरिया-पडरौना रूट पर हैं। विभागीय नियमों के अनुसार डिपो के एक किलोमीटर आगे और पीछे तक कोई डग्गामार वाहन सवारी नहीं भर सकता। लेकिन यहां तो एआरटीओ और पुलिस विभाग की मिलीभगत से मुख्य गेट से ही ये वाहन सवारियां भरते हैं। गेट के पास खड़े ट्रैफिक पुलिस या होमगार्ड भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
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आरएम का आदेश का भी असर नहीं
गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक डीबी सिंह ने एक पखवारे पूर्व आदेश दिया था कि हर डिपो में 10-10 अधिकारी व कर्मचारी की ड्यूटी लगाकर डग्गामारी रोकी जाएगी। ये कर्मचारी डग्गामार वाहनों को गेट से भगाने के साथ ही इस कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करेंगे, लेकिन देवरिया डिपो में यह आदेश केवल कागजों में ही सिमट कर रह गई।
दो दिन बाद चलेगा अभियान
शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लगे शिविर में व्यस्त होने के चलते एआरटीओ प्रशासन ने दो दिन की मोहलत मांगी है। दो दिन बाद उनके साथ बैठकर योजना बनाकर डग्गामार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -आरबी विश्वकर्मा, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक।
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एसपी कार्यालय और कलेक्ट्रेट के बीच में स्थित देवरिया डिपो के सामने से बिना अधिकारियों के खौफ से डग्गामार वाहन सवारियां भरते हैं। डिपो के लिए नासूर बन चुके डग्गामार व प्राइवेट वाहन प्रतिदिन रोडवेज का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। दर्जनों अधिकारी इस मुख्य मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं करता। सुबह के वक्त डग्गामार वाहन जाम का प्रमुख कारण भी बनते हैं। रोडवेज के दोनो प्रवेश द्वार पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ये वाहन सवारियां भरते हैं। शाम के वक्त रोडवेज की सेवाएं बंद हो जाने के बाद तो गोरखपुर और सलेमपुर रूट पर इनकी चांदी रहती है। उस वक्त ये मनमाने तरीके से सवारियां भरने के साथ ही किराया भी अधिक वसूलते हैं। अनुबंधित बस मालिका कल्याण एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शक्तिशरण सिंह ने बताया कि डग्गामारी की शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई। परिवहन मंत्री के आदेश के बावजूद बुधवार को डग्गामारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इससे हमारा भी काफी नुकसान हो रहा है। कई बार डग्गामार वाहन मालिकों एवं रोडवेज कर्मचारियों के बीच झड़प भी हो चुकी है। न
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रोजाना 3-4 लाख की लगा रहे चपत
डिपो स्तर से विभिन्न रूटों पर चलने वाले 64 डग्गामार वाहनों को चिह्नित किया गया है। सबसे ज्यादा डग्गामार वाहन देवरिया-कसया, गोरखपुर-सलेमपुर, देवरिया-पडरौना रूट पर हैं। विभागीय नियमों के अनुसार डिपो के एक किलोमीटर आगे और पीछे तक कोई डग्गामार वाहन सवारी नहीं भर सकता। लेकिन यहां तो एआरटीओ और पुलिस विभाग की मिलीभगत से मुख्य गेट से ही ये वाहन सवारियां भरते हैं। गेट के पास खड़े ट्रैफिक पुलिस या होमगार्ड भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
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आरएम का आदेश का भी असर नहीं
गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक डीबी सिंह ने एक पखवारे पूर्व आदेश दिया था कि हर डिपो में 10-10 अधिकारी व कर्मचारी की ड्यूटी लगाकर डग्गामारी रोकी जाएगी। ये कर्मचारी डग्गामार वाहनों को गेट से भगाने के साथ ही इस कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करेंगे, लेकिन देवरिया डिपो में यह आदेश केवल कागजों में ही सिमट कर रह गई।
दो दिन बाद चलेगा अभियान
शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लगे शिविर में व्यस्त होने के चलते एआरटीओ प्रशासन ने दो दिन की मोहलत मांगी है। दो दिन बाद उनके साथ बैठकर योजना बनाकर डग्गामार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -आरबी विश्वकर्मा, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक।