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कूड़ा निस्तारण के लिए परसा जंगल में चिह्नित की गई जमीन
Updated Thu, 02 Aug 2018 10:59 PM IST
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कूडा स्थ्ाल
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। शहर से हर रोज निकलने वाले 70 टन कचरे के निस्तारण के लिए जमीन की तलाश पूरी हो गई है। औद्योगिक क्षेत्र परसा जंगल में साढ़े चार एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। यहीं पर रुद्रपुर नगर पंचायत के लिए भी डेढ़ एकड़ जमीन देखी गई है। उधर, भाटपाररानी नगर प्रशासन ने भी जमीन चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। तीनों निकायों में कूड़ा निस्तारण प्लांट का प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है। वहां से हरी झंडी मिलते ही जल्द ही इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
जिले के नगर पालिका और नगर पंचायतों में कूड़ा निस्तारण के लिए कोई स्थान नहीं है। इसकी वजह से घनी आबादी और सड़क पर कूड़ा लोगों को फेंकना पड़ता है। शहर के 25 वार्डों से हर रोज निकलने वाला करीब 70 टन कूड़ा गोरखपुर ओवरब्रिज या रुद्रपुर मोड़ के पास खुले में फेंका जा रहा है। इससे जहां सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को झटका लग रहा है, वहीं आबो-हवा भी प्रदूषित हो रही है। इसका संज्ञान लेते हुए शासन ने प्रत्येक निकाय में कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन की व्यवस्था करने या जरूरत पड़े तो खरीदने का निर्देश दिया। मझौलीराज नगर पंचायत को छोड़ अभी तक कोई भी नगर निकाय ने जमीन की व्यवस्था नहीं की गई। शासन की सख्ती के बाद अब रुद्रपुर तहसील के परसा जंगल में नगर पालिका देवरिया के लिए साढ़े चार एकड़ और रुद्रपुर नगर पंचायत के लिए डेढ़ एकड़ जमीन चिह्नित किया गया। भाटपाररानी नगर प्रशासन ने भी डेढ़ एकड़ जमीन की व्यवस्था कर लिया है। जिला प्रशासन ने स्वीकृति के लिए इसकी रिपोर्ट शासन को भेजा है। इस भूमि पर औद्योगिक विभाग कानपुर का स्वामित्व है। शासन की स्वीकृति के बाद दोनों निकाय इस जमीन की खरीदारी करेंगे। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि जमीन की व्यवस्था करने के लिए सभी नगर पंचायत व नगर पालिका प्रशासन को निर्देश दिया गया है। औद्योगिक क्षेत्र परसा जंगल में देवरिया नगर पालिका और रुद्रपुर नगर पंचायत के लिए जमीन चिह्नित कर शासन को रिपोर्ट भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इन निकायों में अभी तलाश जारी
जिले में कुल 11 नगर निकाय हैं। देवरिया और गौरा-बरहज नगर पालिका के अलावा रामपुर कारखाना, बरियारपुर, गौरीबाजार, सलेमपुर, लार, भटनी, मझौलीराज, भाटपाररानी नगर पंचायत हैं। इसमें अब तक सिर्फ चार निकायों में ही जमीन की तलाश पूरी हो पाई है। मझौलीराज में तो निर्माण भी शुरू हो गया है। अन्य निकाय इस मामले में अब भी पीछे हैं।
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जिले के नगर पालिका और नगर पंचायतों में कूड़ा निस्तारण के लिए कोई स्थान नहीं है। इसकी वजह से घनी आबादी और सड़क पर कूड़ा लोगों को फेंकना पड़ता है। शहर के 25 वार्डों से हर रोज निकलने वाला करीब 70 टन कूड़ा गोरखपुर ओवरब्रिज या रुद्रपुर मोड़ के पास खुले में फेंका जा रहा है। इससे जहां सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को झटका लग रहा है, वहीं आबो-हवा भी प्रदूषित हो रही है। इसका संज्ञान लेते हुए शासन ने प्रत्येक निकाय में कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन की व्यवस्था करने या जरूरत पड़े तो खरीदने का निर्देश दिया। मझौलीराज नगर पंचायत को छोड़ अभी तक कोई भी नगर निकाय ने जमीन की व्यवस्था नहीं की गई। शासन की सख्ती के बाद अब रुद्रपुर तहसील के परसा जंगल में नगर पालिका देवरिया के लिए साढ़े चार एकड़ और रुद्रपुर नगर पंचायत के लिए डेढ़ एकड़ जमीन चिह्नित किया गया। भाटपाररानी नगर प्रशासन ने भी डेढ़ एकड़ जमीन की व्यवस्था कर लिया है। जिला प्रशासन ने स्वीकृति के लिए इसकी रिपोर्ट शासन को भेजा है। इस भूमि पर औद्योगिक विभाग कानपुर का स्वामित्व है। शासन की स्वीकृति के बाद दोनों निकाय इस जमीन की खरीदारी करेंगे। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि जमीन की व्यवस्था करने के लिए सभी नगर पंचायत व नगर पालिका प्रशासन को निर्देश दिया गया है। औद्योगिक क्षेत्र परसा जंगल में देवरिया नगर पालिका और रुद्रपुर नगर पंचायत के लिए जमीन चिह्नित कर शासन को रिपोर्ट भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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इन निकायों में अभी तलाश जारी
जिले में कुल 11 नगर निकाय हैं। देवरिया और गौरा-बरहज नगर पालिका के अलावा रामपुर कारखाना, बरियारपुर, गौरीबाजार, सलेमपुर, लार, भटनी, मझौलीराज, भाटपाररानी नगर पंचायत हैं। इसमें अब तक सिर्फ चार निकायों में ही जमीन की तलाश पूरी हो पाई है। मझौलीराज में तो निर्माण भी शुरू हो गया है। अन्य निकाय इस मामले में अब भी पीछे हैं।
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