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नगरपालिका को सीएलसी मंजूर नहीं, भा रहे एनजीओ

Sun, 24 Feb 2019 10:23 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 24 Feb 2019 10:23 PM IST
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नगरपालिका को सीएलसी मंजूर नहीं, भा रहे एनजीओ
नगरपालिका को सीएलसी मंजूर नहीं, भा रहे एनजीओ
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डीएम ने सीएलसी के जरिए कामगार रखने के दिए थे निर्देश, नगरपालिका ने निकाल दिया टेंडर
एनजीओ पर कई बार शोषण का आरोप लगा चुके हैं आउटसोर्सिंग कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिससे तंग आकर आउटसोर्सिंग कर्मी अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे, नगरपालिका ने फिर से वही आफत उनके गले डालने की तैयारी कर ली है। डीएम के निर्देश को दरकिनार कर नगरपालिका करीब 300 कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग से नियुक्ति एनजीओ के जरिए करने जा रही है। नगर पालिका का एनजीओ प्रेम कामगारों को रास नहीं आ रहा है। वह खुद को शोषण से बचाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं।
नगरपालिका में 167 सफाईकर्मी के अलावा करीब 125 कर्मचारी विभिन्न पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए हैं। कामगार उपलब्ध कराने का जिम्मा जैन मल्टीपरपज एजेंसी नामक फर्म को मिला था, जिसका अनुबंध छह माह पूर्व ही समाप्त हो गया। एनजीओ पर शोषण का आरोप लगाते हुए सफाईकर्मियों ने कई बार दफ्तर पर हंगामा किया और काम ठप कर दिए। अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। विरोध के बावजूद पालिका प्रशासन ने फर्म का अनुबंध मार्च तक बढ़ा दिया था। एनजीओ का अनुबंध फिर से समाप्त होने पर 12 फरवरी को नगरपालिका ने सफाई, टैक्स, जलकल, निर्माण आदि अनुभागों में आउटसोर्सिंग की रिक्तियां भरने के लिए अल्पकालिक निविदा आमंत्रित की है। इससे कामगारों को एक बार फिर शोषण की चिंता सताने लगी है। वीरेंद्र बांसफोर के नेतृत्व में नगर पालिका के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर सीएलसी के जरिए तैनाती दिए जाने की मांग की है।
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ऐसे हो रहा कामगारों का उत्पीड़न
शासन स्तर से नगरपालिका में काम कर रहे आउटसोर्सिंग सफाईकर्मियों की मजदूरी 7770 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है, जबकि उन्हें 5900 रुपये प्रतिमाह ही एनजीओ की ओर से दिया जाता है। वह भी समय पर नहीं मिलता। 25 दिन गुजरने के बावजूद सफाईकर्मियों को जनवरी की मजदूरी नहीं मिली है। इसके अलावा मास्क, जूता, वर्दी, हेलमेट, ग्लब्स आदि उपकरण भी नहीं दिए जाते हैं।
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डीएम के आदेश की हुई अवहेलना
डीएम ने शासनादेश का हवाला देते हुए सभी विभागों को अगस्त व सितंबर महीने में पत्र भेजकर आउटसोर्सिंग की रिक्तियां सीएलसी से भरने का निर्देश दिया था। इसके बाद विभिन्न विभागों की ओर से शहरी आजीविका मिशन की डिमांड आने लगे। पिछले माह नियुक्तियां भी हुईं। बावजूद अलग हटकर नगरपालिका ने पुराने ढर्रे पर कर्मचारी रखने का फरमान जारी कर दिया।


पर्याप्त संख्या में हैं कामगार
सीएलसी में नगरपालिका से संबंधित सभी पदों के लिए पर्याप्त संख्या में कामगार पंजीकृत हैं। करीब एक माह के भीतर 350 सफाईकर्मियों ने पंजीकरण कराया है। सीएलसी किसी भी विभाग को हर तरह के आउटसोर्सिंग कर्मचारी देने में सक्षम है।

- संतोष श्रीवास्तव, सीएलसी प्रबंधक


निरस्त होगा टेंडर
हर हाल में शासनादेश व डीएम के निर्देशों का पालन किया जाएगा। नगरपालिका की ओर से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भर्ती के लिए निकाला गया टेंडर निरस्त किया जाएगा। पालिका में आउटसोर्सिंग पद सीएलसी से ही भरे जाएंगे।
- सीताराम गुप्त, एडीएम, प्रभारी ईओ नगरपालिका
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