{"_id":"59e0ef8c4f1c1bda538b729b","slug":"131507913612-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिन्दू-मुस्लिमों ने लगवाया मंदिर के धर्मशाला का छत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिन्दू-मुस्लिमों ने लगवाया मंदिर के धर्मशाला का छत
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आशीष कुमार सिंह
पैना। स्थानीय गांव में स्थित काली मंदिर परिसर में बने धर्मशाला का छत धन के अभाव में करीब पांच साल से नहीं बन पा रहा था। इस बात को गांव के व्हाट्सएप ग्रुप पर डाला गया था। ग्रुप से जुड़े गांव के हिंदू-मुसलमान युवाओं ने कौमी एकता का मिसाल पेश करते हुए धर्मशाला का छत लगवाया।
गांव में काली मंदिर परिसर में करीब पांच साल पहले जन सहयोग से धर्मशाला का निर्माण शुरू हुआ। करीब साढ़े तीन लाख रुपये की लागत से दीवार बनकर तैयार हो गई। छत के लिए रुपये नहीं बचे। धर्मशाला का छत अधर में पड़ा था। गांव के मनीष सिंह, विवेक सिंह, उदय प्रताप सिंह, मोहम्मद आरिफ, मुमताज आदि युवाओं ने धर्मशाला की छत लगवाने के साथ ही सामाजिक कार्यों में सहयोग का बीड़ा उठाया। युवाओं ने राजपूताना और द रियल सोल्जर के नाम से दो व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। इससे सरकारी-गैरसरकारी संस्थानों में कार्य करने वाले गांव के सभी जातियों के लोग जुड़े हैं। ग्रुप में जुड़े सदस्यों ने कमाई का दस फीसदी धन सामाजिक कार्य पर खर्च करने का फैसला लिया। शनिवार को एकत्रित धन से काली मंदिर धर्मशाला का छत लगवाया गया।
गरीबों के लिए सहारा बनेगा ग्रुप
गांव में असहाय लड़कियों की शादी, शिक्षा, बीमारियों से लड़ रहे गरीबों के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए राजपूताना और द रियल सोल्जर व्हाट्सएप ग्रुप सहारा बनेगा। ग्रुप से जुड़े गांव के लोगों ने कमाई का दस प्रतिशत भाग गरीब मजलूमों पर खर्च करने का संकल्प लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पैना। स्थानीय गांव में स्थित काली मंदिर परिसर में बने धर्मशाला का छत धन के अभाव में करीब पांच साल से नहीं बन पा रहा था। इस बात को गांव के व्हाट्सएप ग्रुप पर डाला गया था। ग्रुप से जुड़े गांव के हिंदू-मुसलमान युवाओं ने कौमी एकता का मिसाल पेश करते हुए धर्मशाला का छत लगवाया।
गांव में काली मंदिर परिसर में करीब पांच साल पहले जन सहयोग से धर्मशाला का निर्माण शुरू हुआ। करीब साढ़े तीन लाख रुपये की लागत से दीवार बनकर तैयार हो गई। छत के लिए रुपये नहीं बचे। धर्मशाला का छत अधर में पड़ा था। गांव के मनीष सिंह, विवेक सिंह, उदय प्रताप सिंह, मोहम्मद आरिफ, मुमताज आदि युवाओं ने धर्मशाला की छत लगवाने के साथ ही सामाजिक कार्यों में सहयोग का बीड़ा उठाया। युवाओं ने राजपूताना और द रियल सोल्जर के नाम से दो व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। इससे सरकारी-गैरसरकारी संस्थानों में कार्य करने वाले गांव के सभी जातियों के लोग जुड़े हैं। ग्रुप में जुड़े सदस्यों ने कमाई का दस फीसदी धन सामाजिक कार्य पर खर्च करने का फैसला लिया। शनिवार को एकत्रित धन से काली मंदिर धर्मशाला का छत लगवाया गया।
विज्ञापन
गरीबों के लिए सहारा बनेगा ग्रुप
गांव में असहाय लड़कियों की शादी, शिक्षा, बीमारियों से लड़ रहे गरीबों के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए राजपूताना और द रियल सोल्जर व्हाट्सएप ग्रुप सहारा बनेगा। ग्रुप से जुड़े गांव के लोगों ने कमाई का दस प्रतिशत भाग गरीब मजलूमों पर खर्च करने का संकल्प लिया है।
विज्ञापन