मैनपुरी में आगजनी, सांप्रदायिक बवाल, फोर्स तैनात
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भोगांव के कस्बा आलीपुर खेड़ा में एक लड़की को फुसलाकर ले जाने की घटना ने सांप्रदायिक रंग ले लिया। मंगलवार को एक समुदाय के लोगों ने बैठक कर दूसरे वालों के सामाजिक बहिष्कार का ऐलान किया। एक खोखे में आगजनी के बाद दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। फोर्स ने फ्लैग मार्च भी किया।
सांप्रदायिक तनाव की वजह बनी घटना 26 जून की है। एक किशोरी के घरवालों ने दूसरे समुदाय के युवक और उसके घरवालों के खिलाफ उसे फुसला कर ले जाने की रिपोर्ट लिखाई थी। गत दिनों किशोरी हाईकोर्ट में इस याचिका के साथ पेश हुई कि ‘वह बालिग है। अपनी मर्जी से युवक के साथ गई और शादी कर ली है। उसे सुरक्षा दी जाए।’
हाईकोर्ट के आदेश पर वह तीन दिन पहले स्थानीय अदालत में बयान कराने मैनपुरी आई। पुलिस ने उसे सोमवार को एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में पेश किया। तब भी कचहरी में दोनों पक्षों की भीड़ का टकराव रोकने को फोर्स लगानी पड़ी थी। अदालत ने बयान दर्ज कर 24 जुलाई की तारीख दी। किशोरी को पुलिस अभिरक्षा में महिला थाने में रखा गया है।
फोर्स के साथ कैंप कर रहे एसपी
मंगलवार की दोपहर तकरीबन एक बजे लड़की पक्ष के समर्थन में उसके समुदाय के लोगों ने बैठक की और पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। दूसरे समुदाय के लोगों के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा भी की गई।
तभी वहां कुछ एक समाचार पत्र का संवाददाता की, जो दूसरे समुदाय का है, कुछ लोगों से कहासुनी हो गई। उन्होंने संवाददाता की पिटाई कर दी। फिर लगभग साढ़े तीन बजे गढ़िया तिराहे इसी समुदाय के एक व्यक्ति के खोखे में आग लगा दी गई। इससे हंगामा और बढ़ गया। दोनों ओर से बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
टकराव से पहले ही सीओ और एसडीएम भोगांव पुलिस व पीएसी के साथ पहुंच गए। हलांकि तब भी दोनों ओर के लोग आमने-सामने डटे हुए थे। देर शाम तक एसपी कस्बे में कैंप किए हुए थे। उन्होंने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने पर चौकी इंचार्ज आलीपुरखेड़ा को थाने से संबद्ध कर दिया गया है। तनाव फैलाने वालों को चिह्नित किया जा रहा है।