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जद यू में दरार टूटने के कगार पर
Updated Fri, 11 Aug 2017 10:55 PM IST
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आसिफ इकबाल
देवरिया। जद-यू के राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य पूर्व विधायक सुबाष चंद्र श्रीवास्तव ने दावा किया कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार के फैसले से पार्टी के विधायक घुटन महसूस कर रहे हैं। शरद यादव के संपर्क में 20 से अधिक विधायक हैं। सही वक्त आने पर बगावत करेंगे। नई दिल्ली में 17 अगस्त को सांप्रदायिकता विरोधी सम्मेलन होगा। इसमें भाजपा विरोधी समान विचारधारा वाले दलों के नेता आएंगे। इसी दिन कुछ नया एलान हो सकता है।
शुक्रवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने दावा किया कि नई दिल्ली का सम्मेलन राजनीति की नई दिशा तय करेगा। नीतीश का फैसला बिहार के जनादेश का अपमान है। वैकल्पिक राजनीति की संभावनाओं के साथ विश्वासघात है। भाजपा के साथ आनन-फानन में सरकार बनाना पहले से तय मालूम हो रहा है। तेजस्वी यादव तो महज एक बहाना हैं। पाला बदलने का खेल पीएम नरेंद्र मोदी के साथ नीतीश कुमार की गुप्त संधि की देन है।
उन्होंने कहा कि 1977 में बिहार देश की राजनीति में बदलाव लाया था। बिहार ही बदलाव की एक बार फिर से पहल करेगा। जनता दल यूनाइटेड के वर्ष 2006 और 2008 में राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी रहे सुबाष ने कहा कि केसी त्यागी की पहचान शरद यादव की बदौलत है। नीतीश के इशारे पर वह शरद पर व्यक्तिगत हमले करा रहे हैं। नोटबंदी के बाद नीतीश ने पीएम मोदी के फैसले का स्वागत किया। संघ मुक्त भारत और शराब मुक्त समाज की स्थापना का संकल्प आखिर कहां गया। क्या वजह रही कि वह भाजपा के साथ गलबहियां करने लगे।
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देवरिया। जद-यू के राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य पूर्व विधायक सुबाष चंद्र श्रीवास्तव ने दावा किया कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार के फैसले से पार्टी के विधायक घुटन महसूस कर रहे हैं। शरद यादव के संपर्क में 20 से अधिक विधायक हैं। सही वक्त आने पर बगावत करेंगे। नई दिल्ली में 17 अगस्त को सांप्रदायिकता विरोधी सम्मेलन होगा। इसमें भाजपा विरोधी समान विचारधारा वाले दलों के नेता आएंगे। इसी दिन कुछ नया एलान हो सकता है।
शुक्रवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने दावा किया कि नई दिल्ली का सम्मेलन राजनीति की नई दिशा तय करेगा। नीतीश का फैसला बिहार के जनादेश का अपमान है। वैकल्पिक राजनीति की संभावनाओं के साथ विश्वासघात है। भाजपा के साथ आनन-फानन में सरकार बनाना पहले से तय मालूम हो रहा है। तेजस्वी यादव तो महज एक बहाना हैं। पाला बदलने का खेल पीएम नरेंद्र मोदी के साथ नीतीश कुमार की गुप्त संधि की देन है।
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उन्होंने कहा कि 1977 में बिहार देश की राजनीति में बदलाव लाया था। बिहार ही बदलाव की एक बार फिर से पहल करेगा। जनता दल यूनाइटेड के वर्ष 2006 और 2008 में राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी रहे सुबाष ने कहा कि केसी त्यागी की पहचान शरद यादव की बदौलत है। नीतीश के इशारे पर वह शरद पर व्यक्तिगत हमले करा रहे हैं। नोटबंदी के बाद नीतीश ने पीएम मोदी के फैसले का स्वागत किया। संघ मुक्त भारत और शराब मुक्त समाज की स्थापना का संकल्प आखिर कहां गया। क्या वजह रही कि वह भाजपा के साथ गलबहियां करने लगे।
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