उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों के कांग्रेसी नेता कर चुके हैं पार्टी छोड़ने का फैसला, दूसरे दलों के संपर्क में
कांग्रेस पार्टी के टिकट से कई बार विधायक रहे सूत्र का कहना है कि पत्र में एमएलसी रहे सिराज मेंहदी का भी नाम है, जिन्हें पार्टी ने कई अच्छे अवसर दिए हैं। मेंहदी को बताना चाहिए कि उन्होंने पार्टी को अब तक क्या दिया है?
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कांग्रेस पार्टी के उत्तर प्रदेश से आने वाले कुछ बड़े नेता दूसरे दलों के संपर्क में हैं। पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं से मिली सूचना के मुताबिक ये नेता कांग्रेस को ऐसे कठिन दौर में कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं, ताकि वह दूसरे दल में खुद के लिए अच्छी सौदेबाजी कर सकें। पार्टी के एक प्रदेश पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि एक नेता द्वारा ब्राह्मणों से लगातार किया जा रहा संपर्क भी इसी का हिस्सा है। बताते हैं बसपा नेता मायावती, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव दोनों की निगाह ब्राह्मण समाज पर टिकी हैं। जल्द ही यह सूचना हकीकत में देखने को मिल सकती है। सूत्र का कहना है कि दूसरे राज्य के कुछ नेता भी इसी तरह के प्रयास में हैं।
इन नेताओं ने भी लिखा पत्र
दो सितंबर को प्रदेश के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। इसमें सिराज मेंहदी जैसे नेता भी शामिल हैं। कांग्रेस पार्टी के टिकट से कई बार विधायक रहे सूत्र का कहना है कि सिराज मेंहदी एमएलसी रहे हैं। उन्हें पार्टी ने कई अच्छे अवसर दिए हैं। सिराज मेंहदी को बताना चाहिए कि उन्होंने पार्टी को अब तक क्या दिया है?
हालांकि इस पत्र में पूर्व सांसद, प्रदेश उपाध्यक्ष (पूर्व) संतोष सिंह, पूर्व मंत्री, चेयरमैन, सत्यदेव त्रिपाठी और पूर्व विधायक मधुर नारायण मिश्रा का भी नाम है। कांग्रेस के नेता नेकचंद्र पांडे, राजेंद्र सिंह सोलंकी और विनोद चौधरी ने भी कांग्रेस अध्यक्ष को संगठनात्मक सुधार के लिए पत्र लिखा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एक नेता को सांसद मनीष तिवारी के पत्र लिखने पर भी बड़ी हैरानी हो रही है। इस पत्र में जतिन प्रसाद का नाम होना भी खटक रहा है। जतिन प्रसाद के बारे में सूत्र का कहना है कि पिता जितेंद्र प्रसाद के विरासत की राजनीति के सिवा उन्होंने किया ही क्या है? वह गुलाम नबी आजाद तो हैं नहीं।
प्रियंका गांधी वाड्रा को डुबाना है मकसद
पिछले चार दशक से उत्तर प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय नेता का कहना है कि कांग्रेस के भीतर पार्टी को डुबाने की साजिश चल रही है। इसी में से कुछ लोग कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखी गई चिट्ठी बम का हिस्सा हैं। सूत्र का कहना है कि पहले दशक से जो लोग प्रियंका गांधी वाड्रा को सक्रिय राजनीति में लाने की वकालत कर रहे थे, उन्हीं में से कुछ लोग अब कांग्रेस पार्टी का साथ नहीं देना चाहते।
प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में अपना एक राजनीतिक रसूख रखने वाले सूत्र के मुताबिक निश्चित रूप से कांग्रेस पार्टी संक्रमण के दौर से गुजर रही है। लेकिन अफसोस इसका है कि जिन लोगों ने यूपीए-1 और यूपीए-2 सरकार में कांग्रेस पार्टी के भीतर अच्छी मलाई खाई, उन्हें ही कांग्रेस हजम नहीं हो पा रही है। इनसे पूछा जाना चाहिए कि 2014 से 2020 के बीच में ऐसे लोगों का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को आगे बढ़ाने में क्या योगदान है।
सब गुलाम नबी, सिब्बल, आनंद शर्मा नहीं हैं
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेता का कहना है कि पार्टी छोड़कर दूसरे दल में अपना भविष्य तलाशने वाले सभी नेताओं की तुलना आप गुलाम नबी आजाद, मुकुल वासनिक, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल से नहीं करते। सभी नेताओं के पास पार्टी से नाराजगी का केवल एक साझा कारण नहीं हो सकता। कभी कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति करने वाले नेताओं का तारा रहे सूत्र का कहना है कि यह तो कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष को गंभीरता से सोचना पड़ेगा। बड़ा सवाल है कि आखिर पार्टी का काफिला लुटा कहां? वह सवाल पूछते हैं कि पार्टी संगठन में बदलाव को लेकर इतनी बड़ी आंतरिक पहल के लिए यह समय ही क्यों चुना गया? वरिष्ठ नेता ने कहा कि आखिर बदलाव से कौन इंकार कर रहा है, लेकिन क्या इस तरह से पार्टी को कमजोर करके होने वाला बदलाव भी सफल हो पाएगा? तो फिर मनोबल गिराने की कोशिश का अर्थ क्या है।
गोरखपुर से गाजियाबाद तक सक्रिय हैं प्रियंका
प्रदेश कांग्रेस के कभी चमकते सितारे रहे सूत्र का कहना है कि अभी कांग्रेस का सूरज अस्त नहीं हुआ है। प्रदेश की जनता काफी नाराज है और 2022 में किस करवट बैठेगी, अभी कहना मुश्किल है। वरिष्ठ नेता के मुताबिक कोई भले न माने, लेकिन उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विरोधी लहर पैदा करने में प्रियंका गांधी वाड्रा का बहुत बड़ा हाथ है। वह गाजियाबाद से लेकर गोरखपुर तक लगातार सक्रिय हैं। मुरादाबाद से लेकर इलाहाबाद तक कोई मुद्दा नहीं छोड़तीं। आगरा से लेकर बनारस तक उन्होंने कांग्रेस संगठन को जीवित करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। अभी आगे भी उठा रही हैं। नौजवान कार्यकर्ताओं को मौका दे रही हैं। मेरे ख्याल में जो भी कांग्रेस पार्टी में हैं, उन्हें साथ देना चाहिए।