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डीएम ने कुपोषण से हुई मौतों की कराई जांच 17-15-19
Updated Mon, 13 Nov 2017 10:26 PM IST
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देवरिया। लार के गयागिर में ढाई घंटे के भीतर कुपोषण से दो मासूमों की हुई मौत की डीएम सुजीत कुमार ने सलेमपुर के एसडीएम जांच कराई। जांच रिपोर्ट में दोनों मासूमों की मौत का कारण पीलिया बताया है। सीएमओ ने भी अपनी आख्या में पीलिया पीड़ित बताया है।
डीएम ने एक विज्ञप्ति के जरिए बताया कि पशुपति की सात वर्षीय बेटी खुशबू और पांच वर्षीय बेटे अजय की मौत कुपोषण या भूखमरी से नहीं हुई है। पीलिया से पीड़ित होने के कारण दोनों बच्चों की मौत हुई है। जांच में यह भी पाया गया है कि 2010 पशुपति को सरकारी आवास दिया गया है। कोटेदार से 50-50 किलो गेहूं और चावल उसे उपलब्ध करा दिया गया है। पल्लेदारी करने वाले पशुपति पर दुखों का पहाड़ तब टूट पड़ा था, जब करीब 20 दिन पहले तबीयत खराब होने से दोनों बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे थे। मेडिकल कॉलेज से लगायत जिला अस्पताल तक उपचार कराया, लेकिन गुरुवार को ढाई घंटे के अंतराल में दोनों की मौत हो गई। रविवार को मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। सलेमपुर के एसडीएम घनश्याम से जांच कराई। डीएम ने बताया कि दोनों बच्चों के अभिभावक यदि लिखित पोस्टमार्टम कराने की मांग करेंगे तो जरूर कराया जाएगा। शासन को भी रिपोर्ट भेज दी गई है। दोनों बच्चे एक माह से बीमार थे। डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार दोनों को पीलिया हुआ था। सीएमओ ने रिपोर्ट में कहा है कि दोनों बच्चे को पिता पशुपति सीएचसी लार में ओपीडी में दिखाने ले गया था। दोनों पीलिया से गंभीर रूप से ग्रस्त थे।
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डीएम ने एक विज्ञप्ति के जरिए बताया कि पशुपति की सात वर्षीय बेटी खुशबू और पांच वर्षीय बेटे अजय की मौत कुपोषण या भूखमरी से नहीं हुई है। पीलिया से पीड़ित होने के कारण दोनों बच्चों की मौत हुई है। जांच में यह भी पाया गया है कि 2010 पशुपति को सरकारी आवास दिया गया है। कोटेदार से 50-50 किलो गेहूं और चावल उसे उपलब्ध करा दिया गया है। पल्लेदारी करने वाले पशुपति पर दुखों का पहाड़ तब टूट पड़ा था, जब करीब 20 दिन पहले तबीयत खराब होने से दोनों बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे थे। मेडिकल कॉलेज से लगायत जिला अस्पताल तक उपचार कराया, लेकिन गुरुवार को ढाई घंटे के अंतराल में दोनों की मौत हो गई। रविवार को मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। सलेमपुर के एसडीएम घनश्याम से जांच कराई। डीएम ने बताया कि दोनों बच्चों के अभिभावक यदि लिखित पोस्टमार्टम कराने की मांग करेंगे तो जरूर कराया जाएगा। शासन को भी रिपोर्ट भेज दी गई है। दोनों बच्चे एक माह से बीमार थे। डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार दोनों को पीलिया हुआ था। सीएमओ ने रिपोर्ट में कहा है कि दोनों बच्चे को पिता पशुपति सीएचसी लार में ओपीडी में दिखाने ले गया था। दोनों पीलिया से गंभीर रूप से ग्रस्त थे।
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