{"_id":"5a0b2b684f1c1bd1408b6907","slug":"wine-distilleries-flowing-around-the-city","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के आस पास धड़ल्ले से धधक रहीं शराब की भट्टियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के आस पास धड़ल्ले से धधक रहीं शराब की भट्टियां
चित्रकूट
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:14 PM IST
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मुख्यालय के समीप कुली तलैया गांव में नदी किनारे के एक घर में बनती शराब।
- फोटो : amarujala
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सुधीर अग्रवाल
चित्रकूट। वैसे तो चुनाव आते ही शराब की मांग बढ़ जाती है इसलिए प्रत्याशी से लेकर समर्थक वोटरों को लुभाने के लिए देशी अंग्रेजी व अन्य क्वालिटी की शराब उपलब्ध कराते हैं। चुनाव आयोग के कड़े निर्देश के बाद जिला प्रशासन चुनाव क्षेत्र के आस पास शराब बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम है। क्योंकि शहर में न सही लेकिन इससे सटे इलाकों में धड़ल्ले से देशी शराब का निर्माण और बिक्री का धंधा जारी है। और जिला प्रशासन, आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन ने आंखे मूंद रखी हैं।
सूत्र बताते है कि चुनाव आते ही देशी शराब बनाने और बेचने का काम अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाता है और ये माफिया अपने आकाओं से मिलकर अधिकारियों को मोटी रकम पहुचाते हैं। हालांकि प्रशासन भी कड़ाई के चलते बीच- बीच में शराब की छोटी मोटी कार्रवाई करके अपनी कॉलर साफ रखते ह
इसका सबूत भी यही है कि जब से चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव की अधिसूचना लगाई है तब से महज 15 दिनों के अंदर पुलिस ने अबतक प्रभावी कार्रवाई भी की है। रिकार्ड के अनुसार अभीतक एक हजार लीटर से ज्यादा की शराब के साथ 52 लोगों को पकड़ा गया है। कई स्थानों पर छापेमारी भी की गई है। जिसमें 17 भट्टियां व कई कुंतल लहन नष्ट किया जा चुका है। सवाल यही है कि आखिर इन प्रभावी कार्रवाई के बाद भी शहर के ही आस पास धड़ल्ले से शराब की भट्टियां धधक रहीं हैं। इन दिनों तो चुनावी बयार होने से इसकी मांग बढ़ गई है। प्रतिदिन पुलिस कई स्थानों से शराब के साथ लोगों को पकड़ती है लेकिन अगले दिन फिर शराब की बिक्री उसी तरह होती है।
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समाजसेवी आलोक द्विवेदी व अजीत सिंह ने बताया कि देशी शराब खासकर इस क्षेत्र में जो बनती है वह सस्ती होती है। चुनाव में इसकी मांग बढ़ने से प्रत्याशी व उनके समर्थक अपने खास लोगों के लिए ज्यादा शराब की मांग पूरी करते हैं। ऐसे में इसी शराब की खपत कराई जाती है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने बताया कि लगातार शराब बनाने वालों के यहंा छापेमारी की जाती है। इस काम में आबकारी विभाग ने कुछ स्थानों की सूची दी है। उन्हीं स्थानों से शराब बनाते समय लोगों को पकड़ा जाएगा।
चित्रकूट। वैसे तो चुनाव आते ही शराब की मांग बढ़ जाती है इसलिए प्रत्याशी से लेकर समर्थक वोटरों को लुभाने के लिए देशी अंग्रेजी व अन्य क्वालिटी की शराब उपलब्ध कराते हैं। चुनाव आयोग के कड़े निर्देश के बाद जिला प्रशासन चुनाव क्षेत्र के आस पास शराब बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम है। क्योंकि शहर में न सही लेकिन इससे सटे इलाकों में धड़ल्ले से देशी शराब का निर्माण और बिक्री का धंधा जारी है। और जिला प्रशासन, आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन ने आंखे मूंद रखी हैं।
सूत्र बताते है कि चुनाव आते ही देशी शराब बनाने और बेचने का काम अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाता है और ये माफिया अपने आकाओं से मिलकर अधिकारियों को मोटी रकम पहुचाते हैं। हालांकि प्रशासन भी कड़ाई के चलते बीच- बीच में शराब की छोटी मोटी कार्रवाई करके अपनी कॉलर साफ रखते ह
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इसका सबूत भी यही है कि जब से चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव की अधिसूचना लगाई है तब से महज 15 दिनों के अंदर पुलिस ने अबतक प्रभावी कार्रवाई भी की है। रिकार्ड के अनुसार अभीतक एक हजार लीटर से ज्यादा की शराब के साथ 52 लोगों को पकड़ा गया है। कई स्थानों पर छापेमारी भी की गई है। जिसमें 17 भट्टियां व कई कुंतल लहन नष्ट किया जा चुका है। सवाल यही है कि आखिर इन प्रभावी कार्रवाई के बाद भी शहर के ही आस पास धड़ल्ले से शराब की भट्टियां धधक रहीं हैं। इन दिनों तो चुनावी बयार होने से इसकी मांग बढ़ गई है। प्रतिदिन पुलिस कई स्थानों से शराब के साथ लोगों को पकड़ती है लेकिन अगले दिन फिर शराब की बिक्री उसी तरह होती है।
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समाजसेवी आलोक द्विवेदी व अजीत सिंह ने बताया कि देशी शराब खासकर इस क्षेत्र में जो बनती है वह सस्ती होती है। चुनाव में इसकी मांग बढ़ने से प्रत्याशी व उनके समर्थक अपने खास लोगों के लिए ज्यादा शराब की मांग पूरी करते हैं। ऐसे में इसी शराब की खपत कराई जाती है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने बताया कि लगातार शराब बनाने वालों के यहंा छापेमारी की जाती है। इस काम में आबकारी विभाग ने कुछ स्थानों की सूची दी है। उन्हीं स्थानों से शराब बनाते समय लोगों को पकड़ा जाएगा।