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पीडब्लूडी के कार्य का मनरेगा से तीन लाख का भुगतान
Updated Sun, 01 Oct 2017 10:27 PM IST
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रामपुर कारखाना (देवरिया)। लोक निर्माण विभाग के कार्य को अपना दिखाकर एक ग्राम पंचायत में मनरेगा से तीन लाख रुपये का भुगतान कर लिया गया है। जांच में इस घोटाले के लिए जिम्मेदार सेक्रेटरी, तकनीकी सहायक और ग्राम प्रधान से धन वसूल किया जाएगा। धन जमा नहीं करने पर तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगा। इसके अलावा सेक्रेटरी की सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि भी दर्ज की जाएगी।
विकास खंड के मुंडेरा मिश्र के ग्राम प्रधान और तत्कालीन सेक्रेटरी ने लोक निर्माण विभाग से गोरयाघाट सीवान से मुंडेरा मिश्र सीवान तक पटरी पर मिट्टी कार्य व उसकी सफाई कराने को अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की। लोक निर्माण विभाग ने मई 2016 में एनओसी दे दिया, लेकिन छह माह बाद भी ग्राम पंचायत द्वारा उक्त सड़क पर कोई कार्य नहीं कराया गया। इसी दौरान जर्जर सड़क की हालत देख तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक गजाला लारी ने सिरसिया से गोरयाघाट तक सड़क मरम्मत का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग से पास करा लिया। विभाग ने 74 लाख रुपए की लागत से जनवरी-फरवरी 2017 में उक्त सड़क का मरम्मत और पटरी पर मिट्टी का कार्य हुआ। इसका ठेकेदार को भुगतान विभाग ने कर दिया।
ग्राम पंचायत मुण्डेरा मिश्र ने भी जनवरी-फरवरी 2017 में मनरेगा से पटरी पर मिट्टी कार्य दिखा कर 2 लाख 95 हजार 75 रुपए का भुगतान कर लिया। इसकी शिकायत मुण्डेरा मिश्र निवासी अखिलेश मिश्रा ने जिला अधिकारी से की थी। जांच में बिना काम कराए तीन लाख के भुगतान की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर खण्ड विकास अधिकारी आलोक दत्त उपाध्याय ने फर्जी भुगतान के लिए जिम्मेदार तत्कालीन सेक्रेटरी अजय कुमार गुप्ता से 97 हजार, तकनीकी सहायक मनरेगा अवधेश मिश्र से 97 हजार और ग्राम प्रधान बैजनाथ यादव से एक लाख रुपए वसूल कराने की सिफारिश जिलाधिकारी से की है। सेक्रेटरी अजय कुमार गुप्ता पर पिछले सप्ताह ही अपात्र को आवास देने के मामले में 40 हजार की रिकवरी करने व प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने को कहा गया है।
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विकास खंड के मुंडेरा मिश्र के ग्राम प्रधान और तत्कालीन सेक्रेटरी ने लोक निर्माण विभाग से गोरयाघाट सीवान से मुंडेरा मिश्र सीवान तक पटरी पर मिट्टी कार्य व उसकी सफाई कराने को अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की। लोक निर्माण विभाग ने मई 2016 में एनओसी दे दिया, लेकिन छह माह बाद भी ग्राम पंचायत द्वारा उक्त सड़क पर कोई कार्य नहीं कराया गया। इसी दौरान जर्जर सड़क की हालत देख तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक गजाला लारी ने सिरसिया से गोरयाघाट तक सड़क मरम्मत का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग से पास करा लिया। विभाग ने 74 लाख रुपए की लागत से जनवरी-फरवरी 2017 में उक्त सड़क का मरम्मत और पटरी पर मिट्टी का कार्य हुआ। इसका ठेकेदार को भुगतान विभाग ने कर दिया।
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ग्राम पंचायत मुण्डेरा मिश्र ने भी जनवरी-फरवरी 2017 में मनरेगा से पटरी पर मिट्टी कार्य दिखा कर 2 लाख 95 हजार 75 रुपए का भुगतान कर लिया। इसकी शिकायत मुण्डेरा मिश्र निवासी अखिलेश मिश्रा ने जिला अधिकारी से की थी। जांच में बिना काम कराए तीन लाख के भुगतान की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर खण्ड विकास अधिकारी आलोक दत्त उपाध्याय ने फर्जी भुगतान के लिए जिम्मेदार तत्कालीन सेक्रेटरी अजय कुमार गुप्ता से 97 हजार, तकनीकी सहायक मनरेगा अवधेश मिश्र से 97 हजार और ग्राम प्रधान बैजनाथ यादव से एक लाख रुपए वसूल कराने की सिफारिश जिलाधिकारी से की है। सेक्रेटरी अजय कुमार गुप्ता पर पिछले सप्ताह ही अपात्र को आवास देने के मामले में 40 हजार की रिकवरी करने व प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने को कहा गया है।
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